"आप भगवान से भी बढ़कर हैं,"... शिक्षक दिवस पर प्रयागराज के 513 गुरुओं को डिप्टी सीएम ने किया सम्मानित
शिक्षक दिवस के मौके पर प्रयागराज के जिला पंचायत सभागार में एक खास कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जहाँ माहौल तालियों की गड़गड़ाहट और सम्मान से भरा हुआ था। इस मौके पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने खुद पहुँचकर शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन काम करने वाले 513 शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
यह कार्यक्रम सिर्फ एक सम्मान समारोह नहीं था, बल्कि यह उन गुरुओं के प्रति आभार जताने का एक मौका था, जो चुपचाप देश का भविष्य गढ़ रहे हैं।
प्रयागराज 'पूरब का ऑक्सफोर्ड' है और आप उसकी नींव हैं - डिप्टी सीएम
शिक्षकों को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, "हमारे शास्त्रों में गुरु का स्थान भगवान से भी ऊपर बताया गया है, और यह बिल्कुल सच है। आप ही वो नींव डालते हैं, जिस पर एक मजबूत राष्ट्र की इमारत खड़ी होती है।" उन्होंने प्रयागराज की गौरवशाली विरासत को याद करते हुए कहा कि इस शहर को यूँ ही 'पूरब का ऑक्सफोर्ड' नहीं कहा जाता। यह हमेशा से प्रतिभाओं का केंद्र रहा है और इस पहचान को बनाए रखने का श्रेय यहाँ के शिक्षकों को ही जाता है।
चाँद पर तिरंगे से लेकर विकसित भारत तक... सबमें आपकी भूमिका
डिप्टी सीएम ने शिक्षकों के योगदान को देश की बड़ी उपलब्धियों से जोड़ते हुए कहा, "आज हमारा मुकाबला सिर्फ देश के दूसरे राज्यों से नहीं, बल्कि दुनिया के शीर्ष देशों से है। चाहे अंतरिक्ष में फहराता हमारा तिरंगा हो या चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर दुनिया में सबसे पहले पहुँचने का कीर्तिमान, यह सब तभी संभव हुआ है जब आपने अपनी कक्षाओं में बेहतरीन प्रतिभाओं को तराशा है।" उन्होंने गगनयान मिशन के अंतरिक्षयात्री, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री के उस सपने को भी साझा किया, जिसमें भारत का अपना स्पेस स्टेशन होगा।
टीचरों को दी 'विकसित भारत' बनाने की जिम्मेदारी
उन्होंने शिक्षकों से अपील करते हुए कहा कि 2047 तक भारत को एक विकसित और भ्रष्टाचार मुक्त राष्ट्र बनाने के इस महायज्ञ में आपकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने शिक्षकों को कुछ बड़ी जिम्मेदारियां भी याद दिलाईं:
- बच्चों को 'स्वदेशी' यानी भारत में बने सामानों का उपयोग करने के लिए प्रेरित करें।
- उन्हें सिखाएं कि मोबाइल फोन का इस्तेमाल अच्छे कामों और पढ़ाई के लिए कैसे किया जा सकता है।
- छात्रों में ऐसे संस्कार डालें कि वे बड़े होकर देश के विकास में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दें।
डिप्टी सीएम ने यह भी विश्वास दिलाया कि 'डबल इंजन' की सरकार के लिए शिक्षा और शिक्षक हमेशा से सर्वोच्च प्राथमिकता में रहे हैं और शिक्षकों की जो भी समस्याएं हैं, सरकार उनके समाधान के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
इस कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष से लेकर कई विधायक और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे, लेकिन आज का दिन पूरी तरह से उन 513 शिक्षकों के नाम था, जिनकी मेहनत को मंच पर सम्मानित किया गया।