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March 13 2026 06:36 am

पति के खिलाफ पत्नी का प्रचार पवन सिंह की EX-वाइफ बोलीं खेसारी भैया जहां कहेंगे, वहां जाऊंगी

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News India Live, Digital Desk : भोजपुरी सिनेमा के दो सबसे बड़े सुपरस्टार, 'पावर स्टार' पवन सिंह (Pawan Singh) और 'हिट मशीन' खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) के बीच की 'दुश्मनी' किसी से छिपी नहीं है। पर्दे पर भले ही वे दोस्त हों, लेकिन असल जिंदगी में उनके बीच 36 का आंकड़ा रहा है। और अब, बिहार के चुनावी दंगल ने इस 'दुश्मनी' को एक ऐसे मोड़ पर ला दिया है, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।

इस 'महाभारत' में एक और किरदार की एंट्री हुई है, जिसने पूरे खेल को पलटकर रख दिया है। यह किरदार हैं पवन सिंह से अलग रह रहीं उनकी दूसरी पत्नी, ज्योति सिंह (Jyoti Singh)। ज्योति सिंह ने एक ऐसा बयान दे दिया है, जिसने बिहार, खासकर काराकाट लोकसभा सीट की सियासत में भूचाल ला दिया है।

क्या कहा ज्योति सिंह ने?

काराकाट लोकसभा सीट, जहां से पवन सिंह निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़कर सांसद बने हैं, बिहार की सबसे हॉट सीटों में से एक मानी जा रही है। पवन के खिलाफ यहां महागठबंधन से खेसारी लाल यादव के उतरने की चर्चा तेज है। इसी सियासी सरगर्मी के बीच, जब ज्योति सिंह से पूछा गया कि अगर खेसारी लाल यादव उनके पति के खिलाफ चुनाव लड़ते हैं, तो वह किसे सपोर्ट करेंगी?

इस पर ज्योति सिंह ने बिना किसी झिझक के जो जवाब दिया, वह पवन सिंह के खेमे में खलबली मचाने के लिए काफी है। ज्योति सिंह ने कहा:

"खेसारी लाल यादव जी मेरे बड़े भाई जैसे हैं, और हमेशा रहेंगे। एक भाई के नाते वह जहां भी मुझे बुलाएंगे, प्रचार करने के लिए कहेंगे, तो मैं जरूर जाऊंगी।"

यह बयान इसलिए भी अहम हो जाता है क्योंकि कुछ दिन पहले ही ज्योति सिंह ने एक कार्यक्रम में खेसारी लाल यादव के साथ मंच साझा किया था, और खेसारी ने भी सार्वजनिक रूप से उन्हें अपनी 'छोटी बहन' कहकर संबोधित किया था।

पारिवारिक 'कलह' बनी सियासी 'हथियार'?

यह किसी से छिपा नहीं है कि पवन सिंह और ज्योति सिंह का रिश्ता बहुत ही खराब दौर से गुजर रहा है। दोनों का तलाक का मामला कोर्ट में है और ज्योति ने पवन पर कई गंभीर आरोप भी लगाए हैं। ऐसे में, खेसारी लाल यादव का ज्योति सिंह को 'बहन' बनाना और ज्योति का उनके लिए प्रचार करने की बात कहना, सीधे तौर पर पवन सिंह के खिलाफ एक बहुत बड़ा 'मनोवैज्ञानिक' और 'सियासी' दांव माना जा रहा है।

महागठबंधन, खासकर खेसारी के समर्थक, पवन सिंह की 'घरेलू कलह' को चुनाव में एक बड़े हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं। वे यह संदेश देने की कोशिश करेंगे कि "जो इंसान अपने घर को नहीं संभाल सका, वह क्षेत्र को क्या संभालेगा?"

यह कहना गलत नहीं होगा कि काराकाट का चुनाव अब सिर्फ दो उम्मीदवारों या दो पार्टियों के बीच की लड़ाई नहीं रहा है। यह पवन सिंह के निजी और सार्वजनिक जीवन का एक 'लिटमस टेस्ट' बन गया है, जहां एक तरफ उनका 'पावर स्टार' वाला रुतबा है, तो दूसरी तरफ उनके बिखरे हुए रिश्ते और उनके सबसे बड़े 'दुश्मन' के साथ खड़ी उनकी अपनी पत्नी।