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March 13 2026 04:07 pm

झारखंड के 155 IAS अधिकारियों ने घोषित की अपनी संपत्ति करोड़ों के बंगले, जमीन और निवेश का हुआ खुलासा

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News India Live, Digital Desk: झारखंड कैडर के प्रशासनिक गलियारों में पारदर्शिता की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य के 155 आईएएस (IAS) अधिकारियों ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अपनी अचल संपत्ति का विवरण (IPR - Immovable Property Return) सार्वजनिक कर दिया है। कार्मिक विभाग द्वारा जारी इस सूची में अधिकारियों के पास मौजूद जमीन, मकान, फ्लैट और अन्य निवेशों की विस्तृत जानकारी दी गई है।

संपत्ति घोषणा की मुख्य बातें

केंद्र और राज्य सरकार के नियमों के मुताबिक, हर साल आईएएस अधिकारियों को अपनी संपत्ति का ब्यौरा देना अनिवार्य होता है। इस बार की सूची में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं:

करोड़ों की अचल संपत्ति: सूची में शामिल कई वरिष्ठ अधिकारियों के पास रांची, दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और पटना जैसे प्रमुख शहरों में महंगे फ्लैट और प्लॉट हैं।

विरासत और स्व-अर्जित: कई अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि उनकी अधिकांश संपत्ति पैतृक (Inherited) है, जबकि कुछ ने अपने सेवा काल के दौरान खरीदे गए फ्लैट्स और निवेश की जानकारी दी है।

शून्य संपत्ति वाले अधिकारी: दिलचस्प बात यह है कि इस लिस्ट में कुछ ऐसे युवा आईएएस अधिकारी भी शामिल हैं, जिन्होंने अपनी अचल संपत्ति 'शून्य' (Nil) घोषित की है।

प्रमुख अधिकारियों की संपत्ति पर एक नजर (झलक)

हालांकि सूची लंबी है, लेकिन शासन के महत्वपूर्ण पदों पर बैठे कुछ चेहरों की संपत्ति चर्चा का विषय बनी हुई है:

वरिष्ठ सचिव स्तर के अधिकारी: इनके पास रांची के पॉश इलाकों (जैसे अशोक नगर, बरियातू) में आलीशान मकान और अन्य राज्यों में कमर्शियल संपत्तियां हैं।

जिलाधिकारी (DC): विभिन्न जिलों के तैनात डीसी ने भी अपने होम टाउन और वर्तमान निवेशों का पूरा ब्यौरा पोर्टल पर अपलोड किया है।

पारदर्शिता और जवाबदेही

सरकार का मानना है कि संपत्ति सार्वजनिक करने से भ्रष्टाचार पर लगाम लगती है और जनता का प्रशासनिक व्यवस्था पर भरोसा बढ़ता है। जिन अधिकारियों ने अब तक अपनी संपत्ति घोषित नहीं की है, उन्हें कार्मिक विभाग की ओर से नोटिस जारी कर जल्द से जल्द विवरण देने को कहा गया है।

कैसे देखें पूरी लिस्ट?

झारखंड के इन 155 अधिकारियों की संपत्ति का विस्तृत ब्यौरा कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या केंद्र सरकार के SPARROW पोर्टल पर देखा जा सकता है।