ऑकलैंड में पीएम मोदी का जलवा! भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए 18 बड़े समझौते, UNSC में मिला महाशक्तिशाली सपोर्ट
प्रशांत क्षेत्र में भारत की कूटनीति को एक नई और ऐतिहासिक उड़ान मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की न्यूजीलैंड के ऑकलैंड की सफल आधिकारिक यात्रा ने दोनों देशों के रिश्तों को एक अभूतपूर्व ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। इस बेहद महत्वपूर्ण दौरे के दौरान भारत और न्यूजीलैंड के बीच एक या दो नहीं, बल्कि पूरे 18 द्विपक्षीय समझौतों (Bilateral Agreements) पर मुहर लगी है। इसके साथ ही, वैश्विक मंच पर भारत के बढ़ते कद को स्वीकार करते हुए न्यूजीलैंड ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत की स्थायी सदस्यता के दावे को अपना खुला और मजबूत समर्थन दे दिया है। इस यात्रा को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के भू-राजनीतिक समीकरणों को बदलने वाला माना जा रहा है।
व्यापार से लेकर तकनीक तक: इन 18 समझौतों से कैसे बदलेगी दोनों देशों की तकदीर
भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए ये 18 समझौते केवल कागजी कार्रवाई नहीं हैं, बल्कि इनमें दोनों देशों के भविष्य का रोडमैप छिपा है। इन समझौतों में मुख्य रूप से मुक्त व्यापार को बढ़ावा देने, डिजिटल कॉमर्स, कृषि तकनीक, नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) और दोनों देशों के बीच हवाई संपर्क (Direct Flights) को आसान बनाने जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं। न्यूजीलैंड की अत्याधुनिक डेयरी और कृषि तकनीक का फायदा अब सीधे भारतीय किसानों को मिल सकेगा। वहीं, भारत के तेजी से बढ़ते आईटी और फिनटेक सेक्टर्स के लिए न्यूजीलैंड के बाजार के दरवाजे पूरी तरह से खुल गए हैं।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में न्यूजीलैंड का समर्थन भारत के लिए क्यों है खास
अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के विशेषज्ञों का मानना है: "UNSC में स्थायी सदस्यता के लिए न्यूजीलैंड का नया और स्पष्ट सपोर्ट मिलना भारत की बहुत बड़ी कूटनीतिक जीत है। चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकने और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति व स्थिरता बनाए रखने के लिए न्यूजीलैंड अब भारत को एक अपरिहार्य और मजबूत वैश्विक साझेदार के रूप में देख रहा है। यह समर्थन आने वाले समय में वैश्विक मंचों पर भारत की आवाज को और अधिक वजनदार बनाएगा।"
इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ने और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने पर भी गहरी प्रतिबद्धता जताई है।
स्थानीय स्तर पर प्रवासियों और छात्रों के लिए खुले सुनहरे अवसर
इस ऐतिहासिक यात्रा का एक सबसे बड़ा और व्यावहारिक फायदा न्यूजीलैंड में रह रहे लाखों भारतीय प्रवासियों (Diaspora) और वहां पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों को मिलने वाला है। समझौतों के तहत दोनों देशों ने शिक्षा और वर्क वीजा की प्रक्रियाओं को अधिक सरल और पारदर्शी बनाने पर सहमति जताई है। इसके अलावा, भारत के विभिन्न राज्यों से हर साल न्यूजीलैंड जाने वाले पर्यटकों और व्यापारियों के लिए यात्रा के नियमों को लचीला बनाया जाएगा। ऑकलैंड में भारतीय समुदाय के बीच पीएम मोदी के इस दौरे को लेकर भारी उत्साह देखा गया, जिसका सीधा सकारात्मक असर भारत में मौजूद उनके पैतृक गांवों और शहरों (Geographical Connect) के आर्थिक विकास पर भी पड़ेगा।