दिल्ली से देहरादून अब नॉन-स्टॉप! 18 KM 'हवा में' होगा सफर, दिवाली पर खुलने जा रहा है नया एक्सप्रेसवे
दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के लोगों के लिए दिवाली का सबसे बड़ा तोहफा तैयार हो रहा है। घंटों लंबे ट्रैफिक जाम और धीमी रफ्तार से अब हमेशा के लिए छुटकारा मिलने वाला है, क्योंकि 212 किलोमीटर लंबा दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे लगभग बनकर तैयार हो चुका है।
सड़क परिवहन मंत्रालय के मुताबिक, इस एक्सप्रेसवे का ट्रायल रन भी शुरू हो गया है और इसे नवंबर तक जनता के लिए खोलने की पूरी तैयारी है। यह एक्सप्रेसवे न सिर्फ दो राज्यों की दूरी कम करेगा, बल्कि लाखों लोगों के सफर करने का तरीका भी बदल देगा।
कहां से कहां तक जाएगा यह शानदार एक्सप्रेसवे?
यह नया एक्सप्रेसवे दिल्ली के अक्षरधाम से शुरू होकर यूपी के खेकड़ा, शामली, और सहारनपुर जैसे शहरों से होते हुए सीधे देहरादून तक जाएगा। इसके शुरू हो जाने के बाद दिल्ली से देहरादून का सफर नॉन-स्टॉप और बेहद आरामदायक हो जाएगा।
18 किलोमीटर का सफर होगा 'हवा में'!
इस एक्सप्रेसवे की सबसे खास और रोमांचक बात है इसका शुरुआती हिस्सा।
- दिल्ली के अक्षरधाम से लेकर यूपी के लोनी बॉर्डर तक का 18 किलोमीटर का हिस्सा पूरी तरह से एलिवेटेड है, यानी यह जमीन से ऊपर बनाया गया है।
- इसका मतलब है कि इस 18 किलोमीटर के सफर में आपकी गाड़ी जमीन से ऊपर, एक एलिवेटेड रोड पर बिना किसी ट्रैफिक लाइट या रुकावट के दौड़ेगी।
दिल्ली वालों के लिए खास सौगात
यह एक्सप्रेसवे पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली के साथ-साथ नोएडा में रहने वाले लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
- इसके चालू हो जाने के बाद, अक्षरधाम से यूपी बॉर्डर तक पहुंचने में महज 15 मिनट का समय लगेगा।
- जो लोग अभी तक जाम से जूझते हुए घंटों में यह दूरी तय करते थे, वे अब फर्राटे भरते हुए निकल सकेंगे।
कब से शुरू होगा यह सफर?
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने बताया है कि एक्सप्रेसवे का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। कुछ छोटी-मोटी तकनीकी खामियों को तेजी से दूर किया जा रहा है, ताकि दिवाली के आसपास इसे आम लोगों के लिए खोला जा सके।
यह 6-लेन का एक्सप्रेसवे है, जिसके साथ-साथ 6-लेन की सर्विस रोड भी बनाई गई है, ताकि एक्सप्रेसवे के आसपास रहने वाले स्थानीय लोगों को भी आने-जाने में कोई परेशानी न हो।
यह एक्सप्रेसवे न सिर्फ यात्रा के समय को घटाएगा, बल्कि पश्चिमी यूपी और उत्तराखंड में पर्यटन और व्यापार के नए रास्ते भी खोलेगा, जिससे रोजगार के ढेरों अवसर पैदा होंगे।