मांझी ने क्यों कहा कि अगर मोदी चाहें तो 5 घंटे में पाकिस्तान खत्म हो जाएगा? जानिए पूरा मामला
News India Live, Digital Desk: बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 का प्रचार अभियान जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, नेताओं के बयानों में तल्खी और अतिशयोक्ति भी बढ़ती जा रही है। इसी कड़ी में, एनडीए (NDA) के वरिष्ठ नेता और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) के संरक्षक, पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ में एक ऐसा बयान दे दिया है, जिसने बिहार से लेकर दिल्ली तक के सियासी गलियारों में एक नई और दिलचस्प बहस छेड़ दी है।
मांझी ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री मोदी का सीना 56 इंच का नहीं, बल्कि 112 इंच का है, और अगर वह चाहते तो महज 5 घंटों में पाकिस्तान पर कब्जा कर सकते थे।
राहुल-तेजस्वी पर बोला जोरदार हमला
गया में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए जीतन राम मांझी अपने पूरे रंग में नजर आए। उन्होंने महागठबंधन के नेताओं, खासकर राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि इन नेताओं को देश और दुनिया की कोई समझ नहीं है और वे सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी की आलोचना करना जानते हैं।
मांझी ने कहा, "ये लोग कहते हैं कि मोदी जी ने क्या किया? अरे! ये क्या जानें मोदी जी के बारे में!"
इसी दौरान उन्होंने पीएम मोदी की 'मजबूत नेता' वाली छवि को और भी बड़ा दिखाने की कोशिश में यह अनोखा बयान दे डाला।
क्या कहा जीतन राम मांझी ने?
मांझी ने कहा, "नरेंद्र मोदी का सीना 56 इंच का नहीं, बल्कि 112 इंच का है! वह इतने शक्तिशाली हैं कि अगर वह सिर्फ इशारा कर देते, तो हमारी सेना 5 घंटे के अंदर पाकिस्तान पर तिरंगा फहरा देती।"
उन्होंने आगे कहा, "लेकिन मोदी जी शरीफ आदमी हैं। वह पड़ोसी से झगड़ा करना पसंद नहीं करते। वह शांति चाहते हैं। इसीलिए उन्होंने पाकिस्तान को छोड़ दिया, वरना आज पाकिस्तान का नामोनिशान मिट गया होता।"
बयान के सियासी मायने
जीतन राम मांझी अपने ऐसे ही अनूठे और ठेठ अंदाज में दिए गए बयानों के लिए जाने जाते हैं। राजनीतिक विश्लेषक उनके इस बयान के कई मायने निकाल रहे हैं:
- NDA के वोट बैंक को संदेश: इस तरह के राष्ट्रवादी और मजबूत नेता वाले बयानों से मांझी एनडीए के कोर वोट बैंक को यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि देश सिर्फ पीएम मोदी के हाथों में ही सुरक्षित है।
- विपक्ष को कमजोर दिखाना: राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की आलोचना करके और उन्हें 'अज्ञानी' बताकर, वह उन्हें एक कमजोर नेता के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहे हैं, जिनकी तुलना पीएम मोदी से हो ही नहीं सकती।
- दलित-महादलित वोटों को साधना: जीतन राम मांझी खुद महादलित समुदाय से आते हैं और इस वर्ग पर उनकी अच्छी पकड़ है। जब वह मंच से पीएम मोदी की इतनी बढ़-चढ़कर तारीफ करते हैं, तो वह अपने समुदाय को भी एनडीए के साथ जोड़ने का एक मजबूत प्रयास करते हैं।
हालांकि, विपक्ष मांझी के इस बयान को 'चाटुकारिता' और 'हवा-हवाई बातों' का एक नया उदाहरण बता रहा है। लेकिन इतना तो तय है कि उनके इस '112 इंच' वाले बयान ने बिहार के चुनावी दंगल में मनोरंजन और बहस का एक नया मसाला जरूर डाल दिया है।