जेमिमा रोड्रिग्स को भारत ने क्यों किया था ड्रॉप? स्मृति मंधाना ने राज से उठाया पर्दा
News India Live, Digital Desk: महिला विश्व कप में इंग्लैंड के खिलाफ भारत को मिली 4 रनों की करीबी हार अभी भी फैंस को चुभ रही है. इस हार के साथ ही टीम के एक फैसले ने सभी को चौंका दिया था - वो था शानदार फॉर्म में चल रहीं बल्लेबाज जेमिमा रोड्रिग्स को प्लेइंग इलेवन में शामिल न करना. आखिर टीम मैनेजमेंट ने इतना बड़ा फैसला क्यों लिया? इस सवाल का जवाब अब खुद टीम की उप-कप्तान स्मृति मंधाना ने दिया है.
मैच के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्मृति ने इस राज से पर्दा उठाते हुए बताया कि यह एक रणनीतिक फैसला था, जो टीम के संतुलन को देखते हुए लिया गया.
गेंदबाजी को मजबूत करने के लिए उठाया कदम
स्मृति मंधाना ने खुलासा किया कि टीम मैनेजमेंट को पिछले कुछ मैचों से यह महसूस हो रहा था कि टीम गेंदबाजी में थोड़ी कमजोर पड़ रही है. इंदौर जैसी बैटिंग के लिए अच्छी पिच पर सिर्फ पांच मुख्य गेंदबाजों के साथ उतरना एक जोखिम भरा कदम हो सकता था.
मंधाना ने कहा, "ईमानदारी से कहूं तो, पिछले दो मैचों में हमें लगा कि पांच गेंदबाजी विकल्प काफी नहीं हैं. हमें लगा कि अगर हम सिर्फ पांच गेंदबाजों के साथ खेलेंगे तो हमें नुकसान हो सकता है."
इसी कमी को दूर करने के लिए टीम में एक अतिरिक्त गेंदबाज को शामिल करने का फैसला किया गया. इस एक अतिरिक्त गेंदबाज को जगह देने के लिए एक बल्लेबाज की कुर्बानी देनी पड़ी, और दुर्भाग्य से वो नाम जेमिमा रोड्रिग्स का था. उनकी जगह टीम में तेज गेंदबाज रेणुका सिंह को मौका दिया गया.
"यह एक बहुत कठिन फैसला था"
स्मृति ने यह भी माना कि यह फैसला लेना टीम के लिए बिल्कुल भी आसान नहीं था. उन्होंने कहा, "जेमी (जेमिमा) जैसी क्वालिटी खिलाड़ी को बाहर करना एक बहुत ही मुश्किल फैसला था. लेकिन टीम में सही संतुलन बनाने के लिए आपको कभी-कभी ऐसे कड़े कदम उठाने पड़ते हैं."
हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि यह कोई पक्का फैसला नहीं है और आगे के मैचों में टीम हालात के हिसाब से ही प्लेइंग इलेवन का चुनाव करेगी. भले ही नतीजा भारत के पक्ष में नहीं रहा, लेकिन मंधाना की बातों से यह साफ है कि विश्व कप जैसे बड़े मंच पर टीम इंडिया कोई भी जोखिम नहीं लेना चाहती और हर मैच के लिए एक मजबूत और संतुलित टीम उतारने की कोशिश कर रही है.