कबाड़ से रचा इतिहास: सीमेंट वर्कर की कलाकारी से खड़े हुए 200 बॉटल ट्री

कबाड़ से रचा इतिहास: सीमेंट वर्कर की कलाकारी से खड़े हुए 200 बॉटल ट्री

कहते हैं कि जुनून और दूरदर्शिता हो तो इंसान किसी भी बेकार चीज़ को बेमिसाल अजूबा बना सकता है। अमेरिका के कैलिफोर्निया में एक साधारण सीमेंट फैक्ट्री वर्कर रहे एल्मर लॉन्ग ने इस बात को सच साबित कर दिखाया है। उन्होंने किसी बड़े बजट या भारी मशीनरी के बिना, सिर्फ अपनी लगन और पर्यावरण-प्रेमी सोच के बल पर सड़कों, रेगिस्तान और कबाड़खानों में लावारिस पड़ी कांच की बोतलों को इकट्ठा करके लगभग 200 मेटल 'बॉटल ट्री' का एक पूरा का पूरा बगीचा तैयार कर दिया है। आज यह जगह ‘बॉटल ट्री रेंच’ के नाम से दुनिया भर के पर्यटकों और आर्ट लवर्स के लिए एक लोकप्रिय केंद्र बन चुकी है।

बचपन का शौक जो बना जिंदगी का सबसे बड़ा मिशन

एल्मर जब छोटे थे, तब वे अपने पिता के साथ रेगिस्तानी इलाकों में घूमकर रंग-बिरंगी कांच की प्राचीन बोतलें और धातु के पुराने टुकड़े जमा किया करते थे। पिता के निधन के बाद भी बोतलों को सहेजने का उनका यह शौक खत्म नहीं हुआ। सीमेंट प्लांट से रिटायरमेंट लेने के बाद, उनके पास बोतलों का इतना विशाल संग्रह हो गया था कि उन्हें संभालना एक चुनौती बनने लगा। उन्होंने इन यादों को कचरा बनने देने के बजाय अपने हाथों की कलाकारी से एक नया जीवन देने का फैसला किया।

वेल्डिंग पाइप और बेकार बोतलों से बनाया अनोखा जंगल

वर्ष 2000 के दशक की शुरुआत में एल्मर ने अपने हुनर का इस्तेमाल करते हुए लोहे के पुराने पाइपों, गाड़ियों के स्क्रैप पार्ट्स और वेल्डिंग की मदद से पेड़ों की टहनियों जैसी आकृतियां बनाना शुरू किया। इसके बाद उन्होंने हर एक टहनी पर अलग-अलग रंगों, आकारों और स्वादों की पुरानी कांच की बोतलों को सजा दिया। देखते ही देखते एक एकड़ से अधिक ज़मीन पर हरे, नीले, पीले और पारदर्शी बोतलों वाले 200 से भी अधिक विशालकाय पेड़ लहराने लगे।

धूप की चमक और हवा का संगीत बनता है आकर्षण

इस बॉटल ट्री फ़ॉरेस्ट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि जब भी मरुस्थलीय रेगिस्तान में सूरज की किरणें इन बोतलों पर पड़ती हैं, तो पूरा परिसर सतरंगी रोशनी से जगमगा उठता है। इसके अलावा, जब मरुस्थलीय हवाएं इन खुली बोतलों के मुंह से होकर गुजरती हैं, तो एक बेहद सुरीली और प्राकृतिक सीटी जैसी ध्वनि गूंजती है। यह नजारा देखने और सुनने वाले पर्यटकों को एक अलग ही काल्पनिक दुनिया में होने का अहसास कराता है।

वेस्ट टू वंडर का बेहतरीन उदाहरण और ग्लोबल एट्रैक्शन

प्रसिद्ध हिस्टोरिक रूट 66 मार्ग के किनारे स्थित यह स्थल आज केवल एक आर्ट गैलरी नहीं, बल्कि ग्लोबल लेवल पर इको-फ्रेंडली रीसाइक्लिंग का सबसे अनोखा उदाहरण बन गया है। दुनिया के कोने-कोने से आने वाले पर्यटक यहां रुकते हैं, तस्वीरें खिंचवाते हैं और एल्मर के इस अनोखे प्रोजेक्ट को सलाम करते हैं। पर्यावरण संरक्षण और कबाड़ से जुगाड़ का यह संदेश हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणादायक है जो वेस्ट मैनेजमेंट के लिए नए रास्ते तलाश रहा है।