भारत के पड़ोसी देश नेपाल में भयंकर सांप्रदायिक हिंसा का गदर, 3 की मौत के बाद प्रधानमंत्री बालेन शाह ने संभाला मोर्चा
भारत के पड़ोसी मुल्क नेपाल में हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं और विभिन्न धार्मिक समुदायों के बीच भड़की हिंसक झड़पों ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। अब तक हुई खूनी हिंसा और आगजनी में 3 लोगों की जान जा चुकी है, जिसके बाद से भारत की सीमा से लगे कई प्रमुख जिलों में तनाव चरम पर है। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू बढ़ा दिया है। इस बीच, देश के प्रधानमंत्री बालेन शाह खुद मोर्चे पर आ गए हैं और उन्होंने एक उच्चस्तरीय सर्वदलीय बैठक बुलाने के साथ-साथ नागरिकों से शांति और संयम बरतने की पुरजोर अपील की है।
चार जिलों में बढ़ा अनिश्चितकालीन कर्फ्यू, तेराई क्षेत्र में तनाव
नेपाल के दक्षिण तेराई क्षेत्र में स्थिति बेहद विस्फोटक बनी हुई है। ताजा आधिकारिक आदेशों के अनुसार, भारत की सीमा से लगे सप्तारी जिले में भी अनिश्चितकालीन कर्फ्यू बढ़ा दिया गया है, जिससे पाबंदी वाले जिलों की कुल संख्या बढ़कर चार हो गई है। इससे पहले सुनसरी, धानुषा और सिराहा जिलों में भी सख्त कर्फ्यू लागू किया गया था। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, गोलबाजार क्षेत्र में हिंसक प्रदर्शनकारियों ने भारी उपद्रव मचाते हुए एक शॉपिंग मॉल को आग के हवाले कर दिया था, जिसके बाद भीड़ को नियंत्रित करने और कानून व्यवस्था बहाल करने के लिए प्रशासन को कड़े कदम उठाने पड़े।
कैसे भड़की थी हिंसा? उत्सव के विवाद से लेकर पुलिस फायरिंग तक
इस पूरे तनाव की शुरुआत सुनसरी जिले के देवानगंज ग्रामीण नगरपालिका के कप्तानगंज इलाके में हुई थी, जहां एक उत्सव के दौरान दो धार्मिक समुदायों के बीच मामूली बात पर खूनी संघर्ष छिड़ गया था। उग्र भीड़ को तितर-बितर करने और स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस को गोलीबारी करनी पड़ी थी, जिसमें एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि सुरक्षाकर्मियों समेत एक दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बाद यह हिंसा मधेश क्षेत्र तक फैल गई, जहां सिराहा जिले में एक किशोर की मौत हो गई और इलाज के दौरान एक अन्य घायल ने भी दम तोड़ दिया। इस दौरान झड़प में पुलिस कांस्टेबल नारद पेरियार को भी गोली लगने की खबर सामने आई है।
प्रधानमंत्री बालेन शाह की राष्ट्र के नाम अपील, बुलाई सर्वदलीय बैठक
बिगड़ते हालातों के बीच प्रधानमंत्री बालेन शाह ने टेलीविजन के माध्यम से राष्ट्र को संबोधित किया और देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील की। पीएम शाह ने स्पष्ट किया कि सरकार इस पूरी हिंसा की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करवाएगी तथा इसके लिए जिम्मेदार उपद्रवियों को कानून के कटघरे में खड़ा किया जाएगा। स्थिति को तुरंत नियंत्रित करने के लिए काठमांडू में एक आपातकालीन सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है। प्रधानमंत्री ने नागरिकों से यह भी विशेष आग्रह किया है कि वे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली अफवाहों, भ्रामक जानकारियों और नफरत फैलाने वाले संदेशों से दूर रहें तथा देश में आपसी भाईचारा बनाए रखें।