मैं हाफिज सईद का गुलाम हूं... पाकिस्तान के पूर्व मंत्री की बेशर्मी, कभी भारत को दी थी परमाणु हमले की धमकी

मैं हाफिज सईद का गुलाम हूं... पाकिस्तान के पूर्व मंत्री की बेशर्मी, कभी भारत को दी थी परमाणु हमले की धमकी

पाकिस्तान के नेताओं का भारत विरोधी चेहरा और आतंकवादियों के प्रति उनका प्रेम एक बार फिर दुनिया के सामने बेनकाब हो गया है। कभी भारत को एटम बम की गीदड़भभकियां देने वाले पाकिस्तान के पूर्व मंत्री और कट्टरपंथी नेता शेख रशीद अहमद का एक ऐसा कबूलनामा सामने आया है, जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। एक समय भारत को खुलेआम परमाणु हमले की धमकी देने वाले इस पाकिस्तानी नेता ने अब सार्वजनिक तौर पर कुबूल किया है कि वह खूंखार आतंकवादी और मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का गुलाम है। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद एक बार फिर यह साबित हो गया है कि पाकिस्तान के हुक्मरान और आतंकी संगठनों के बीच किस स्तर की गहरी सांठगांठ है।

शेख रशीद का शर्मनाक कबूलनामा: आतंकवादियों के प्रति खुली वफादारी

पाकिस्तान की सियासत में हमेशा अपनी विवादित बयानबाजी के लिए मशहूर रहे शेख रशीद का यह बयान उनकी वैचारिक दिवालियापन को साफ दिखाता है। जिस देश की जनता खुद महंगाई, भुखमरी और कंगाली से जूझ रही है, वहां के नेता देशहित की बात करने के बजाय वैश्विक आतंकवादियों के चरणों में अपनी निष्ठा समर्पित कर रहे हैं। यूएन द्वारा घोषित ग्लोबल आतंकी और भारत के सबसे बड़े दुश्मन हाफिज सईद को अपना आंका मानना यह उजागर करता है कि पाकिस्तान में कट्टरपंथ और आतंकवाद किस हद तक राजनीति की मुख्यधारा में रचे-बसे हैं।

कभी भारत को दी थी परमाणु हमले की धमकी, अब खुद ही बेनकाब

यह वही शेख रशीद अहमद हैं जो मंत्री पद पर रहते हुए भारत के खिलाफ लगातार जहर उगलते थे और कई बार टीवी चैनलों पर बैठकर भारत पर एटम बम गिराने की गीदड़भभकियां दिया करते थे। भारत की मजबूत कूटनीति और वैश्विक मंचों पर लगातार हो रही किरकिरी के बाद पाकिस्तान के इन पाखंडी नेताओं का असली चरित्र अब खुद-ब-खुद दुनिया के सामने आ रहा है। भारत विरोधी एजेंडा चलाने वाले ऐसे नेता आज अपने ही देश में आतंकवाद के गुलाम साबित हो रहे हैं, जो उनकी राजनीतिक लाचारी और वैचारिक दिवालियापन का जीता-जागता सबूत है।

वैश्विक मंच पर पाकिस्तान की पोल खुली

शेख रशीद के इस बयान से एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने यह बात स्पष्ट हो गई है कि पाकिस्तान कभी भी आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति में गंभीर नहीं रहा है। पाकिस्तान की सरकारें और राजनेता भले ही दुनिया को यह दिखाने की कोशिश करें कि वे आतंकवाद के खिलाफ हैं, लेकिन अंदरखाने उनके तार लश्कर-ए-तैइबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे खूंखार आतंकी संगठनों के आसरपस्तों से जुड़े हुए हैं। इस खुलासे के बाद पाकिस्तान का आतंकवाद समर्थक चेहरा एक बार फिर वैश्विक स्तर पर उजागर हो गया है।

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