'मैंने कॉकपिट का दरवाजा खोला, उसने बंद कर दिया... फिर': फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर ने सुनाई हाईजेक की खौफनाक दास्तान

'मैंने कॉकपिट का दरवाजा खोला, उसने बंद कर दिया... फिर': फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर ने सुनाई हाईजेक की खौफनाक दास्तान

अंतरराष्ट्रीय विमानन जगत को झकझोर देने वाली फ्लाईदुबई की उड़ान (Flydubai Flight) की घटना को लेकर हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट को हवा में ही हाईजैक करने और दुर्घटनाग्रस्त करने की खतरनाक कोशिश को अपनी जान की बाजी लगाकर नाकाम करने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर (Captain Smit Machhar) ने अब इस खौफनाक मंजर की पूरी आपबीती साझा की है। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद अपनी अद्भुत बहादुरी से 174 यात्रियों की जान बचाने वाले कैप्टन स्मित ने इस भयानक घटना का एक-एक सच दुनिया के सामने रखा है।

नमाज का बहाना और अचानक सिर पर कुल्हाड़ी से वार

घटना के बारे में विस्तार से बताते हुए कैप्टन स्मित मच्छर ने बताया कि दुबई से तेल अवीव की यह उड़ान बिल्कुल सामान्य रूप से शुरू हुई थी। उड़ान के कुछ समय बाद सह-पायलट (को-पायलट) ने उनसे नमाज पढ़ने की इच्छा जताई, जो खाड़ी देशों और उस क्षेत्र के विमानन क्षेत्र में एक सामान्य बात मानी जाती है।

एक अच्छे सहकर्मी होने के नाते और पेशेवर शिष्टाचार का पालन करते हुए कैप्टन स्मित सामने की तरफ देखने लगे ताकि सह-पायलट शांति से एकांत में अपनी इबादत कर सके। लेकिन, इसके महज चार से पांच मिनट बाद ही अचानक उनके सिर के पिछले हिस्से पर किसी भारी और धारदार चीज से जोरदार वार किया गया।

इमरजेंसी कुल्हाड़ी से लगातार किए गए वार, छा गया अंधेरा

शुरुआत में कैप्टन स्मित को लगा कि शायद विमान में कोई बहुत बड़ी तकनीकी खराबी आ गई है या कोई भारी स्ट्रक्चरल डैमेज हुआ है। लेकिन, इसके तुरंत बाद उनके सिर पर लगातार कई और जोरदार वार किए गए, तब जाकर उन्हें अहसास हुआ कि कोई तकनीकी गड़बड़ी नहीं, बल्कि कॉकपिट के अंदर मौजूद उनका अपना सह-पायलट ही उन पर जानलेवा हमला कर रहा है।

लगातार हुए इन खौफनाक हमलों के कारण उनकी आंखों के आगे अंधेरा छाने लगा और सब कुछ धुंधला दिखाई देने लगा। इसी दौरान उन्हें गंभीर अहसास हुआ कि विमान बहुत तेजी से सीधे नीचे की तरफ (Dive) गोता लगा रहा है। उन्होंने अपनी बची-खुची ताकत का इस्तेमाल करते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोलने की एक बार कोशिश की, लेकिन हमलावर सह-पायलट ने तुरंत उसे दोबारा बंद कर दिया।

खून से लथपथ फर्श पर संघर्ष और यात्रियों की चीख-पुकार

कॉकपिट के फर्श पर खून से लथपथ पड़े कैप्टन स्मित को बाहर से तेज हवाओं की भयानक आवाजें और विमान में मौजूद यात्रियों की चीख-पुकार साफ सुनाई दे रही थी। उस दर्दनाक और नाजुक पल में उन्होंने खुद से कहा कि यदि उन्होंने इस आखिरी मौके पर हिम्मत हार दी, तो न केवल उनकी बल्कि विमान में सवार सभी मासूम लोगों की जान चली जाएगी।

अपनी जान की परवाह न करते हुए उन्होंने अपनी बची हुई पूरी ताकत को इकट्ठा किया, हर शारीरिक बाधा से लड़ते हुए किसी तरह कॉकपिट के दरवाजे तक पहुंचे और उसे खोल दिया। बाहर केबिन क्रू और यात्री पहले से ही सतर्क थे, जो तुरंत दरवाजा खुलते ही अंदर झपटे और हमलावर को दबोचकर पूरी तरह काबू में कर लिया।

कौन है हमलावर सह-पायलट और कैसे बची जान

मीडिया रिपोर्ट्स और आधिकारिक जांच के अनुसार, इस कायराना हमले को अंजाम देने वाला सह-पायलट ओमान का नागरिक हमाम अल-हम्मामी था, जिसने कॉकपिट में सुरक्षा के लिए रखी जाने वाली इमरजेंसी कुल्हाड़ी से कैप्टन पर हमला किया था। यूएई के अटॉर्नी जनरल हमद सैफ अल शमसी ने इस पूरी घटना को एक गंभीर 'आतंकवादी साजिश' करार दिया है।

जांच में यह भी सामने आया कि अल-हम्मामी को उसके कट्टरपंथी विचारों के कारण पहले ही ओमान में विमान उड़ाने से रोका जा चुका था और पायलट ट्रेनिंग से हटा दिया गया था। इसके बावजूद फ्लाईदुबई एयरलाइन में उसकी नियुक्ति कैसे हुई, इसकी गहन जांच की जा रही है। गनीमत यह रही कि कैप्टन स्मित मच्छर के अदम्य साहस और यात्रियों-क्रू के सूझबूझ भरे सहयोग से विमान को सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतार लिया गया, जिससे एक बड़ा विमान हादसा टल गया।