वैश्विक पटल पर ट्रंप की साख को झटका: 76% लोगों ने नेतृत्व पर जताया अविश्वास, जानें क्या है सर्वे की रिपोर्ट
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की वैश्विक लोकप्रियता में भारी गिरावट दर्ज की गई है। प्यू रिसर्च सेंटर द्वारा जारी एक ताजा सर्वे के नतीजे यह बताते हैं कि दुनिया भर में उनकी नीतियों और उनके नेतृत्व शैली पर भरोसा करने वालों की संख्या बहुत कम हो गई है। सर्वे के आंकड़ों के अनुसार, करीब 76% लोगों ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि उन्हें वैश्विक मामलों को संभालने में ट्रंप के नेतृत्व पर कोई भरोसा नहीं है। यह रिपोर्ट ट्रंप प्रशासन के लिए एक बड़ा कूटनीतिक संकेत है, जो यह दर्शाता है कि उनकी 'अमेरिका फर्स्ट' नीति का असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी छवि पर पड़ा है।
सर्वे में सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े
यह व्यापक सर्वे 36 देशों के 42,000 से अधिक लोगों के बीच किया गया, जिसमें ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग में बड़ी कमी देखी गई है। केवल 23% प्रतिभागियों ने ही वैश्विक मामलों के समाधान में ट्रंप पर अपना विश्वास जताया। सर्वे में शामिल 24 देशों में से 16 देशों में ट्रंप के प्रति भरोसा पिछले साल की तुलना में काफी कम हुआ है। खास बात यह है कि किसी भी प्रमुख देश में उनकी लोकप्रियता में बढ़ोतरी दर्ज नहीं की गई है। यूरोप के प्रमुख देशों जैसे जर्मनी, फ्रांस और ग्रीस में भी ट्रंप की रेटिंग अपने निचले स्तर पर पहुंच गई है, जो ट्रांस-अटलांटिक संबंधों में तनाव की ओर इशारा करती है।
भारत में ट्रंप का प्रभाव और टैरिफ नीति की असफलता
भारत की बात करें तो यहां तस्वीर थोड़ी अलग है, लेकिन गिरावट यहां भी साफ नजर आ रही है। सर्वे में 39% भारतीय प्रतिभागियों ने ट्रंप के नेतृत्व पर भरोसा जताया है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 51% था। इसी सर्वे में वैश्विक मामलों पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रति विश्वास जताने वाले भारतीयों की संख्या 51% रही। ट्रंप प्रशासन की 'टैरिफ नीति' वैश्विक स्तर पर सबसे ज्यादा अलोकप्रिय रही। सर्वे के अनुसार, महज 18% वैश्विक आबादी ने ही इस नीति का समर्थन किया। ब्रिटेन, कनाडा, जापान और जर्मनी जैसे विकसित देशों में तो इस नीति को समर्थन देने वालों का आंकड़ा 20% से भी काफी नीचे रहा। केवल केन्या एक ऐसा देश बनकर उभरा जहां ट्रंप की टैरिफ नीति को बहुसंख्यक लोगों (55%) का समर्थन मिला।