शुरू हो गया है महायुद्ध? ईरान पर टूट पड़े बहरीन और कुवैत; पहली बार किया सीधा हमला

शुरू हो गया है महायुद्ध? ईरान पर टूट पड़े बहरीन और कुवैत; पहली बार किया सीधा हमला

मध्य पूर्व यानी पश्चिम एशिया का सुलगता संघर्ष अब एक बेहद खतरनाक और नए मोड़ पर पहुंच चुका है, जहां तनाव की आंच ने खाड़ी के देशों को भी अपनी चपेट में ले लिया है। वैश्विक राजनीति और रक्षा गलियारों से आ रही रिपोर्टों के मुताबिक, पहली बार बहरीन और कुवैत खुलकर सीधे युद्ध के मैदान में उतर आए हैं और उन्होंने ईरान के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है। द वॉल स्ट्रीट जर्नल की सनसनीखेज रिपोर्ट के अनुसार, इन दोनों खाड़ी देशों ने सऊदी अरब की रणनीतिक मदद से ईरान के भीतर मौजूद मिसाइल स्टोरेज और प्रमुख सैन्य ठिकानों को करारा जवाब देना शुरू कर दिया है, जिससे वैश्विक कूटनीति में खलबली मच गई है।

सऊदी अरब की खुफिया और डिफेंस मदद से ईरान पर पलटवार

अब तक खाड़ी के देश अपने ऊपर आने वाले खतरों से निपटने के लिए केवल रक्षात्मक रुख अपनाते थे और ईरान समर्थित ड्रोन्स या मिसाइलों को हवा में ही नाकाम करने तक सीमित रहते थे। क्षेत्रीय तनाव और युद्ध के बड़े दायरे में फैलने के डर से इन देशों ने कभी सीधे तौर पर आक्रामक रुख नहीं अपनाया था, लेकिन ईरान की तरफ से लगातार बढ़ रहे हमलों और उकसावे ने इन देशों को अपनी नीति बदलने पर मजबूर कर दिया है। ताजा सैन्य अभियानों में सऊदी अरब इन्हें खुफिया जानकारी यानी इंटेलिजेंस और डिफेंसिव एयर कवर उपलब्ध करा रहा है, जिससे बहरीन और कुवैत की ताकत में और इजाफा हुआ है। हालांकि इस मोर्चे पर अभी ओमान और कतर जैसे अन्य देशों ने सीधी सैन्य कार्रवाई शुरू नहीं की है, लेकिन जिस तरह से खाड़ी देशों का रुख बदला है, उससे आने वाले दिनों में समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं।

अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बना रहा है ईरान

ईरान लगातार उन देशों को अपना निशाना बना रहा है जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने और आधुनिक सैन्य उपकरण मौजूद हैं, जिसमें मुख्य रूप से बहरीन, कुवैत और जॉर्डन शामिल हैं। हालिया रिपोर्टों में यह भी सामने आया है कि यूएई के कई शहरों में भी तबाही मचाने की कोशिशें की गई हैं और इन देशों में आए दिन सायरन बजने की आवाज़ें सुनाई देती हैं। कुवैत के भीतर कैंप उडैरी, कैंप दोहा, कैंप आरिफजान और अली अल सलेम एयरबेस जैसे महत्वपूर्ण अमेरिकी ठिकानों को ईरानी हमलों का सामना करना पड़ा है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बहरीन के गृह विभाग को नागरिकों की सुरक्षा के लिए लगातार अलर्ट जारी करना पड़ रहा है और सायरन बजाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सख्त हिदायत दी जा रही है।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर कब्जे की जंग और गहराता वैश्विक ऊर्जा संकट

यह पूरा घटनाक्रम अमेरिकी सेना द्वारा ईरान के खिलाफ लगातार 13वीं रात भी हवाई हमले जारी रखने के कुछ ही घंटों बाद सामने आया है, जिससे दोनों पक्षों के बीच टकराव चरम पर पहुंच चुका है। होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच चल रही यह तानशाही दुनियाभर के लिए एक बड़े आर्थिक संकट की घंटी बन गई है। यह जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए दुनिया की सबसे अहम धमनियों में से एक है और ताजा सैन्य भिड़ंत का मुख्य केंद्र भी यही इलाका है। यदि यह सामरिक जलमार्ग पूरी तरह बंद होता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और ईंधन की कीमतों में भयंकर उछाल आ सकता है, जिससे पूरी दुनिया में भारी आर्थिक मंदी और उथल-पुथल मचने का खतरा मंडराने लगा है।

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