US-Iran War Update: डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा एलान-'ईरान को कभी नहीं बनने देंगे परमाणु ताकत', होर्मुज हमले में 1 भारतीय नाविक की मौत से भारत सख्त!
पश्चिम एशिया (खाड़ी देशों) में अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा बारूदी टकराव अब एक बेहद संवेदनशील और अंतरराष्ट्रीय संकट में तब्दील हो चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' (Truth Social) पर खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा और ईरान को लेकर कई बड़े और आक्रामक एलान किए हैं। ट्रंप ने साफ कर दिया है कि रणनीतिक रूप से दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण जलमार्ग 'स्ट्रैट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) ईरान को छोड़कर बाकी सभी देशों के व्यापारिक जहाजों के लिए पूरी तरह खुला रहेगा, जबकि ईरानी बंदरगाहों की पूर्ण नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहेगी। इन सबके बीच, होर्मुज स्ट्रेट में हुए एक ताजा हमले में एक भारतीय नागरिक (नाविक) की दर्दनाक मौत हो गई है, जिससे भारत सरकार का रुख भी बेहद कड़ा हो गया है।
'ईरान का हिंसक दौर अब खत्म होगा'-परमाणु हथियार पर ट्रंप का संकल्प
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक समुदाय को भरोसा दिलाते हुए एक बड़ा संकल्प लिया है। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार (Nuclear Weapons) हासिल नहीं करने देगा। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका द्वारा उठाए गए इन सख्त आर्थिक और सैन्य कदमों के बाद अब पूरे खाड़ी क्षेत्र में ईरान का हिंसक, आक्रामक और अस्थिरता फैलाने वाला दौर हमेशा-केशा के लिए खत्म हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी सेना की मुस्तैदी की वजह से ही वैश्विक तेल आपूर्ति (Global Oil Supply) इस युद्ध के बावजूद रिकॉर्ड स्तर पर बनी हुई है।
20% सुरक्षा टैक्स पर पलटे ट्रंप, खाड़ी देशों के साथ करेंगे सीक्रेट डील
इस महातनाव के बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने उस विवादास्पद बयान पर पूरी तरह यू-टर्न ले लिया है, जिसमें उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी कमर्शियल जहाजों पर 20 प्रतिशत का भारी सुरक्षा शुल्क थोपने का एलान किया था। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर बताया, "पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) के शीर्ष नेताओं के साथ हुई अत्यंत सकारात्मक बातचीत के बाद मैंने 20% अमेरिकी प्रतिपूर्ति शुल्क (Reimbursement Fee) लगाने की योजना को रद्द कर दिया है। अब इसकी जगह विभिन्न खाड़ी देश अमेरिका के भीतर बहुत बड़े पैमाने पर नए व्यापार और निवेश समझौते (Investment Agreements) करेंगे।" हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह निवेश उनके पुराने दौरों के समझौतों से अलग है या उसी का हिस्सा।
होर्मुज में तेल टैंकरों पर हमला: 1 भारतीय की मौत, 10 घायल
इस युद्ध की आंच अब भारतीय नागरिकों तक भी पहुंच गई है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दो बड़े कमर्शियल तेल टैंकरों—'एमटी अल बहिया' (MT Al Bahiyah) और 'एमटी मोम्बासा' (MT Mombasa) पर होर्मुज स्ट्रेट में भीषण हमला हुआ।
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भारतीयों की मौजूदगी: इन दोनों जहाजों पर कुल 30 भारतीय नाविक सवार थे।
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हताहतों की संख्या: इस हमले की चपेट में आने से 1 भारतीय नाविक की मौत हो गई, जबकि 10 अन्य भारतीय गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
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बढ़ता आंकड़ा: गौरतलब है कि इस साल 28 फरवरी को ईरान पर हुए अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमले के बाद से खाड़ी क्षेत्र में जारी इस जंग में अब तक कुल 14 भारतीय नागरिक अपनी जान गंवा चुके हैं।
भारत सरकार का बड़ा एक्शन: ईरानी राजनयिक तलब, जताई कड़ी चिंता
अपने नागरिकों पर हुए इस जानलेवा हमले को लेकर नई दिल्ली में भारत सरकार बेहद सख्त नजर आ रही है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने मंगलवार सुबह तुरंत एक्शन लेते हुए भारत में मौजूद ईरानी दूतावास के वरिष्ठ अधिकारी (राजनयिक) को साउथ ब्लॉक तलब किया और इस हिंसक हमले के खिलाफ भारत की ओर से कड़ा विरोध दर्ज कराया।
भारत ने वैश्विक मंच पर इन हमलों की तीव्र निंदा करते हुए कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित है। विदेश मंत्रालय ने मारे गए नाविक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और घायलों को हर संभव चिकित्सा सहायता पहुंचाने की बात कही। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यूएई (UAE) में मौजूद भारतीय मिशन स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर पल-पल की स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है। इसके साथ ही भारत ने दोनों देशों से हिंसा को तुरंत रोकने और बातचीत व कूटनीति (Diplomacy) के जरिए शांति बहाल करने की अपनी पुरानी अपील को फिर दोहराया।