'मैं ही हूं ब्राजील का असली राष्ट्रपति...', चुनाव हारने के बाद अमेरिका पहुंचे फ्लैवियो बोल्सोनारो का बड़ा दावा

'मैं ही हूं ब्राजील का असली राष्ट्रपति...', चुनाव हारने के बाद अमेरिका पहुंचे फ्लैवियो बोल्सोनारो का बड़ा दावा

दक्षिण अमेरिकी महाद्वीप के सबसे बड़े देश ब्राजील (Brazil) की राजनीति से इस वक्त एक बहुत ही बड़ी, सनसनीखेज और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा देने वाली खबर सामने आ रही है। हाल ही में संपन्न हुए ब्राजीलियाई राष्ट्रपति चुनाव के परिणामों के बाद देश का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। पूर्व राष्ट्रपति जाइर बोल्सोनारो के बेटे और प्रभावशाली सीनेटर फ्लैवियो बोल्सोनारो (Flávio Bolsonaro) ने आधिकारिक चुनाव परिणामों को सिरे से खारिज कर दिया है। अमेरिका पहुंच चुके फ्लैवियो ने दावा किया है कि मौजूदा राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा (Luiz Inácio Lula da Silva) की जीत पूरी तरह से धांधली पर आधारित है और उन्होंने खुद को देश का 'असली राष्ट्रपति' घोषित कर दिया है। इस राजनीतिक ड्रामे के बाद अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक गलियारों में एक बार फिर गर्माहट आ गई है। आइए विस्तार से जानते हैं कि फ्लैवियो बोल्सोनारो के इस बगावती तेवर के पीछे की पूरी कहानी क्या है और उन्होंने अमेरिका से क्या-क्या गंभीर आरोप लगाए हैं।

चुनाव परिणामों को ठुकराते हुए फ्लैवियो बोल्सोनारो ने खुद को बताया असली राष्ट्रपति

ब्राजील की राजनीति में पिछले कुछ समय से उथल-पुथल मची हुई है, लेकिन हालिया घटनाक्रम ने स्थिति को और अधिक गंभीर बना दिया है। चुनाव में अपनी पार्टी और वैचारिक धड़े की हार के बाद फ्लैवियो बोल्सोनारो अपने परिवार के साथ देश छोड़कर अमेरिका जा चुके हैं। वहां से उन्होंने ब्राजील की जनता और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के नाम एक लंबा और तीखा बयान जारी किया है।

अपने इस बयान में फ्लैवियो ने साफ तौर पर कहा कि वे देश में हुए राष्ट्रपति चुनाव के परिणामों को कभी स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा की जीत में बड़े पैमाने पर चुनावी फर्जीवाड़ा और धांधली की गई है। इतना ही नहीं, खुद को ब्राजील का असली राष्ट्रपति बताते हुए उन्होंने यह हुंकार भरी है कि वे विदेश में रहकर भी अपनी राजनीतिक लड़ाई जारी रखेंगे। हालांकि, दिलचस्प बात यह है कि उनकी अपनी पार्टी 'लिबरल पार्टी' (PL) पहले ही आधिकारिक चुनाव परिणामों को औपचारिक रूप से स्वीकार कर चुकी है, लेकिन फ्लैवियो के इन बयानों ने पार्टी लाइन से हटकर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।

"मैं भागा नहीं हूं, बल्कि ब्राजील की भलाई के लिए बाहर आया हूं" - फ्लैवियो की सफाई

देश छोड़कर अमेरिका जाने के बाद से ही फ्लैवियो के पलायन को लेकर तमाम तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। इन चर्चाओं पर विराम लगाते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके देश छोड़ने को 'भागना' या भगोड़ा होना बिल्कुल नहीं समझा जाना चाहिए।

फ्लैवियो ने अपने बचाव में कहा, "मैं यह पूरी तरह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि मैं ब्राजील से भागा नहीं हूं, बल्कि ब्राजील और वहां की जनता की भलाई के लिए ही विदेश आया हूं।" उन्होंने आरोप लगाया कि ब्राजील में मौजूदा समय में राजनीतिक उत्पीड़न और एक तरह की तानाशाही जैसा माहौल बन चुका है। यदि वे इस स्थिति में देश के भीतर ही रहते, तो वे खुलकर अपनी पार्टी और विपक्ष का नेतृत्व नहीं कर पाते। इस दौरान उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली का परोक्ष रूप से आभार व्यक्त करते हुए वैश्विक समर्थन की उम्मीद जताई है।

