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March 23 2026 03:47 am

World Cup 2027 : क्या रोहित-विराट को अगला विश्व कप खेलना चाहिए? हरभजन सिंह ने दिया चौंकाने वाला जवाब

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News India Live, Digital Desk: भारतीय क्रिकेट के दो सबसे बड़े स्तंभ, रोहित शर्मा और विराट कोहली के भविष्य को लेकर क्रिकेट गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। सवाल यह है कि क्या ये दोनों दिग्गज 2027 के वनडे विश्व कप में नीली जर्सी में नजर आएंगे? इस यक्ष प्रश्न पर टीम इंडिया के पूर्व दिग्गज स्पिनर हरभजन सिंह ने अपनी बेबाक राय रखी है। भज्जी के इस बयान ने सोशल मीडिया से लेकर खेल प्रेमियों के बीच एक नई बहस छेड़ दी है, क्योंकि 2027 तक इन दोनों खिलाड़ियों की उम्र एक बड़ा फैक्टर होने वाली है।

फिटनेस और फॉर्म पर टिका है सारा दारोमदार एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में जब हरभजन सिंह से रोहित और विराट की 2027 विश्व कप में भागीदारी पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बहुत ही व्यावहारिक जवाब दिया। हरभजन ने कहा कि क्रिकेट में उम्र महज एक नंबर है, लेकिन असली पैमाना 'फिटनेस' और 'परफॉर्मन्स' है। भज्जी के मुताबिक, अगर रोहित शर्मा और विराट कोहली अगले दो साल तक अपनी मौजूदा फिटनेस बरकरार रखते हैं और रन बनाना जारी रखते हैं, तो उन्हें टीम से बाहर रखने का कोई कारण नहीं बनता।

विराट की फिटनेस और रोहित की कप्तानी का जादू हरभजन सिंह ने विशेष रूप से विराट कोहली की फिटनेस की तारीफ करते हुए कहा कि वह आज भी टीम के सबसे फिट खिलाड़ियों में से एक हैं। वहीं, रोहित शर्मा की कप्तानी और उनके निडर खेल ने हाल के वर्षों में टीम इंडिया को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। हालांकि, हरभजन ने यह भी जोड़ा कि 2027 अभी काफी दूर है और बीसीसीआई (BCCI) को युवाओं और अनुभव के बीच संतुलन बनाना होगा। उन्होंने संकेत दिया कि अगर ये दोनों खिलाड़ी खुद को तैयार महसूस करते हैं, तो इनका अनुभव विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में टीम के लिए अनमोल साबित होगा।

क्या युवाओं को मौका देने का है सही समय? भज्जी के बयान के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या शुभमन गिल, यशस्वी जायसवाल और ऋतुराज गायकवाड़ जैसे युवाओं को तैयार करने के लिए सीनियर खिलाड़ियों को धीरे-धीरे पीछे हटना चाहिए? हरभजन ने इस पर कहा कि युवाओं को मौका जरूर मिलना चाहिए, लेकिन टीम में अनुभव का होना भी अनिवार्य है। उन्होंने उदाहरण देते हुए समझाया कि दक्षिण अफ्रीका में होने वाले 2027 के विश्व कप की परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण होंगी, जहां रोहित और विराट जैसे मंझे हुए बल्लेबाजों की तकनीक टीम को मजबूती दे सकती है।

चयनकर्ताओं के लिए होगी बड़ी सिरदर्दी आने वाले समय में मुख्य चयनकर्ता और टीम प्रबंधन के लिए यह तय करना चुनौतीपूर्ण होगा कि टीम को 'ट्रांजिशन फेज' (बदलाव के दौर) में कब ले जाना है। फिलहाल, रोहित और विराट दोनों ही वनडे और टेस्ट क्रिकेट में सक्रिय हैं और शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। हरभजन सिंह का मानना है कि इन दोनों दिग्गजों को खुद यह तय करने का अधिकार मिलना चाहिए कि वे कब तक खेलना चाहते हैं, बशर्ते उनका बल्ला बोलता रहे। अब देखना यह है कि क्या 'चेस मास्टर' कोहली और 'हिटमैन' रोहित 2027 के मिशन में भारतीय उम्मीदों का भार अपने कंधों पर उठाते हैं या नहीं।