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April 01 2026 03:20 am

बिहार में किसकी हवा? सर्वे में NDA आगे, पर CM की कुर्सी पर तेजस्वी का तेज भारी

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News India Live, Digital Desk : बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 का बिगुल बज चुका है और सियासी पारा अपने चरम पर है। हर किसी की जुबान पर बस एक ही सवाल है - "इस बार पटना की गद्दी पर कौन बैठेगा?" इस सबसे बड़े सवाल का जवाब खोजने के लिए चुनाव से ठीक पहले कई प्रतिष्ठित सर्वे एजेंसियों ने जनता का मूड भांपने की कोशिश की है, और जो नतीजे सामने आ रहे हैं, वे बेहद दिलचस्प और चौंकाने वाले हैं।

लगभग सभी ताजा सर्वे एक ही ओर इशारा कर रहे हैं - मुकाबला बेहद 'कांटे की टक्कर' वाला है! हालांकि, ज्यादातर सर्वे में एनडीए (NDA) गठबंधन को मामूली बढ़त के साथ बहुमत मिलता दिख रहा है, लेकिन महागठबंधन (Mahagathbandhan) भी ज्यादा पीछे नहीं है, और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सबसे बड़ी एकल पार्टी के रूप में उभरती हुई नजर आ रही है।

क्या कहते हैं सर्वे के आंकड़े?

अलग-अलग सर्वे में सीटों का अनुमान थोड़ा ऊपर-नीचे है, लेकिनภาพรวม (overall picture) लगभग एक जैसा ही है।

  • NDA को बहुमत का अनुमान: हाल ही में आए Times Now-JVC के सर्वे के मुताबिक, 243 सीटों वाली बिहार विधानसभा में एनडीए गठबंधन को 120 से 140 सीटें मिलने की संभावना है, जो बहुमत के 122 सीटों के आंकड़े को आराम से पार कर सकता है। वहीं एक और सर्वे में भी NDA को बढ़त मिलती दिख रही है।
    • बीजेपी (BJP) को 70-81 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनने का अनुमान है।
    • जेडीयू (JDU) को 42-48 सीटें मिल सकती हैं।
    • एनडीए के अन्य सहयोगी, जैसे चिराग पासवान की LJP(R) और जीतन राम मांझी की HAM को भी कुछ सीटें मिलती दिख रही हैं।
  • महागठबंधन भी दौड़ में पीछे नहीं: सर्वे के अनुसार, महागठबंधन भी एनडीए को कड़ी टक्कर दे रहा है और उसे 93 से 112 सीटें तक मिलने का अनुमान है।
    • आरजेडी (RJD) को 69-78 सीटों के साथ सबसे बड़ी एकल पार्टी (single largest party) बनने का गौरव प्राप्त हो सकता है।
    • कांग्रेस (Congress) को 9-17 सीटें और वामपंथी दलों को भी 14-17 सीटें मिल सकती हैं, जो सरकार बनाने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।

मुख्यमंत्री की पहली पसंद कौन?

जब लोगों से पूछा गया कि वे अगले मुख्यमंत्री के रूप में किसे देखना चाहते हैं, तो यहां तेजस्वी यादव बाजी मारते नजर आ रहे हैं।

  • एक सर्वे के अनुसार, तेजस्वी यादव को 36.2% लोगों ने अपनी पहली पसंद बताया है।
  • वहीं, मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 15.9% लोगों की पसंद बने हुए हैं।
  • दिलचस्प बात यह है कि जन सुराज के प्रशांत किशोर (PK) भी 23.2% लोगों की पसंद बनकर एक बड़ी ताकत के रूप में उभरे हैं, हालांकि सर्वे में उनकी पार्टी को सिर्फ 1 सीट मिलती दिख रही है।

क्या हैं इन नतीजों के मायने?

इन सर्वे से कुछ बातें साफ हैं -

  1. NDA को बढ़त: प्रधानमंत्री मोदी के चेहरे और केंद्र-राज्य की डबल इंजन सरकार के काम पर एनडीए को बढ़त मिलती दिख रही है।
  2. तेजस्वी का बढ़ता कद: मुख्यमंत्री की पसंद के तौर पर तेजस्वी यादव का सबसे आगे होना यह दिखाता है कि युवाओं और आरजेडी के कोर वोट बैंक में उनका क्रेज बरकरार है।
  3. किंगमेकर की भूमिका: छोटी पार्टियां और निर्दलीय उम्मीदवार सरकार बनाने में 'किंगमेकर' की भूमिका निभा सकते हैं, क्योंकि मुकाबला बेहद नजदीकी है।

हालांकि, यह याद रखना जरूरी है कि ये सिर्फ सर्वे के अनुमान हैं, अंतिम नतीजे नहीं। असली फैसला तो बिहार की जनता 14 नवंबर को ही सुनाएगी जब वोटों की गिनती होगी। तब तक, हर गुजरते दिन के साथ बिहार का सियासी नाटक और भी दिलचस्प होता जाएगा।