women's Health Issues : क्या गर्भनिरोधक गोलियां बढ़ाती हैं ब्रेस्ट कैंसर का ख़तरा? जानिए क्या कहते हैं डॉक्टर्स
News India Live, Digital Desk: आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में परिवार नियोजन (Family Planning) के लिए गर्भनिरोधक गोलियां (Birth Control Pills) एक बहुत ही आम और सुविधाजनक तरीका बन चुकी हैं। करोड़ों महिलाएँ अनचाहे गर्भ से बचने के लिए इन पर भरोसा करती हैं। लेकिन क्या आपने कभी सिक्के का दूसरा पहलू देखने की कोशिश की है? क्या ये गोलियां पूरी तरह से सुरक्षित हैं?
हाल ही में हुए कई शोध और डॉक्टरों की चेतावनियों ने इस पर एक गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है। डॉक्टरों का मानना है कि लंबे समय तक इन गोलियों का सेवन महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर (स्तन कैंसर) के ख़तरे को बढ़ा सकता है।
कैसे जुड़ा है गोलियों और कैंसर का कनेक्शन?
चलिए, इस बात को आसान भाषा में समझते हैं। ज़्यादातर गर्भनिरोधक गोलियों में दो तरह के सिंथेटिक हार्मोन होते हैं - एस्ट्रोजन (Estrogen) और प्रोजेस्टिन (Progestin)। ये हार्मोन शरीर में जाकर प्रेग्नेंसी को रोकते हैं।
समस्या यह है कि यही हार्मोन शरीर में कुछ कोशिकाओं को ज़रूरत से ज़्यादा बढ़ने के लिए उकसा सकते हैं। ब्रेस्ट की कोशिकाएँ इन हार्मोन्स के प्रति बहुत संवेदनशील होती हैं। जब लंबे समय तक इन गोलियों के ज़रिए शरीर को इन हार्मोन्स की अतिरिक्त डोज़ मिलती है, तो ब्रेस्ट की कोशिकाओं के अनियंत्रित तरीक़े से बढ़ने और कैंसर में बदलने का ख़तरा थोड़ा बढ़ जाता है।
क्या हर किसी के लिए है ख़तरा बराबर?
शोध बताते हैं कि:
- जो महिलाएँ वर्तमान में इन गोलियों का सेवन कर रही हैं, उनमें इसका ख़तरा उन महिलाओं की तुलना में थोड़ा ज़्यादा होता है, जिन्होंने कभी इन गोलियों का सेवन नहीं किया।
- यह ख़तरा इस बात पर भी निर्भर करता है कि आपने कितने लंबे समय तक इन गोलियों का सेवन किया है।
- अच्छी ख़बर यह है कि इन गोलियों को बंद करने के कुछ सालों बाद यह बढ़ा हुआ ख़तरा धीरे-धीरे कम होने लगता है।
तो सवाल उठता है कि क्या करें? क्या गोलियां लेना बंद कर दें?
इसका जवाब है - नहीं, अपने डॉक्टर से बात किए बिना कोई भी फ़ैसला न लें।
यह समझना बहुत ज़रूरी है कि इन गोलियों के कई फ़ायदे भी हैं। यह अनचाहे गर्भ को रोकने के साथ-साथ ओवेरियन (अंडाशय) और यूटेरिन (गर्भाशय) कैंसर के ख़तरे को कम भी करती हैं।
आपको क्या करना चाहिए?
- डॉक्टर से खुलकर बात करें: अपनी डॉक्टर को अपनी और अपने परिवार की मेडिकल हिस्ट्री के बारे में सब कुछ सच-सच बताएँ, ख़ासकर अगर परिवार में किसी को ब्रेस्ट कैंसर रहा हो।
- नियमित जाँच कराएँ: अगर आप इन गोलियों का सेवन कर रही हैं, तो नियमित रूप से अपने ब्रेस्ट की जाँच (Self-examination) करें और डॉक्टर से भी चेकअप कराती रहें।
- वैकल्पिक तरीकों पर विचार करें: अपने डॉक्टर से परिवार नियोजन के अन्य सुरक्षित तरीकों, जैसे कॉपर-टी (Copper-T) या कंडोम के बारे में भी जानकारी लें।
याद रखें, हर महिला का शरीर अलग होता है और उस पर इन गोलियों का असर भी अलग-अलग हो सकता है। इसलिए, सुनी-सुनाई बातों पर भरोसा करने की बजाय अपनी डॉक्टर की सलाह पर ही चलें। जानकारी और जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।