Yogi government : यूपी में अब शिक्षा विभाग में बड़ा फेरबदल ,8 BSA अधिकारियों के तबादले, जानें कौन बना कहाँ का बॉस
News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक सुधारों का दौर जारी है. आईपीएस (IPS) और पीपीएस (PPS) अधिकारियों के बड़े पैमाने पर हुए तबादलों के बाद अब योगी सरकार ने शिक्षा विभाग में भी फेरबदल किए हैं. कुल 8 बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) और उनके समकक्ष अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया है. यह बदलाव शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और मैदानी स्तर पर अधिकारियों की कार्यकुशलता बढ़ाने के उद्देश्य से किए गए हैं.
कौन कहाँ पहुंचा? जानें प्रमुख अधिकारियों के तबादले:
- बीएसए हरदोई वीपी सिंह: हरदोई के बेसिक शिक्षा अधिकारी वीपी सिंह को अब राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (SCERT), लखनऊ में प्रवक्ता के रूप में भेजा गया है. यह दर्शाता है कि शिक्षा के क्षेत्र में विशेषज्ञता का लाभ उठाया जाएगा.
- बीएसए महोबा कमल सिंह: महोबा के बीएसए कमल सिंह को संत कबीर नगर का नया जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बनाया गया है. यह एक मैदानी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है.
- संत कबीर नगर बीएसए गिरीश कुमार सिंह: संत कबीर नगर के वर्तमान बीएसए गिरीश कुमार सिंह का तबादला महोबा के बीएसए के पद पर किया गया है.
- उप सचिव, बेसिक शिक्षा परिषद, सत्य प्रकाश यादव: बेसिक शिक्षा परिषद के उप सचिव सत्य प्रकाश यादव को रायबरेली का जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी नियुक्त किया गया है. यह पद भी काफी अहम है.
- बीएसए अमेठी संगीता सिंह: अमेठी की जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संगीता सिंह को उत्तर प्रदेश राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद में सहायक उपनिदेशक के रूप में नई जिम्मेदारी मिली है.
- बीएसए फतेहपुर प्रवीण कुमार तिवारी: फतेहपुर के बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रवीण कुमार तिवारी अब रायबरेली में सहायक उपनिदेशक पद पर तैनात होंगे.
- लखनऊ एससीएसटी रिसर्च एंड ट्रेनिंग सेंटर के सहायक निदेशक राजीव कुमार यादव: राजीव कुमार यादव को अमेठी का जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बनाया गया है. यह भी एक अहम नियुक्ति है.
- बीएसए देवरिया शालिनी श्रीवास्तव: देवरिया की जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शालिनी श्रीवास्तव को फिलहाल शिक्षा निदेशक (बेसिक) कार्यालय में अटैच किया गया है, और अभी किसी जिले में तैनाती नहीं दी गई है.
इन तबादलों का उद्देश्य जिलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना और शिक्षा विभाग में जवाबदेही बढ़ाना है. सरकार उम्मीद कर रही है कि इन फेरबदलों से स्कूलों में शिक्षा का माहौल बेहतर होगा और बच्चों को बेहतर शैक्षिक सुविधाएं मिलेंगी.