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वेनेजुएला में 'महाप्रलय': 7.1 और 7.5 की तीव्रता वाले डबल भूकंप ने मचाई तबाही; साइंस से समझें आखिर क्यों कांपती है धरती?

कुदरत का कहर जब भी टूटता है, तो इंसान के बनाए बड़े-बड़े कंक्रीट के ढांचे और गगनचुंबी इमारतें ताश के पत्तों की तरह बिखर जाती हैं। कुछ ऐसा ही खौफनाक मंजर इस समय दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में देखने को मिल रहा है, जो अपने इतिहास की सबसे भीषण और विनाशकारी प्राकृतिक आपदाओं में से एक का सामना कर रहा है।

वेनेजुएला में एक ही मिनट के भीतर दो के बाद एक बैक-टू-बैक शक्तिशाली भूकंप के झटके आए, जिसने हंसते-खेलते शहरों को मलबे के ढेर में तब्दील कर दिया। राजधानी काराकास से लेकर देश के अलग-अलग प्रांतों से सामने आ रहे वीडियो और तस्वीरें रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं। सैकड़ों से भी ज्यादा इमारतें पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी हैं और देश का मुख्य इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी ढह गया है। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) की प्रारंभिक सैटेलाइट गणना के अनुसार, इस महाप्रलय में मरने वालों का आंकड़ा 10 हजार से भी पार जा सकता है। हालात को देखते हुए पूरे देश में आपातकाल (State of Emergency) लागू कर दिया गया है और समंदर में सुनामी का रेड अलर्ट जारी है।

वेनेजुएला को दहलाने वाले 'डबल अटैक' का गणित

मौसम और भूगर्भीय वैज्ञानिकों के मुताबिक, वेनेजुएला में आए इस भूकंप की तीव्रता और गहराई दोनों ही बेहद खतरनाक थीं:

  • पहला झटका: रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 7.1 मापी गई, जिसका केंद्र राजधानी काराकास से लगभग 160 किलोमीटर पश्चिम में और ज़मीन से महज 13 किलोमीटर की गहराई में था।

  • दूसरा झटका: पहले झटके के कुछ ही सेकेंड बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा और अधिक शक्तिशाली भूकंप आया, जिसका केंद्र मोरोन शहर से 16 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में ज़मीन से केवल 10 किलोमीटर नीचे था।

आखिर क्यों आते हैं इतने भयंकर भूकंप? जानिए इसके पीछे का विज्ञान

वेनेजुएला हादसे के बाद हर किसी के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर धरती के भीतर ऐसा क्या होता है जिससे इतने विनाशकारी भूकंप आते हैं? विज्ञान के नजरिए से समझें तो इन भयंकर झटकों के पीछे पृथ्वी की गहरी परतों में होने वाली निम्नलिखित 4 बड़ी हलचलें जिम्मेदार होती हैं:

1. टेक्टोनिक प्लेटों का आपस में टकराना (Tectonic Plates)

हमारी धरती ऊपर से भले ही एक ठोस गेंद जैसी दिखाई देती हो, लेकिन इसके अंदर की बनावट बिल्कुल अलग है। पृथ्वी की सबसे ऊपरी परत (Crust) एक अखंड टुकड़ा नहीं है, बल्कि यह 7 बड़ी और कई छोटी-छोटी प्लेटों से मिलकर बनी है, जिन्हें टेक्टोनिक प्लेट्स कहा जाता है। ये प्लेटें धरती के अंदर मौजूद पिघले हुए लावे (मैग्मा) पर बेहद धीमी गति से लगातार तैर रही हैं। जब ये प्लेटें तैरते हुए आपस में टकराती हैं, एक-दूसरे के नीचे धंसती हैं, या एक-दूसरे से रगड़ खाती हैं, तो सतह पर कंपन पैदा होता है जिसे हम भूकंप कहते हैं।

2. फॉल्ट लाइन पर भारी दबाव बनना (Fault Lines)

जहां दो टेक्टोनिक प्लेटों की सीमाएं या किनारे आपस में मिलते हैं, उस कमजोर जोड़ को फॉल्ट लाइन कहा जाता है। अक्सर गति करते समय ये प्लेटें आपस में बुरी तरह फंस जाती हैं और आगे नहीं बढ़ पातीं। लेकिन पृथ्वी के आंतरिक खिंचाव के कारण पीछे से लग रहा दबाव कम नहीं होता। इस वजह से उस फंसे हुए स्थान (फॉल्ट लाइन) पर सालों तक भारी मात्रा में इलास्टिक एनर्जी यानी तनाव ऊर्जा जमा होने लगती है।

3. अचानक एनर्जी का बाहर निकलना

जब यह दबाव चट्टानों की सहने की क्षमता (सीमा) से बाहर हो जाता है, तो फॉल्ट लाइन की चट्टानें अचानक टूट जाती हैं या एक-झटके में फिसल जाती हैं। ऐसा होते ही सालों से रुकी हुई वह प्रचंड ऊर्जा एक सेकंड के भीतर 'भूकंपीय तरंगों' (Seismic Waves) के रूप में बाहर निकलती है। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे किसी स्प्रिंग को हाथों से बहुत ज्यादा दबाने के बाद अचानक छोड़ दिया जाए। यही तरंगें जब धरती की सतह तक पहुंचती हैं, तो महाविनाश लेकर आती हैं।

इन 3 बातों पर तय होती है भूकंप की भयावहता

कोई भी भूकंप कितना खतरनाक या विनाशकारी होगा, यह मुख्य रूप से तीन तकनीकी पैमानों पर निर्भर करता है:

पैमाना क्या होता है इसका मतलब? प्रभाव
मैग्नीट्यूड (Magnitude) फॉल्ट लाइन टूटने से कितनी ऊर्जा बाहर निकली। 7 से अधिक की तीव्रता वाले भूकंप हमेशा विनाशकारी होते हैं।
फोकस की गहराई (Depth of Focus) धरती के अंदर जिस सटीक बिंदु पर भूकंप की शुरुआत होती है, उसे फोकस या हाइपोसेंटर कहते हैं। फोकस जितना सतह के करीब (जैसे 10-20 किमी अंदर) होगा, तबाही उतनी ही विकराल होगी।
एपिसेंटर (Epicenter) फोकस के ठीक ऊपर धरती की सतह (Surface) पर स्थित बिंदु। इस केंद्र पर भूकंप के झटके सबसे तेज और नुकसान सबसे ज्यादा होता है।

वेनेजुएला में ही क्यों आया इतना बड़ा भूकंप?

भौगोलिक और भूगर्भीय बनावट के अनुसार वेनेजुएला दुनिया के सबसे संवेदनशील सीस्मिक जोन (Seismic Zone) में आता है। यह देश मुख्य रूप से कैरेबियन प्लेट (Caribbean Plate) और साउथ अमेरिकन प्लेट (South American Plate) के बिल्कुल मिलन बिंदु पर बसा हुआ है।

वैज्ञानिकों का मानना है कि ये दोनों विशाल टेक्टोनिक प्लेटें लगातार एक-दूसरे के विपरीत दिशा में भीषण दबाव बना रही हैं। सालों से जमा हो रहा यही दबाव मोरोन शहर के पास फॉल्ट लाइन टूटने से अचानक बाहर आ गया, जिसके कारण वेनेजुएला में यह 'महाप्रलय' आई है।

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