'जन्म के समय रोया भी नहीं था, फिर हथियारों का बना सिरफिरा': ट्रंप के हमलावर थॉमस मैथ्यू क्रूक्स पर FBI के नए खुलासे

'जन्म के समय रोया भी नहीं था, फिर हथियारों का बना सिरफिरा': ट्रंप के हमलावर थॉमस मैथ्यू क्रूक्स पर FBI के नए खुलासे

साल 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव प्रचार के दौरान पेंसिल्वेनिया के बटलर में तत्कालीन रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनल्ड ट्रंप की हत्या का जानलेवा प्रयास करने वाले 20 वर्षीय शूटर थॉमस मैथ्यू क्रूक्स के मनोवैज्ञानिक और पारिवारिक पृष्ठभूमि को लेकर फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) की हालिया जांच रिपोर्ट में हैरान कर देने वाले तथ्य सामने आए हैं। एजेंसी द्वारा सार्वजनिक किए गए आधिकारिक पूछताछ दस्तावेजों के अनुसार, हमलावर बचपन से ही सामाजिक रूप से पूरी तरह कटा हुआ और अत्यधिक शांत स्वभाव का था, लेकिन किशोरावस्था की दहलीज पार करते ही वह आधुनिक आग्नेयास्त्रों, थ्री-डी प्रिंटेड असॉल्ट उपकरणों और विस्फोटक तकनीक के खतरनाक जुनून में जकड़ता चला गया। संघीय जांचकर्ताओं द्वारा क्रूक्स के पिता मैथ्यू क्रूक्स और उसके करीबी संपर्कों से लिए गए विस्तृत बयानों ने अब यह स्पष्ट कर दिया है कि किस तरह एक होनहार लेकिन अकेला छात्र धीरे-धीरे घातक स्नाइपर मानसिकता की ओर फिसल गया।

#1 जन्म से शांत और खुद से बातें करने की आदत: पिता ने बयां की क्रूक्स की बचपन की अजीब दास्तान

संघीय जांच एजेंसी एफबीआई को दिए गए बयानों में क्रूक्स के पिता मैथ्यू ने जांचकर्ताओं को बताया कि उनका बेटा जन्म के पहले ही पल से आम बच्चों की तुलना में बिल्कुल अलग था। पिता के शब्दों में, जब थॉमस का जन्म हुआ तो वह सामान्य नवजातों की तरह रोया तक नहीं था और तभी से उसने जीवन भर एक गहरा और रहस्यमयी सन्नाटा ओढ़ रखा था। पिता और बेटे के बीच कभी भी आत्मीय या सहज संवाद स्थापित नहीं हो सका, क्योंकि क्रूक्स अपनी भावनाएं व्यक्त करने से हमेशा बचता था और शायद ही कभी मुस्कुराता था। हाई-स्कूल के दौरान वह समाज और साथी सहपाठियों से और भी अधिक कट गया और शिक्षकों से सामान्य बातचीत करने में भी झिझकने लगा। मिडिल स्कूल के दौरान बोरियत और सबका ध्यान खींचने के लिए स्कूल की डेस्क तोड़ने जैसी अजीब हरकतों के चलते माता-पिता को संदेह था कि वह अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (ADHD) से पीड़ित है। वह अक्सर अकेले कमरे में खुद से लंबी बातें किया करता था, हालांकि इन सभी विसंगतियों के बावजूद वह पढ़ाई-लिखाई और अकादमिक प्रदर्शन में हमेशा अव्वल दर्जे पर बना रहा।

#1 नौसेना के सपनों से लेकर निशानेबाजी तक: कोविड काल में जागा घातक आग्नेयास्त्रों का शौक

