शिवकार्तिकेयन का यह अवतार नहीं देखा होगा ,पराशक्ति के ट्रेलर में अपनी भाषा के लिए जंग लड़ते दिखे SK
News India Live, Digital Desk: साउथ सिनेमा के चहेते सितारे शिवकार्तिकेयन अब अपनी 'लवर बॉय' वाली छवि को तोड़कर एक ऐसे रूप में सामने आए हैं, जिसे देखकर फैंस हैरान हैं। उनकी आने वाली फिल्म 'पराशक्ति' (Parasakthi) का ट्रेलर रिलीज हो गया है, और सच मानिए, यह सिर्फ एक ट्रेलर नहीं, बल्कि इमोशन्स और गुस्से का एक ज्वालामुखी है।
कहानी 1960 के दशक की
फिल्म की कहानी हमें 1960 के उस दौर में ले जाती है, जब भारत (खासकर दक्षिण भारत) में भाषाओं को लेकर राजनीति चरम पर थी। यह वह समय था जब लोग अपनी मातृभाषा और पहचान को बचाने के लिए सड़कों पर उतर आए थे। ट्रेलर में दिखाया गया है कि कैसे एक आम आदमी सिस्टम और 'भाषा की राजनीति' के खिलाफ खड़ा हो जाता है।
शिवकार्तिकेयन का उग्र रूप
आमतौर पर हम शिवकार्तिकेयन को हंसते-मुस्कुराते और डांस करते देखते हैं। लेकिन इस फिल्म में उनकी आंखों में आग है। वह एक जन-नेता की तरह भीड़ का नेतृत्व कर रहे हैं, पुलिस से भिड़ रहे हैं और अपनी संस्कृति के लिए खून बहाने को तैयार हैं। ट्रेलर का हर एक सीन बताता है कि इस फिल्म में इमोशन कूट-कूट कर भरा है।
क्यों खास है यह फिल्म?
- इतिहास से जुड़ाव: यह फिल्म सच्ची घटनाओं और उस दौर के संघर्षों से प्रेरित लगती है, जो दर्शकों (खासकर तमिल दर्शकों) के दिलों को सीधे छुएगी।
- मास अपील: डायलॉग्स, बैकग्राउंड म्यूजिक और शिवकार्तिकेयन का एक्शन—सब कुछ 'मास' है।
- प्रोडक्शन: फिल्म में 60 के दशक का सेट, गाड़ियां और कपड़े बहुत बारीकी से दिखाए गए हैं, जो इसे विजुअली (Visually) शानदार बनाते हैं।
फैंस का रिएक्शन
ट्रेलर आते ही सोशल मीडिया पर #Parasakthi ट्रेंड कर रहा है। लोग कह रहे हैं कि यह शिवकार्तिकेयन के करियर की सबसे बड़ी और गंभीर फिल्म साबित हो सकती है। जो लोग अब तक उन्हें सिर्फ कॉमेडी हीरो मानते थे, यह फिल्म उनकी सोच बदल देगी।
कुल मिलाकर, 'पराशक्ति' का ट्रेलर एक वादे के साथ आया है—मनोरंजन के साथ-साथ एक दमदार कहानी, जो आपको सोचने पर मजबूर कर देगी कि अपनी भाषा सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि 'पहचान' होती है।