वेनेजुएला भूकंप: मौत का आंकड़ा 3500 के पार, मलबे में दबी हैं 50 हज़ार जिंदगियां! खौफनाक है तबाही का मंज़र
दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला (Venezuela) में आए भयंकर भूकंप ने जो गहरे जख्म दिए हैं, वे हर गुजरते दिन के साथ और दर्दनाक होते जा रहे हैं। 24 जून को आई इस प्राकृतिक आपदा ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। सोमवार को जारी किए गए ताजा सरकारी आंकड़ों ने दुनिया को सन्न कर दिया है—इस विनाशकारी जलजले में अब तक 3,535 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 16,740 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल अस्पतालों में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं।
ला गुएरा में मलबे का ढेर बने पूरे मोहल्ले
इस भीषण तबाही का सबसे ज्यादा असर राजधानी काराकास (Caracas) के उत्तर में स्थित ला गुएरा (La Guaira) राज्य में देखने को मिला है। बैक-टू-बैक आए शक्तिशाली झटकों ने गगनचुंबी इमारतों को ताश के पत्तों की तरह ढहा दिया। ग्राउंड जीरो से आ रही तस्वीरें बेहद विचलित करने वाली हैं, जहां कल तक आबाद रहने वाले पूरे के पूरे मोहल्ले आज कंक्रीट और सरियों के मलबे में तब्दील हो चुके हैं।
50 हजार लोग लापता, मलबे में अपनों की तलाश
इस त्रासदी का सबसे डरावना पहलू वे लोग हैं जिनका अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। वेनेजुएला सरकार ने अभी तक मलबे में फंसे लोगों का कोई सटीक आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र (United Nations) के अनुमान ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है। यूएन के मुताबिक, ला गुएरा और आसपास के प्रभावित इलाकों में मलबे के विशाल पहाड़ों के नीचे अभी भी करीब 50,000 लोग दबे या लापता हो सकते हैं। रेस्क्यू टीमें दिन-रात भारी मशीनों और खोजी कुत्तों की मदद से मलबे में जिंदगियां तलाशने में जुटी हुई हैं।
सड़कों और पार्किंग एरिया में रहने को मजबूर 17 हजार सर्वाइवर्स
इस प्रलयकारी भूकंप ने 17,000 से अधिक लोगों के सिर से छत छीनकर उन्हें रातों-रात सड़क पर ला दिया है। जिन सर्वाइवर्स की जान बच गई, उनका संघर्ष भी कम नहीं हुआ है। अपना सबकुछ गंवा चुके हजारों परिवार अब खुले आसमान के नीचे, सार्वजनिक पार्कों, सड़कों के किनारे और कार पार्किंग एरिया में बनाए गए अस्थायी कैंपों में शरण लेने को मजबूर हैं।
बुनियादी सुविधाओं—जैसे पीने का साफ पानी, खाना और दवाइयों—की भारी कमी के चलते इन कैंपों में जीवन बेहद अमानवीय और कठिन हो गया है। हालांकि स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय राहत एजेंसियां लगातार प्रभावित इलाकों में सहायता पहुंचाने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन तबाही का दायरा इतना विशाल है कि स्थिति को काबू में आने में अभी लंबा वक्त लगेगा।