फ्रांस के रेनॉयर म्यूजियम में करोड़ों की सनसनीखेज चोरी, 98 करोड़ की 4 बेशकीमती पेंटिंग्स लेकर फरार हुए चोर

फ्रांस के रेनॉयर म्यूजियम में करोड़ों की सनसनीखेज चोरी, 98 करोड़ की 4 बेशकीमती पेंटिंग्स लेकर फरार हुए चोर

कला जगत और सुरक्षा एजेंसियों को हिला देने वाली एक बड़ी घटना फ्रांस के कैग्नेस-सुर-मेर शहर से सामने आई है। फ्रांस के मशहूर और ऐतिहासिक रेनॉयर म्यूजियम में मंगलवार की सुबह दो अज्ञात चोरों ने बड़ी सफाई से सेंधमारी की और लगभग 98 करोड़ रुपये की कीमत वाली चार बेशकीमती पेंटिंग्स पर हाथ साफ कर दिया। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद से पूरे फ्रांस में हड़कंप मच गया है और म्यूजियम्स की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। हालांकि पुलिस और स्थानीय प्रशासन आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रहा है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कलाकृतियों की इस चोरी ने सुरक्षा तंत्र की पोल खोल कर रख दी है।

म्यूजियम के सिक्योरिटी अलार्म बजने के 5 मिनट के भीतर पहुंची पुलिस

शहर के मेयर ब्रायन मैसन द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह घटना मंगलवार तड़के की है जब म्यूजियम की सुरक्षा में तैनात अलार्म ठीक सुबह 5:48 बजे अचानक बज उठा। अलार्म की आवाज सुनते ही स्थानीय म्युनिसिपल पुलिस तुरंत हरकत में आ गई और बिना एक भी पल गंवाए महज पांच मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंच गई। हालांकि, शातिर चोर पुलिस के पहुंचने से कुछ सेकंड पहले ही इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार होने में कामयाब हो चुके थे। शहर के सीसीटीवी कैमरों को खंगालने पर भागते हुए दोनों संदिग्धों की फुटेज सामने आई है, जिसके आधार पर पुलिस उनकी पहचान करने और उन्हें दबोचने के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है।

हड़बड़ी में भागी चोरों की टोली, एक पेंटिंग मौके पर बरामद

जब चोर इस बड़ी चोरी को अंजाम देकर घबराहट में भाग रहे थे, तो पुलिस के आने की आहट और हड़बड़ी के कारण उनके हाथ से एक बेशकीमती पेंटिंग रास्ते में ही गिर गई। स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उस गिरी हुई कलाकृति को मौके से सुरक्षित बरामद कर लिया है। लेकिन इसके बावजूद तीन अन्य बेहद अमूल्य पेंटिंग्स को चोर अपने साथ ले जाने में पूरी तरह सफल रहे। कला विशेषज्ञों का मानना है कि ये पेंटिंग्स ऐतिहासिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण हैं और अंतरराष्ट्रीय कला बाजार में इनकी कीमत लगभग 98 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस चोरी के पीछे किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय चोर गिरोह का हाथ है जो चुराई गई कलाकृतियों को विदेशों में बेचने की फिराक में हैं।

मशहूर फ्रांसीसी चित्रकार पियरे-अगस्टे रेनॉयर का ऐतिहासिक घर है यह म्यूजियम

यह म्यूजियम किसी आम कला गैलरी की तरह नहीं है, बल्कि इसका ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से बहुत बड़ा महत्व है। यह म्यूजियम प्रसिद्ध फ्रांसीसी प्रभाववादी चित्रकार पियरे-अगस्टे रेनॉयर को समर्पित है। साल 1919 में अपने निधन से ठीक पहले यह भव्य इमारत महान चित्रकार का आखिरी निवास स्थान हुआ करती थी। उनके जाने के बाद, साल 1960 में इस ऐतिहासिक घर को एक शानदार संग्रहालय यानी म्यूजियम में परिवर्तित कर दिया गया था। इस म्यूजियम में रेनॉयर की उत्कृष्ट और अद्भुत पेंटिंग्स के साथ-साथ उनके निजी जीवन से जुड़ी कई अमूल्य वस्तुएं जैसे उनका चित्रफलक यानी ईज़ल और उनकी इस्तेमाल की गई व्हीलचेयर तक को संभालकर रखा गया है, जिन्हें देखने के लिए दुनिया भर से कला प्रेमी यहां पहुंचते हैं।

पेरिस के लूवर म्यूजियम में हुई डकैती की यादें फिर ताजा हुईं

फ्रांस के रेनॉयर म्यूजियम में हुई इस ताजा और बड़ी चोरी ने कला जगत में पिछले साल हुई एक अन्य खौफनाक घटना की यादें ताजा कर दी हैं। एक साल से भी कम समय पहले, फ्रांस की राजधानी पेरिस में स्थित दुनिया के सबसे सुरक्षित और प्रतिष्ठित माने जाने वाले 'लूवर म्यूजियम' में दिनदहाड़े एक बहुत बड़ी डकैती को अंजाम दिया गया था। उस सनसनीखेज वारदात के दौरान चोरों ने लूवर म्यूजियम से लगभग 100 मिलियन डॉलर यानी करोड़ों रुपये मूल्य की आठ बेशकीमती चीजों को पार कर दिया था। उस घटना के जख्म अभी भरे भी नहीं थे कि रेनॉयर म्यूजियम की इस नई घटना ने यह साबित कर दिया है कि फ्रांस के ऐतिहासिक संग्रहालयों की सुरक्षा व्यवस्था में अभी भी बहुत बड़ी और खतरनाक चूक बनी हुई है।

अंतरराष्ट्रीय कला बाजार में चोरों के निशाने पर क्यों हैं ऐतिहासिक म्यूजियम

कला और संस्कृति के जानकारों का यह मानना है कि दुनिया भर के ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्व के संग्रहालय चोरों के सॉफ्ट टारगेट बनते जा रहे हैं। इन म्यूजियम्स में रखी जाने वाली पेंटिंग्स और कलाकृतियों की कोई तय कीमत नहीं होती, बल्कि इनकी वैल्यू नीलामी में तय होती है। ऐसे में तस्कर और संगठित अपराधी इन अमूल्य धरोहरों को चुराकर ब्लैक मार्केट में बेहद ऊंची कीमतों पर बेच देते हैं। फ्रांस की सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की भी गहराई से पड़ताल कर रही हैं कि क्या इस चोरी को अंजाम देने वाले चोरों को म्यूजियम की अंदरूनी बनावट, सुरक्षा चक्र और कैमरों की लोकेशन की पहले से कोई पुख्ता जानकारी थी या नहीं। बहरहाल, देश की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किरकिरी होने के बाद पुलिस प्रशासन पर जल्द से जल्द चोरों को पकड़ने और शेष बची हुई तीन बेशकीमती पेंटिंग्स को सुरक्षित बरामद करने का जबरदस्त दबाव बना हुआ है।