चुनाव में फर्जीड़े के गंभीर आरोप, सुप्रीम कोर्ट पर भी साधा निशाना

अपनी बात को वजन देने के लिए फ्लैवियो बोल्सोनारो ने दावा किया कि 25 अक्टूबर को हुए राष्ट्रपति चुनाव में गणितीय रूप से असंभव खेल खेला गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा को पहले और दूसरे दौर के मतदान के बीच अचानक 10 लाख से अधिक वोट मिल गए, जो बिना धांधली के संभव नहीं है। इसके अलावा उन्होंने मतदान का समय बढ़ाए जाने और न्यायपालिका की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े किए। हालांकि, उनके इन तमाम गंभीर दावों के समर्थन में अभी तक कोई भी पुख्ता या आधिकारिक सबूत पेश नहीं किया गया है।

इसके साथ ही, फ्लैवियो ने ब्राजील के सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की शीर्ष अदालत उनके और उनके पूरे परिवार के खिलाफ राजनीतिक बदले की भावना से काम कर रही है। उन्होंने अंदेशा जताया कि उनके खिलाफ मनगढ़ंत साजिशें रची जा सकती हैं, जिसमें उनका पासपोर्ट जब्त करना या उन्हें हाउस अरेस्ट करना शामिल हो सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल उनके खिलाफ कोई नया गिरफ्तारी वारंट जारी नहीं हुआ है और उन्होंने कोई कानूनी अपराध नहीं किया है।

अमेरिका से ही संभालेंगे विपक्ष की बागडोर, सीनेट चुनाव को लेकर बनाई रणनीति

विदेश की धरती से अपनी राजनीतिक पारी को आगे बढ़ाने का ऐलान करते हुए फ्लैवियो ने अपनी तुलना इतिहास के महान नेताओं से की। उन्होंने खुद की तुलना फ्रांस के प्रसिद्ध नेता चार्ल्स डी गॉल और वेनेजुएला के प्रमुख विपक्षी नेताओं से करते हुए घोषणा की कि वह अमेरिका में सुरक्षित रहकर ही ब्राजील के मुख्य विपक्ष की कमान संभालेंगे।

उन्होंने अपने समर्थकों को आश्वस्त किया कि वे ब्राजील के उन तमाम नागरिकों की आवाज बनते रहेंगे जो वर्तमान में सरकार के डर से खुलकर बोलने से कतरा रहे हैं। भविष्य की राजनीतिक रणनीति का खुलासा करते हुए उन्होंने कहा कि वे आगामी सीनेट अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए सीनेटर रोजेरियो मारिन्हो के नाम का पूर्ण समर्थन करते हैं। साथ ही, उन्होंने वादा किया कि वे जल्द ही बेहद शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीकों से देश के बिखरे हुए विपक्ष को एकजुट करने की एक व्यापक योजना का खुलासा करेंगे। ब्राजील की राजनीति का यह नया अध्याय आने वाले दिनों में देश और दुनिया की राजनीति में एक बड़ा भूचाल ला सकता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Q1: फ्लैवियो बोल्सोनारो कौन हैं? Ans: फ्लैवियो बोल्सोनारो ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जाइर बोल्सोनारो के बेटे और देश के एक प्रमुख सीनेटर हैं, जो हाल ही में चुनाव परिणामों के बाद अमेरिका चले गए हैं।

Q2: फ्लैवियो ने ब्राजील के चुनाव को लेकर क्या आरोप लगाए हैं? Ans: उन्होंने आरोप लगाया है कि राष्ट्रपति चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है और मौजूदा राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा की जीत फर्जी है। उन्होंने खुद को देश का 'असली राष्ट्रपति' बताया है।

Q3: क्या ब्राजील की मुख्य पार्टी ने इन नतीजों को स्वीकार किया है? Ans: हां, फ्लैवियो की अपनी पार्टी 'लिबरल पार्टी' (PL) आधिकारिक चुनाव परिणामों को पहले ही स्वीकार कर चुकी है, लेकिन फ्लैवियो और उनके समर्थक इसका लगातार विरोध कर रहे हैं।