करियर की तलाश में क्रूक्स का दिमाग तेजी से बदलता रहा, जिसमें एक समय वह अमेरिकी नौसेना में शामिल होकर परमाणु पनडुब्बियों के तकनीकी संचालन विंग में भर्ती होने के ख्वाब देख रहा था, लेकिन वह किसी भी लक्ष्य पर लंबे समय तक टिक नहीं सका। किशोरावस्था में उसका रुझान अचानक बंदूकों और शूटिंग स्पेक्ट्रम की तरफ मुड़ गया, जिसने कोविड-19 महामारी के राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के दौरान भयानक रूप ले लिया। खाली समय में उसने स्थानीय गन क्लबों में जाना शुरू किया, जहां शुरुआत में खराब निशानेबाजी करने वाला क्रूक्स लगातार अभ्यास के दम पर कुछ ही वर्षों में लंबी दूरी का अचूक निशानेबाज बन गया। उसके पिता ने बताया कि वह अक्सर बुनियादी आयरन साइट्स का उपयोग करके अधिकतम संभव दूरी तक सटीकता से बुलेट दागने के तकनीकी प्रयोगों में व्यस्त रहता था।

#1 3D प्रिंटर से हथियार बनाने की कोशिश और 'बॉब डोल' के फर्जी नाम से उपकरणों की तस्करी

एफबीआई के खुलासों से यह भी साबित हुआ है कि क्रूक्स केवल बंदूकें चलाने तक सीमित नहीं था, बल्कि वह घर के अंदर ही घातक हथियार और जासूसी उपकरण तैयार करने की इंजीनियरिंग सनक का शिकार था। उसने कार्बन-फाइबर प्लास्टिक और घरेलू टूल्स का इस्तेमाल करके ग्लॉक-19 पिस्टल असेंबल करने का जोखिम उठाया था और 3D प्रिंटर व रास्पबेरी पाई चिपसेट का उपयोग करके अपना कस्टमाइज्ड गेमिंग सिस्टम और ऑटोमेटेड सिक्योरिटी कैमरा नेटवर्क तैयार कर लिया था। डिजिटल दुनिया में अपनी पहचान छिपाने और सर्विलांस से बचने के लिए वह ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स से हथियार के पार्ट्स और टूल्स मंगाते समय पूर्व अमेरिकी सीनेटर 'बॉब डोल' के छद्म नाम का इस्तेमाल करता था। अपने पिता द्वारा बार-बार रोके जाने के बावजूद वह अकाउंट हैकिंग और ट्रैकिंग से बचने के लिए अत्याधुनिक एन्क्रिप्शन और प्राइवेसी टूल्स का सहारा लेकर पार्सल रिसीव करता रहा।

#1 राजनीतिक विचारधारा पर विरोधाभास और 13 जुलाई 2024 का वह जानलेवा हमला

राजनीतिक दृष्टिकोण से क्रूक्स इतिहास और सत्ता संघर्ष पर गहराई से पढ़ता था और ट्रंप, जो बाइडेन तथा मार्को रुबियो जैसे दिग्गजों के बयानों का निरंतर विश्लेषण करता था। हालांकि वह कागजों पर एक रिपब्लिकन के तौर पर पंजीकृत था और सरकारी वेलफेयर योजनाओं व कथित वोक कल्चर का मुखर विरोधी था, लेकिन असल में वह किसी भी पारंपरिक दल के प्रति निष्ठावान नहीं था बल्कि राजनेताओं के भाषणों और प्रशासनिक नीतियों का उपहास उड़ाने में अधिक रुचि रखता था। इसी विकृत मानसिकता के तहत 13 जुलाई 2024 को उसने बटलर रैली में मंच पर भाषण दे रहे डोनल्ड ट्रंप पर छत से जानलेवा गोलियां दागीं, जो ट्रंप के कान को छूकर निकल गई थीं। इस हमले में रैली में मौजूद एक निर्दोष नागरिक की जान चली गई थी और दो अन्य लोग गंभीर रूप से लहूलुहान हो गए थे, जिसके चंद सेकेंड के भीतर यूएस सीक्रेट सर्विस के स्नाइपर्स ने क्रूक्स को मौके पर ही मार गिराया था। पिता मैथ्यू ने जांचकर्ताओं के सामने आज भी यही दोहराया कि परिवार आज तक यह समझने में असमर्थ है कि उनके शांत दिखने वाले बेटे के भीतर इतना खौफनाक कदम उठाने का वास्तविक मकसद क्या था।