Women's Heart Attack : पुरुषों से अलग होते हैं ये लक्षण ,महिलाओं के लिए हार्ट अटैक से जुड़ी ये खबर बेहद ज़रूरी, अभी पढ़ें

Post

News India Live, Digital Desk: Women's Heart Attack : महिलाओं में दिल के दौरे (हार्ट अटैक) के लक्षण अक्सर पुरुषों से अलग हो सकते हैं, जिसकी वजह से कभी-कभी इसे पहचानना मुश्किल हो जाता है. यही कारण है कि महिलाओं के लिए दिल का दौरा एक साइलेंट किलर (Silent killer) साबित हो सकता है.

शोधों और चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि पुरुषों में जहाँ छाती में तेज़ दर्द (chest pain) और हाथ में खिंचाव जैसे लक्षण प्रमुख होते हैं, वहीं महिलाओं में दिल का दौरा पड़ने से पहले या उसके दौरान कुछ ख़ास संकेत (special signals) मिलते हैं. इन संकेतों को अगर समय रहते पहचान लिया जाए तो ये सचमुच ज़िंदगी बचा सकते हैं.

तो आइए जानें महिलाओं में दिल के दौरे के कुछ खास संकेत:

  • असामान्य थकान: यह सबसे आम और अनदेखा लक्षण है. अचानक और बहुत ज़्यादा थकान महसूस करना, बिना कोई बड़ा काम किए थकावट रहना, यहाँ तक कि रोज़मर्रा के सामान्य कामों में भी ज़्यादा मेहनत लगना.
  • नींद में परेशानी: बिना किसी वजह के नींद आने में दिक्कत होना, अनिद्रा या सोते समय अचानक नींद खुल जाना भी एक संकेत हो सकता है.
  • सीने में बेचैनी या दबाव: भले ही यह तेज दर्द न हो, लेकिन सीने के बीच में हल्का दबाव, जकड़न या बेचैनी महसूस होना, खासकर जो बार-बार आता-जाता रहे.
  • कमर या जबड़े में दर्द: दर्द सिर्फ़ छाती में ही नहीं, बल्कि पीठ, कमर, गर्दन या यहाँ तक कि जबड़े में भी महसूस हो सकता है. कई बार यह गैस या पेट दर्द जैसा लग सकता है.
  • सांस लेने में दिक्कत: बिना कोई ज़्यादा शारीरिक गतिविधि किए भी सांस लेने में मुश्किल होना या छोटी सांसें आना.
  • पसीना आना: अचानक ठंडा पसीना आना, जो किसी और वजह से न हो, जैसे कि गर्मी या मेनोपॉज़.
  • जी मिचलाना या उल्टी: अक्सर इसे अपच या फ़ूड पॉइजनिंग समझ लिया जाता है, लेकिन यह भी हार्ट अटैक का लक्षण हो सकता है.

इन लक्षणों को समझना इसलिए भी ज़रूरी है क्योंकि महिलाओं में दिल के दौरे के लक्षण कई बार स्पष्ट नहीं होते. अक्सर इन्हें तनाव (stress) या सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं (general health issues) से जोड़कर अनदेखा कर दिया जाता है. अगर आप या आपके परिवार में कोई महिला ऐसे किसी भी लक्षण को बार-बार महसूस कर रही है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना बहुत ज़रूरी है. समय पर पहचान और उचित इलाज ही किसी की ज़िंदगी बचा सकता है. अपनी और अपनों की सेहत का ख्याल रखें!