हॉर्मुज में अमेरिका का 'समुद्री शिकंजा': ईरान की ओर जा रहे 3 जहाजों को रोका, मरीन कमांडर ने संभाली कमान

हॉर्मुज में अमेरिका का 'समुद्री शिकंजा': ईरान की ओर जा रहे 3 जहाजों को रोका, मरीन कमांडर ने संभाली कमान

रणनीतिक रूप से दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्ग 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' पर तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। फारस की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना ने अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हुए ईरान की ओर बढ़ रहे तीन मालवाहक जहाजों को बीच रास्ते में ही रोक दिया है। इस चौंकाने वाली कार्रवाई के दौरान अमेरिकी मरीन कमांडो का एक दस्ता सीधे एक जहाज पर उतरा, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। यह कदम ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच एक बड़े सैन्य संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

क्या है 'ऑपरेशन शिकंजा'?

अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) के सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा बनाए रखने और ईरान द्वारा की जाने वाली संभावित गतिविधियों पर नजर रखने के लिए की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी युद्धपोतों ने ईरान की तरफ जा रहे तीन जहाजों को घेरा और उनकी तलाशी ली। इस दौरान एक जहाज पर अमेरिकी मरीन कमांडो के उतरने की तस्वीरें सामने आई हैं, जिसमें वे पूरी तरह से हथियारों से लैस नजर आ रहे हैं। अमेरिकी नौसेना का दावा है कि ये जहाज संदिग्ध गतिविधियों में शामिल हो सकते थे, जिसके कारण यह कड़ा कदम उठाना पड़ा।

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज क्यों है इतना अहम?

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दुनिया के तेल व्यापार की लाइफलाइन माना जाता है। वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा इसी संकीर्ण रास्ते से गुजरता है। पिछले कुछ महीनों में ईरान ने इस क्षेत्र में कई विदेशी तेल टैंकरों को जब्त करने या परेशान करने का प्रयास किया है, जिसके जवाब में अमेरिका ने इस इलाके में अपनी तैनाती को कई गुना बढ़ा दिया है। अब अमेरिका ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी सैन्य मौजूदगी के जरिए इस समुद्री गलियारे को किसी भी तरह की दखलअंदाजी से मुक्त रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

ईरान की प्रतिक्रिया और भविष्य के हालात

इस घटना के बाद तेहरान की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन विशेषज्ञ इसे एक बड़े सैन्य टकराव की आहट के तौर पर देख रहे हैं। ईरान पहले ही अमेरिका के इस 'शक्ति प्रदर्शन' को अपने समुद्री क्षेत्र की संप्रभुता का उल्लंघन बता चुका है। उधर, अमेरिका के इस कदम से कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में उतार-चढ़ाव की आशंका बढ़ गई है। आने वाले दिनों में हॉर्मुज के जलडमरूमध्य में अमेरिका और ईरान के बीच यह 'बिल्ली-चूहे' का खेल अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है।

 

Latest Posts