ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे ODI से क्यों ड्रॉप हुए नीतीश रेड्डी? कप्तान और कोच के फैसले ने किया सबको हैरान
News India Live, Digital Desk: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चल रही रोमांचक वनडे सीरीज के तीसरे और अंतिम मैच से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। भारतीय टीम मैनेजमेंट ने सबको चौंकाते हुए युवा और उभरते हुए ऑलराउंडर नीतीश रेड्डी (Nitish Reddy) को प्लेइंग XI से बाहर करने का फैसला किया है। यह फैसला इसलिए ज़्यादा हैरान करने वाला है, क्योंकि नीतीश रेड्डी को भारतीय क्रिकेट के भविष्य के रूप में देखा जा रहा है और उन्होंने पिछले कुछ मैचों में शानदार प्रदर्शन किया था।
आखिर टीम मैनेजमेंट ने ऐसा बड़ा फैसला क्यों लिया, जबकि सीरीज अभी भी निर्णायक मोड़ पर खड़ी है? क्या यह उनकी परफॉर्मेंस का सवाल है, या इसके पीछे कोई और रणनीति है?
प्रदर्शन का सवाल नहीं, यह है मैनेजमेंट की सोच
नीतीश रेड्डी ने इस सीरीज के पहले दो मैचों में भले ही तूफानी पारियाँ न खेली हों, लेकिन उन्होंने ऑलराउंड प्रदर्शन दिखाया था और कुछ ज़रूरी योगदान भी दिया था। इसलिए, उन्हें ड्रॉप किए जाने के पीछे उनकी फॉर्म नहीं, बल्कि टैक्टिकल ज़रूरतें (Tactical Requirements) और एक बड़े लक्ष्य की तरफ टीम का ध्यान केंद्रित होना बताया जा रहा है।
यहाँ तीन प्रमुख कारण दिए गए हैं जिसके चलते नीतीश रेड्डी को बाहर बैठना पड़ा:
1. एक अतिरिक्त विशेषज्ञ बल्लेबाज़ की ज़रूरत
सीरीज के आखिरी मुकाबले में टीम मैनेजमेंट मध्यक्रम (Middle Order) को मजबूती देना चाहता है। नीतीश रेड्डी भले ही अच्छी बल्लेबाजी करते हैं, लेकिन उन्हें एक फुल-फ्लेज्ड बैटिंग ऑलराउंडर के रूप में देखा जाता है। उनकी जगह टीम में एक अधिक अनुभवी या विशेषज्ञ बल्लेबाज़ (Specialist Batter) को शामिल किया जा सकता है, जो टॉप ऑर्डर को स्थिरता प्रदान कर सके। ऐसा माना जा रहा है कि उनकी जगह तिलक वर्मा जैसे किसी शुद्ध बल्लेबाज़ को मौका दिया गया है ताकि टीम की बल्लेबाजी लाइन-अप मजबूत हो।
2. ऑलराउंड विकल्प की अदला-बदली
मैनेजमेंट चाहता है कि बॉलिंग ऑलराउंडर और बैटिंग ऑलराउंडर के विकल्पों को रोटेट (Rotate) किया जाए ताकि सबको मौके मिल सकें। टीम हो सकता है अक्षर पटेल या किसी अन्य स्पिन बॉलिंग ऑलराउंडर को फिर से शामिल करना चाहती हो, जिनके आने से स्पिन डिपार्टमेंट और लोअर-ऑर्डर बैटिंग दोनों में गहराई आ जाती है। यह रोटेशन पॉलिसी, युवा खिलाड़ियों को बड़े स्टेज पर परखने का एक तरीका भी है।
3. फिटनेस या वर्कलोड मैनेजमेंट?
यह संभावना भी कम नहीं है। युवा खिलाड़ियों को आईपीएल और राष्ट्रीय टीम में लगातार खेलने से अत्यधिक थकान और इंजरी का खतरा बना रहता है। हो सकता है कि टीम मैनेजमेंट ने नीतीश रेड्डी के वर्कलोड को मैनेज करने के लिए उन्हें तीसरे मैच में आराम देने का फैसला किया हो। यह रणनीति उन युवा टैलेंट्स को बचाने के लिए जरूरी होती है, जो आने वाले समय में टीम के प्रमुख खिलाड़ी बनने वाले हैं।
कुल मिलाकर, नीतीश रेड्डी का ड्रॉप होना उनके ख़राब प्रदर्शन का नतीजा नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी 'स्मार्ट रोटेशन पॉलिसी' का हिस्सा लगता है, जिसे टीम इंडिया फ्यूचर के बड़े टूर्नामेंट्स के लिए युवा प्लेयर्स की ताकत और कमजोरी समझने के लिए इस्तेमाल कर रही है।