US-Iran War: 'ईरान अब ताकत और सम्मान की स्थिति में, युद्ध खत्म करना ही बेहतर'; राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने दिए जंग समाप्ति के संकेत

US-Iran War: 'ईरान अब ताकत और सम्मान की स्थिति में, युद्ध खत्म करना ही बेहतर'; राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने दिए जंग समाप्ति के संकेत

मध्य पूर्व में अमेरिका और इजरायल के साथ जारी भीषण सैन्य गतिरोध और तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने युद्ध समाप्ति को लेकर बड़ा बयान दिया है। तेहरान में आयोजित एक उच्चस्तरीय सभा को संबोधित करते हुए पेजेश्कियन ने कहा कि ईरान इस समय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 'ताकत और गरिमा' की मजबूत स्थिति में पहुंच चुका है, इसलिए अब इस लंबे खिंचते युद्ध को समाप्त करना ही सबसे बेहतर विकल्प है। राजनयिक वार्ताओं में बने गतिरोध के बीच ईरानी राष्ट्रपति के इस रुख को जंग को कूटनीतिक मोड़ देने की दिशा में एक अहम संकेत माना जा रहा है।

'ईरान अब ताकत और गरिमा की स्थिति में': मसूद पेजेश्कियन

तेहरान में आयोजित इस्लामिक एसोसिएशन ऑफ द ईरानियन मेडिकल सोसाइटी के 31वें महासम्मेलन में राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि अमेरिका के साथ चल रहे इस संघर्ष का किसी न किसी मोड़ पर अंत होना आवश्यक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज ईरान रक्षात्मक और कूटनीतिक दोनों स्तरों पर खुद को मजबूती से साबित कर चुका है।

पेजेश्कियन ने कहा कि पूरी दुनिया देख रही है कि किस प्रकार अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन कर नागरिक ठिकानों, अस्पतालों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा परिस्थितियों में तेहरान का रुख वैश्विक पटल पर मजबूत हुआ है और इसी वजह से देश के सम्मान को बरकरार रखते हुए युद्ध को समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

जून में हुए समझौते का किया बचाव: 'आत्मसमर्पण का कोई सवाल नहीं'

अपने संबोधन के दौरान राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने जून में दोनों पक्षों के बीच बने शांति समझौता ज्ञापन (MoU) पर घरेलू स्तर पर हो रही आलोचनाओं का भी करारा जवाब दिया। ईरान की संसद और कुछ कट्टरपंथी धड़ों द्वारा सरकार पर अमेरिका के सामने झुकने के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्होंने इसे देश के लिए एक सम्मानजनक और मूल्यवान उपलब्धि बताया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने एकजुटता के साथ इस समझौते का समर्थन किया है। समझौते के किसी भी बिंदु में आत्मसमर्पण जैसी कोई बात नहीं है, बल्कि अधिकांश अनिवार्य प्रतिबद्धताएं दूसरे पक्ष से जुड़ी हुई हैं।

'धौंस के आगे नहीं झुकेंगे, किसी भी नए हमले का मिलेगा विनाशकारी जवाब'

शांति और कूटनीति की वकालत करने के साथ ही राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने अमेरिका और उसके सहयोगियों को सख्त चेतावनी भी दी। उन्होंने साफ किया कि युद्ध खत्म करने की पहल को ईरान की कमजोरी न समझा जाए। यदि देश की संप्रभुता पर दोबारा कोई हमला होता है, तो ईरानी सेनाएं अंतिम सांस तक मुकाबला करेंगी और उसका मुंहतोड़ जवाब देंगी।

ईरानी सशस्त्र बलों के वरिष्ठ सैन्य नेतृत्व ने भी दोहराया है कि देश की थलसेना, नौसेना, वायुसेना और साइबर विंग किसी भी अप्रत्याशित खतरे से निपटने के लिए हाई अलर्ट पर हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य और आर्थिक प्रतिबंधों पर जारी तनातनी

राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय आया है जब रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में नौवहन को लेकर दोनों देशों के बीच टकराव चरम पर है। तेहरान ने इस प्रमुख समुद्री मार्ग पर कड़ी निगरानी रखी हुई है, जबकि अमेरिकी नौसेना जहाजों के काफिले की सुरक्षा के नाम पर अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है।

दूसरी ओर, वाशिंगटन द्वारा नए आर्थिक प्रतिबंधों की घोषणा के बाद ईरान के विदेश मंत्रालय ने इसे 'आर्थिक आतंकवाद' करार दिया है। वहीं, चीन और ओमान जैसे देश दोनों पक्षों के बीच तनाव कम करने और रुकी हुई कूटनीतिक वार्ताओं को दोबारा पटरी पर लाने के लिए मध्यस्थता के प्रयास तेज कर रहे हैं।

Latest Posts