CJP प्रोटेस्ट के समर्थन में आए सलमान रश्दी और जोहरान ममदानी की मां मीरा नायर

CJP प्रोटेस्ट के समर्थन में आए सलमान रश्दी और जोहरान ममदानी की मां मीरा नायर

अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में प्रख्यात लेखक सलमान रश्दी और जाने-माने न्यूयॉर्क स्टेट असेंबली मेंबर जोहरान ममदानी की मां व अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त फिल्म निर्माता मीरा नायर द्वारा सिटिजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) के एक विरोध प्रदर्शन के समर्थन में बयान जारी करने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। प्रदर्शन के दौरान दिए गए 'भारत उबल रहा है' जैसे बयानों और टिप्पणियों के सामने आते ही भारतीय मूल के लोगों और सोशल मीडिया यूज़र्स के बीच भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि विदेशी मंचों पर भारत की छवि को गलत तरीके से पेश करने की यह एक सोची-समझी कोशिश है।

न्यूयॉर्क के विरोध प्रदर्शन में उठी भारत विरोधी बयानबाजी

न्यूयॉर्क में आयोजित इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य भारत की वर्तमान सामाजिक और राजनीतिक स्थिति पर सवाल उठाना था। इस कार्यक्रम में कई मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और चर्चित हस्तियों ने भाग लिया। लेखक सलमान रश्दी ने अपने संदेश में भारत के लोकतांत्रिक माहौल पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देश में अभिव्यक्ति की आजादी और अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर दबाव बढ़ रहा है। वहीं, जोहरान ममदानी की मां और प्रसिद्ध फिल्मकार मीरा नायर ने भी इस प्रदर्शन को अपना समर्थन देते हुए भारतीय लोकतंत्र की स्थिति पर सवाल उठाए। इन बयानों के सामने आते ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के आंतरिक मामलों को लेकर बहस छिड़ गई।

सलमान रश्दी और मीरा नायर के रुख से सोशल मीडिया पर आक्रोश

सलमान रश्दी और मीरा नायर द्वारा भारत को लेकर इस्तेमाल की गई भाषा पर देश-विदेश में बसे भारतीयों ने कड़ा विरोध जताया है। आलोचकों का तर्क है कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा और जीवंत लोकतंत्र है, जहां संवैधानिक संस्थाएं पूरी मजबूती के साथ काम कर रही हैं। ऐसे में 'भारत उबल रहा है' जैसे नकारात्मक मुहावरों का इस्तेमाल करना न केवल तथ्यात्मक रूप से गलत है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की साख को ठेस पहुंचाने जैसा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोग इन हस्तियों पर दोहरे मापदंड अपनाने और एजेंडा चलाने का आरोप लगा रहे हैं।

जोहरान ममदानी की भूमिका और अमेरिका में भारतीय समुदाय का विरोध

न्यूयॉर्क के राजनीतिक हलकों में सक्रिय जोहरान ममदानी अक्सर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं। उनकी मां मीरा नायर के इस प्रदर्शन में शामिल होने और समर्थन देने के बाद यह मुद्दा राजनीतिक रूप से भी गरमा गया है। अमेरिका में रहने वाले भारतीय-अमेरिकी समुदाय (Indian-American Community) के कई संगठनों ने इस प्रदर्शन और इसके समर्थकों की खुले तौर पर निंदा की है। प्रवासी भारतीयों का कहना है कि भारत की जमीनी हकीकत और आर्थिक प्रगति को नजरअंदाज करके कुछ गिने-चुने मंचों से इस तरह की नकारात्मक नैरेटिव गढ़ना पूरी तरह से अनुचित है।

CJP संगठन की कार्यप्रणाली और विवादों से पुराना नाता

सिटिजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) एक ऐसा संगठन है जो लंबे समय से मानवाधिकार और कानूनी लड़ाई लड़ने का दावा करता रहा है, लेकिन भारत में इसके कामकाज और फंडिंग को लेकर पहले भी कई तरह के सवाल उठते रहे हैं। विदेशी धरती पर CJP के इस आयोजन को लेकर भारतीय विदेश मामलों के जानकारों का मानना है कि ऐसे प्रदर्शन वैश्विक मंचों पर भारत की छवि को प्रभावित करने के उद्देश्य से किए जाते हैं। यही वजह है कि जब सलमान रश्दी और मीरा नायर जैसी हस्तियां इस तरह के अभियानों से जुड़ती हैं, तो आम जनता में इसका कड़ा विरोध देखने को मिलता है।

भारत की लोकतांत्रिक नींव पर उठते सवालों का करारा जवाब

इस पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कई सामाजिक और राजनीतिक विश्लेषकों ने कहा है कि भारत का लोकतंत्र किसी भी बाहरी टिप्पणी या प्रदर्शन का मोहताज नहीं है। देश में हर नागरिक को अपनी बात रखने और कानून के दायरे में रहने का पूरा अधिकार प्राप्त है। 'भारत उबल रहा है' जैसी बयानबाज़ी सिर्फ सनसनी फैलाने के लिए की जाती है, जबकि असलियत में भारत आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। जनमानस का गुस्सा इस बात का सबूत है कि देश की जनता और विदेशी प्रवासी अपने देश के खिलाफ किसी भी भ्रामक प्रचार को स्वीकार करने के मूड में नहीं हैं।