ट्रंप का पाकिस्तान को बड़ा झटका: 'शांतिदूत' का तमगा छीना, मुनीर और शहबाज की बढ़ी मुश्किलें
अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के गलियारों से पाकिस्तान के लिए एक बेहद चौंकाने वाली और बुरी खबर सामने आई है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान को तगड़ा गच्चा देते हुए उसे मिलने वाले 'शांतिदूत' यानी पीसमेकर के बैज या तमगे से वंचित कर दिया है। ट्रंप के इस अप्रत्याशित फैसले के बाद इस्लामाबाद में हड़कंप मच गया है। अमेरिका के इस कड़े रुख के बाद पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बुरे दिन आधिकारिक रूप से शुरू होते नजर आ रहे हैं, जिससे उनकी वैश्विक साख को तगड़ा झटका लगा है।
ट्रंप के इस फैसले से पाकिस्तान की कूटनीति को क्यों लगा बड़ा आघात?
अमेरिका द्वारा उठाया गया यह कदम पाकिस्तान की कूटनीति के लिए एक बड़े आघात के रूप में देखा जा रहा है। पाकिस्तान की सरकार और सेना अक्सर दुनिया के सामने अपनी छवि एक शांतिप्रिय देश के रूप में पेश करने की कोशिश करती रही है, लेकिन वाशिंगटन के इस कड़े फैसले ने उनकी पोल खोल दी है। ट्रंप प्रशासन के इस रुख से साफ हो गया है कि अमेरिका अब दक्षिण एशिया में पाकिस्तान की दोहरी नीतियों और आतंकवाद को लेकर किसी भी प्रकार की नरमी बरतने के मूड में बिल्कुल नहीं है।
शहबाज और मुनीर के लिए आगे क्यों बढ़ेंगी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मुश्किलें?
पाकिस्तान के हुक्मरान शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख असीम मुनीर पहले से ही देश के भीतर गंभीर आर्थिक संकट, महंगाई और राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहे हैं। ऐसे में अमेरिका की तरफ से मिला यह करारा झटका उनकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रही-सही उम्मीदों पर भी पानी फेर गया है। जब दुनिया के बड़े देश इस तरह से दूरी बनाने लगते हैं, तो विदेशी मदद और कूटनीतिक समर्थन मिलना लगभग बंद हो जाता है, जिससे आने वाले समय में पाकिस्तान की मुश्किलें कई गुना बढ़ना तय माना जा रहा है।