शोल्डर मिसाइल के खौफ से कांपे ट्रंप! एयर फोर्स वन छोड़ अचानक छोटे विमान में क्यों बैठना पड़ा? जानिए हैरान करने वाली वजह

शोल्डर मिसाइल के खौफ से कांपे ट्रंप! एयर फोर्स वन छोड़ अचानक छोटे विमान में क्यों बैठना पड़ा? जानिए हैरान करने वाली वजह

दुनिया के सबसे ताकतवर देश के राष्ट्रपति की सुरक्षा को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और सनसनीखेज खुलासा सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कंधे से दागी जाने वाली खतरनाक मिसाइल (Shoulder-fired missile) के गंभीर खतरे के बाद उन्हें आनन-फानन में अपना आधिकारिक विमान 'एयर फोर्स वन' छोड़ना पड़ा था। तुर्किये (Turkey) दौरे से लौटते वक्त अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को मिले इनपुट के बाद एक ऐसा सीक्रेट ऑपरेशन चलाया गया, जिसने हॉलीवुड फिल्मों की कहानी को भी पीछे छोड़ दिया है।

क्या था पूरा मामला और क्यों मिला था मिसाइल का खतरा?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले महीने जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए तुर्किये की राजधानी अंकारा गए थे, तब वहां का माहौल काफी तनावपूर्ण था। अमेरिकी और स्थानीय खुफिया एजेंसियों को इस बात के पुख्ता इनपुट मिले थे कि ईरान समर्थित या अन्य हमलावर संगठन राष्ट्रपति के विमान को निशाना बनाने की फिराक में हैं। यह खतरा किसी सामान्य हमले का नहीं, बल्कि शोल्डर-फायर मिसाइल (मैनपैड्स) का था, जो कम ऊंचाई पर उड़ान भर रहे विमानों को पलक झपकते ही नेस्तनाबूद करने की क्षमता रखती है। इस आसन्न खतरे को भांपते हुए सीक्रेट सर्विस (Secret Service) ने तुरंत एक्शन लेने का फैसला किया।

कैटरिंग ट्रक के जरिए निकाला गया सीक्रेट प्लान

यह पूरा ऑपरेशन किसी जासूसी थ्रिलर फिल्म की तरह अंजाम दिया गया। योजना के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप ने सामान्य रूप से मीडिया और अधिकारियों के सामने बड़े विमान यानी 'एयर फोर्स वन' में बोर्ड किया। इसके तुरंत बाद, एक बेहद गोपनीय और चालाकी भरा कदम उठाते हुए ट्रंप और उनके कुछ चुनिंदा करीबी सहयोगियों को एयरपोर्ट के एक कैटरिंग ट्रक (Catering Truck) के कंटेनर के जरिए चुपचाप उस बड़े विमान से बाहर निकाला गया। इसके बाद उन्हें एक छोटे और कम पहचाने जाने वाले सैन्य विमान C-32A (बोइंग 757 का मॉडिफाइड रूप) में शिफ्ट किया गया, जो उन्हें लेकर ब्रिटेन के सैन्य बेस के लिए रवाना हुआ।

बड़े विमान को बनाया गया 'डिकॉय' (Decoy)

सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी चालाकी से मूल 'एयर फोर्स वन' विमान को एक 'डिकॉय' (झुकलावा) के रूप में इस्तेमाल किया। राष्ट्रपति के बिना ही बड़ा विमान अंकारा से रवाना हुआ, जिसमें अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट, व्हाइट हाउस के कर्मचारी और चुनिंदा मीडियाकर्मी सवार थे। ऐसा इसलिए किया गया ताकि यदि हमलावरों की नजर विमान पर हो, तो उनका ध्यान भटकाया जा सके। बाद में खुद राष्ट्रपति ट्रंप ने एक इंटरव्यू में पुष्टि की कि उन्होंने सैन्य अधिकारियों और सीक्रेट सर्विस के निर्देशों का पालन करते हुए दूसरा विमान चुना था, क्योंकि सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह का जोखिम नहीं उठाना चाहती थीं।

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