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कीर स्टार्मर के इस्तीफे पर डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा हमला; बोले- 'पवन चक्कियों ने डूबा दी ब्रिटेन की ऊर्जा नीति, साइप्रस पर भी की बड़ी गलती'

ब्रिटेन की राजनीति में मचे भारी घमासान और प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के इस्तीफे के ऐलान के बाद वैश्विक सियासत पूरी तरह से गरमा गई है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटेन के निवर्तमान प्रधानमंत्री और लेबर पार्टी के नेता कीर स्टार्मर की बेहद तीखी और सीधी आलोचना की है। सोमवार (22 जून, 2026) को व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने स्टार्मर पर करारा हमला बोला। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि स्टार्मर ने देश की ऊर्जा नीति, इमिग्रेशन (प्रवासन संकट) और वॉशिंगटन (अमेरिका) के साथ कूटनीतिक संबंधों को संभालने में बेहद बचकाना रवैया अपनाया, जिसकी वजह से उन्हें खुद को और पूरे ब्रिटेन को बहुत बड़ा नुकसान पहुंचाना पड़ा।

हालांकि बातचीत की शुरुआत में ट्रंप ने थोड़ा नरम रुख दिखाते हुए कहा, "मुझे लगता है कि वह एक अच्छे इंसान हैं।" लेकिन इसके तुरंत बाद उन्होंने स्टार्मर की नीतियों की धज्जियां उड़ा दीं। ट्रंप ने आरोप लगाया कि स्टार्मर नॉर्थ सी (उत्तरी सागर) में मौजूद विशाल तेल भंडारों का दोहन करने में पूरी तरह फेल रहे और पर्यावरण के नाम पर हर जगह केवल पवन चक्कियां (Windmills) लगाने की अनुमति देकर उन्होंने ब्रिटेन की पूरी ऊर्जा व्यवस्था को बिगाड़ कर रख दिया।

'नॉर्वे से तेल खरीदता है यूके, जबकि खुद के पास है खजाना'

अमेरिकी राष्ट्रपति ने ब्रिटेन की फॉसिल फ्यूल नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि ब्रिटेन आज अपनी ऊर्जा और ईंधन का एक बहुत बड़ा हिस्सा पड़ोसी देश नॉर्वे से खरीदता है। अब सवाल यह है कि नॉर्वे खुद तेल कहां से लाता है? वह भी नॉर्थ सी से ही निकालता है। ट्रंप ने कहा कि नॉर्थ सी का एक बहुत बड़ा और बेहतर हिस्सा ब्रिटेन के अधिकार क्षेत्र में आता है, लेकिन पर्यावरण एक्टिविस्टों के दबाव में आकर वहां की सरकार अपने ही संसाधनों का इस्तेमाल नहीं करना चाहती, जो कि बेहद हास्यास्पद और आर्थिक रूप से आत्मघाती कदम है।

ट्रंप ने पहले ही कर दी थी स्टार्मर के पतन की भविष्यवाणी

डोनाल्ड ट्रंप ने इस बात का भी दावा किया कि उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर बहुत पहले ही कीर स्टार्मर के इस्तीफे की सटीक भविष्यवाणी कर दी थी। ट्रंप के मुताबिक, स्टार्मर व्यक्तिगत तौर पर उनके दोस्त जैसे हैं, लेकिन एक प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर, विशेषकर नाटो (NATO) और ईरान के साथ चल रहे मौजूदा युद्ध में अमेरिका का जैसा और जितना समर्थन मिलना चाहिए था, वैसा बिल्कुल नहीं किया।

साइप्रस के ब्रिटिश सैन्य अड्डे को लेकर था दोनों सुपरपावर्स में मतभेद

दोनों वैश्विक नेताओं के बीच सबसे बड़ा और गंभीर मतभेद ईरान पर हवाई हमलों के लिए साइप्रस द्वीप पर स्थित ब्रिटिश मिलिट्री बेस के इस्तेमाल को लेकर पैदा हुआ था। ट्रंप ने खुले तौर पर अपनी गहरी निराशा जाहिर करते हुए कहा कि साइप्रस में रॉयल एयर फोर्स (RAF) के 'अक्रोटिरी बेस' से अमेरिकी लड़ाकू विमानों को ईरान के ठिकानों पर बमबारी करने की इजाजत देने में ब्रिटेन ने जरूरत से ज्यादा वक्त गंवा दिया था।

ट्रंप ने बताया, "शुरुआत में ब्रिटिश सरकार ने हमसे कहा कि वे हमें इस द्वीप पर लैंडिंग की अनुमति नहीं दे सकते। हमारे साझा सैन्य इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ था। हालांकि, स्टार्मर आखिरकार भारी दबाव के बाद मान तो गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। उनका यह ढुलमुल रवैया एक बेहद बुरा कदम था, जिसने उनकी अंतरराष्ट्रीय साख को भारी चोट पहुंचाई।"

ऊर्जा, प्रवासन और अपराध: स्टार्मर के सामने थीं ये 3 बड़ी चुनौतियां

कड़े प्रहारों के बाद ट्रंप ने स्टार्मर के निजी भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने कहा, "मैं उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं देता हूं, लेकिन यह सच है कि उनके कार्यकाल में तीन सबसे बड़े संकट थे— ऊर्जा, इमिग्रेशन और बेकाबू होता अपराध।" ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब ब्रिटेन आर्थिक मंदी के दबाव, प्रवासन नीति की विफलता और कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर घरेलू स्तर पर पहले से ही भयंकर घेराबंदी का सामना कर रहा है।

एक दशक में 7वां प्रधानमंत्री देखने को तैयार है ब्रिटेन

स्थानीय चुनावों में लेबर पार्टी की बेहद करारी शिकस्त के बाद अपनी ही पार्टी के सांसदों और कैबिनेट मंत्रियों के भारी आंतरिक विद्रोह के आगे झुकते हुए कीर स्टार्मर ने आखिरकार सोमवार को लेबर पार्टी के नेता पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि, देश में सुचारू रूप से सत्ता के हस्तांतरण (Handover) तक वे कार्यवाहक प्रधानमंत्री के तौर पर काम करते रहेंगे।

ब्रिटिश राजनीतिक गलियारों में इस समय लेबर पार्टी के बेहद अनुभवी नेता और ग्रेटर मैनचेस्टर के पूर्व लोकप्रिय मेयर एंडी बर्नहैम के संसद में लौटने के बाद नए प्रधानमंत्री बनने की संभावनाएं सबसे ज्यादा मजबूत हैं। अगर आने वाले दिनों में एंडी बर्नहैम ब्रिटेन की कमान संभालते हैं, तो वह पिछले महज एक दशक (10 साल) के भीतर ब्रिटेन की गद्दी पर बैठने वाले सातवें प्रधानमंत्री होंगे, जो यूके की डांवाडोल राजनीतिक स्थिरता को दर्शाता है।

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