Yoga Nidra for Better Sleep : बिस्तर पर लेटे लेटे ही करें ये आसान क्रिया, सुबह उठेंगे तो चेहरा चमक रहा होगा
News India Live, Digital Desk : क्या आपके साथ भी अक्सर ऐसा होता है कि आप बिस्तर पर तो लेटे हैं, लाइटें भी बंद हैं, लेकिन दिमाग है कि रुकने का नाम ही नहीं ले रहा? कल ऑफिस में क्या हुआ, कल क्या करना है विचारों की ट्रेन चलती ही रहती है और नींद आंखों से कोसों दूर रहती है?
अगर आपका जवाब "हाँ" है, तो घबराइए नहीं। आप अकेले नहीं हैं, आजकल की लाइफस्टाइल में यह समस्या बहुत आम हो गई है। लेकिन इसका इलाज दवाइयां नहीं हैं, इसका इलाज हमारी पुरानी भारतीय परंपरा में है जिसे कहते हैं योग निद्रा (Yoga Nidra)।
अब आप सोच रहे होंगे, "यार, रात को सोने के टाइम अब कौन योग या कसरत करेगा?"
तो रुकिए! योग निद्रा कोई हाथ-पैर मोड़ने वाला या पसीना बहाने वाला व्यायाम नहीं है। यह तो एक ऐसी जादुई तकनीक है जिसे आप बिस्तर पर चुपचाप लेटे-लेटे ही कर सकते हैं।
आखिर क्या है यह 'योग निद्रा'?
सरल भाषा में कहें तो यह "जागते हुए सोने" की कला है। यह नींद और जागने के बीच की वो अवस्था है, जहां आपका शरीर पूरी तरह रिलैक्स (Relax) हो जाता है, लेकिन आपका दिमाग शांत और जागरूक रहता है। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि अगर आप 30 मिनट सही से योग निद्रा कर लें, तो शरीर को उतना ही आराम मिलता है जितना 2 से 3 घंटे की गहरी नींद से मिलता है।
इससे आपको क्या फायदा होगा?
- इनसोम्निया (अनिद्रा) की छुट्टी: अगर आपको सोने में घंटों लगते हैं, तो यह तकनीक आपको 10-15 मिनट में गहरी नींद में ले जाएगी।
- स्ट्रेस और एन्जाइटी खत्म: यह सीधे हमारे नर्वस सिस्टम को शांत करती है। दिन भर की थकान और चिड़चिड़ापन गायब हो जाता है।
- फ्रेश सुबह: अक्सर हम 8 घंटे सोने के बाद भी थका हुआ महसूस करते हैं, लेकिन योग निद्रा के बाद आप एकदम तरोताजा महसूस करेंगे।
योग निद्रा करने का सही तरीका (Step-by-Step Guide)
आज रात सोने से पहले इसे जरूर ट्राई करें, बहुत आसान है:
- माहौल बनाएं: अपने कमरे की लाइट बंद कर दें या एकदम धीमी कर दें। ढीले और आरामदायक कपड़े पहनें। बिस्तर पर शवासन (Shavasana) में लेट जाएं। यानी सीधा लेटें, हाथ शरीर से थोड़े दूर और हथेलियां आसमान की तरफ।
- संकल्प (Resolution): आंखें बंद करें। गहरी सांस लें। मन ही मन खुद से कहें- "मैं अब योग निद्रा का अभ्यास करने जा रहा हूं, मैं शांत हूं।"
- बॉडी स्कैनिंग (Body Scanning): अब अपना ध्यान अपने शरीर के अलग-अलग अंगों पर ले जाएं। पैरों के अंगूठे से शुरू करें... फिर घुटने... पेट... छाती... गर्दन... और फिर सिर। महसूस करें कि जैसे-जैसे आपका ध्यान वहां जा रहा है, वह हिस्सा ढीला और भारी होता जा रहा है। उसे रिलैक्स छोड़ दें।
- सांसों पर ध्यान: अब अपना पूरा ध्यान अपनी सांसों पर लगाएं। सांस अंदर आ रही है, पेट फूल रहा है... सांस बाहर जा रही है, पेट अंदर जा रहा है। इसे बस महसूस करें, जबरदस्ती सांस न लें।
- वापसी: लगभग 15-20 मिनट बाद, धीरे-धीरे अपने आसपास की आवाज़ों को सुनें। अपनी उंगलियों को हिलाएं और फिर धीरे से बाईं ओर करवट लेकर उठ जाएं (या अगर रात का समय है, तो वहीं सो जाएं)।
विश्वास मानिए दोस्तों, यह तरीका इतना असरदार है कि बहुत से लोग तो 'स्टेप 3' या 'स्टेप 4' तक पहुंचते-पहुंचते ही गहरी नींद में सो जाते हैं!