जयशंकर का बहरीन दौरा: राजा हमद से खास मुलाकात, भारत-बहरीन संबंधों को मिलेगी नई उड़ान

जयशंकर का बहरीन दौरा: राजा हमद से खास मुलाकात, भारत-बहरीन संबंधों को मिलेगी नई उड़ान

भारत की कूटनीतिक पहुंच को मध्य पूर्व में और अधिक मजबूत करने की दिशा में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर इस समय खाड़ी देशों के एक बेहद महत्वपूर्ण दौरे पर हैं। इसी कड़ी में सोमवार को उन्होंने बहरीन की राजधानी मनामा में बहरीन के राजा हमद बिन ईसा अल खलीफा से एक खास मुलाकात की। इस उच्च स्तरीय बैठक का मुख्य एजेंडा दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक और द्विपक्षीय साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाना था।

क्राउन प्रिंस को दिए राष्ट्रपति और पीएम के संदेश

बहरीन के राजा से चर्चा के अलावा, भारतीय विदेश मंत्री ने क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री सलमान बिन हमद अल खलीफा से भी शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान जयशंकर ने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से बहरीन के नेतृत्व को शुभकामनाएं प्रेषित कीं। दोनों नेताओं के बीच बातचीत में व्यापार, निवेश और रणनीतिक सहयोग को और अधिक गहरा करने पर जोर दिया गया।

भारतीय समुदाय को बताया 'जीवंत सेतु'

बहरीन में एक बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी रहते हैं जो वहां की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान दे रहे हैं। जयशंकर ने बहरीन के नेतृत्व और राजा हमद का विशेष रूप से आभार जताया कि उन्होंने भारतीय समुदाय की सुरक्षा, कल्याण और हितों का हमेशा ध्यान रखा है। जयशंकर ने कहा कि बहरीन के राजा का कुशल मार्गदर्शन भारत और बहरीन के रिश्तों को लगातार आगे बढ़ा रहा है। अपने दौरे में विदेश मंत्री ने प्रवासी भारतीयों के प्रतिनिधियों से भी सीधा संवाद किया और उन्हें दोनों देशों को जोड़ने वाला एक 'जीवंत सेतु' करार दिया।

क्षेत्रीय सुरक्षा और व्यापार पर विदेश मंत्री से मंथन

शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात से ठीक पहले, डॉ. जयशंकर ने अपने बहरीन के समकक्ष, विदेश मंत्री अब्दुल्लातिफ बिन राशिद अल जायदानी के साथ एक विस्तृत और अहम बैठक की। इस दौरान दोनों नेताओं ने केवल द्विपक्षीय सहयोग पर ही नहीं, बल्कि तेजी से बदलते क्षेत्रीय घटनाक्रमों (Regional Developments) और आपसी हितों से जुड़े कई वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया।

चार खाड़ी देशों की अहम रणनीतिक यात्रा

आपको बता दें कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर 5 से 10 जुलाई 2026 तक चार प्रमुख खाड़ी देशों—कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान—की अहम रणनीतिक यात्रा पर हैं। भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा, विदेशी निवेश और व्यापार के लिहाज से यह क्षेत्र बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण है। जयशंकर अपने इस बहुआयामी दौरे में क्षेत्रीय नेताओं से मिलकर ऊर्जा आपूर्ति, व्यापारिक साझेदारी और क्षेत्रीय सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं।

 

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