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April 27 2026 06:54 pm

योगी की पाती यूपी बोर्ड में असफल छात्रों के लिए सीएम योगी का भावुक संदेश कोई रिजल्ट अंतिम नहीं होता

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News India Live, Digital Desk: यूपी बोर्ड (10वीं और 12वीं) के नतीजे घोषित होने के कुछ दिनों बाद, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छात्रों के नाम एक विशेष पत्र लिखा है। "योगी की पाती" शीर्षक से लिखे गए इस पत्र में मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से उन छात्र-छात्राओं का हौसला बढ़ाया है जो परीक्षा में सफल नहीं हो पाए या उम्मीद के मुताबिक अंक हासिल नहीं कर सके।

पत्र का मुख्य संदेश: 'चरैवेति-चरैवेति' (चलते रहो, चलते रहो)

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में निराशा को दूर करने के लिए 'चरैवेति-चरैवेति' का मंत्र दिया है। पत्र की प्रमुख बातें निम्नलिखित हैं:

सफलता और असफलता एक ही सिक्के के दो पहलू: सीएम ने लिखा, "सफलता हमें उत्साहित करती है, लेकिन असफलता से निराशा घर कर सकती है। हमें इसी निराशा को त्याग कर आगे बढ़ना है। सफलता और असफलता जीवन के अंग हैं।"

सोना तपकर ही कुंदन बनता है: छात्रों को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी परिणाम जीवन का पहला या अंतिम नहीं होता। यह केवल एक नए आरंभ का अवसर है। उन्होंने थॉमस अल्वा एडिसन (बिजली के बल्ब के आविष्कारक) और महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे बार-बार की असफलताओं के बाद ही बड़ी उपलब्धियां हासिल होती हैं।

अभिभावकों से अपील: सीएम योगी ने माता-पिता से विशेष आग्रह किया है कि वे असफल बच्चों को डांटने के बजाय उनका साथ दें और उनकी रुचि को समझने का प्रयास करें।

यूपी बोर्ड 2026 के नतीजों पर एक नजर

23 अप्रैल 2026 को घोषित हुए नतीजों में इस वर्ष का प्रदर्शन काफी सराहनीय रहा है:

हाईस्कूल (10वीं): पास प्रतिशत 89.55% रहा।

इंटरमीडिएट (12वीं): पास प्रतिशत 82.60% रहा।

टॉपर: इस बार भी मेधावियों की सूची में बेटियों का दबदबा रहा है।

क्यों लिखा सीएम ने यह पत्र?

रिपोर्ट्स के अनुसार, परिणाम आने के बाद कुछ छात्रों द्वारा उठाए गए नकारात्मक और आत्मघाती कदमों की खबरों से मुख्यमंत्री आहत थे। इसी संवेदनशीलता को देखते हुए उन्होंने छात्रों के मन से परीक्षा का डर और असफलता का बोझ कम करने के लिए यह पत्र जारी किया है।

प्रिय बच्चों, हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता आपकी सुरक्षा, अच्छा स्वास्थ्य और सफलता है। निराश न हों, बल्कि नई ऊर्जा के साथ फिर से प्रयास करें।"  योगी की पाती से एक अंश

छात्रों के लिए आगे के विकल्प (Next Steps)

जो छात्र अपने अंकों से संतुष्ट नहीं हैं या फेल हो गए हैं, उनके लिए सरकार ने ये विकल्प उपलब्ध कराए हैं:

स्क्रूटनी (Scrutiny): उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच के लिए आवेदन।

कंपार्टमेंट परीक्षा (Compartment Exam): फेल हुए विषयों में दोबारा परीक्षा देकर इसी साल पास होने का मौका।

करियर काउंसलिंग: मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को असफल छात्रों के लिए विशेष काउंसलिंग सत्र आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।