तालिबान का 'सर्जिकल स्ट्राइक': पाकिस्तान के घर में घुसकर तालिबानी वायुसेना ने किए ISIS-K के ठिकाने तबाह

तालिबान का 'सर्जिकल स्ट्राइक': पाकिस्तान के घर में घुसकर तालिबानी वायुसेना ने किए ISIS-K के ठिकाने तबाह

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच चल रहा सीमा विवाद अब युद्ध जैसी स्थिति में बदल गया है। जून के अंत में पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान की सीमा में घुसकर किए गए हवाई हमलों का तालिबान ने बेहद आक्रामक जवाब दिया है। अफगान वायुसेना ने पाकिस्तानी सीमा के अंदर बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों में ड्रोन और हवाई हमलों को अंजाम दिया है। तालिबान का दावा है कि ये हमले उन आतंकी ठिकानों पर किए गए हैं, जहाँ से इस्लामिक स्टेट खुरासान (ISIS-K) के आतंकी अफगानिस्तान में अस्थिरता फैलाने की साजिश रच रहे थे।

तालिबान का बड़ा दावा: आतंकी ठिकाने ध्वस्त, आम नागरिक सुरक्षित

अफगान समाचार एजेंसी 'टोलो न्यूज' के अनुसार, इस्लामिक अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने इन एयरस्ट्राइक्स की आधिकारिक पुष्टि की है। मंत्रालय के प्रवक्ता ने साफ शब्दों में कहा कि जिन ठिकानों को निशाना बनाया गया, वहाँ से अफगानिस्तान के भीतर बेगुनाह नागरिकों की हत्या और बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की योजनाएँ बनाई जा रही थीं। तालिबान ने यह स्पष्ट किया है कि यह ऑपरेशन पूरी सटीकता (Precision) के साथ किया गया है, जिसमें आतंकियों को भारी नुकसान पहुँचा है, जबकि इस जवाबी कार्रवाई में किसी भी आम नागरिक के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।

क्यों भड़का है अफगानिस्तान

यह जवाबी हमला पाकिस्तान द्वारा हाल ही में अफगानिस्तान के भीतर किए गए उन हवाई हमलों का नतीजा है, जिनमें तालिबान सरकार के अनुसार, कम से कम 38 अफगान नागरिक मारे गए थे और 163 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएँ और बच्चे शामिल थे। संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (UNAMA) ने भी इन हमलों की भयावहता की पुष्टि की थी। इसके विपरीत, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने दावा किया था कि उन्होंने उन हमलों में 29 आतंकियों को मार गिराया है, लेकिन अफगानिस्तान ने इस दावे को पूरी तरह नकार दिया है।

भारत की सख्त चेतावनी: संप्रभुता पर हमला बर्दाश्त नहीं

इस पूरे घटनाक्रम पर भारत ने भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक्स को अफगानिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन और क्षेत्रीय शांति के लिए सीधा खतरा करार दिया है। भारत का स्पष्ट मानना है कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक विफलताओं और आर्थिक तंगी से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के लापरवाह कदम उठा रहा है। तालिबान ने भी विश्व को चेतावनी दी है कि वे भविष्य में अफगानिस्तान की सुरक्षा को अस्थिर करने वाले किसी भी ठिकाने या आतंकी को बख्शने वाले नहीं हैं, चाहे वह सीमा के उस पार ही क्यों न स्थित हो।

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