White House Meeting : चीन को सीधी चुनौती? ट्रंप ने क्यों कहा, दुनिया सिर्फ हमारी टेक्नोलॉजी पर भरोसा कर सकती है

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News India Live, Digital Desk:  White House Meeting : दुनिया भर में जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर बहस छिड़ी हुई है, तब अमेरिका ने इस तकनीक पर अपना इरादा साफ कर दिया है. पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में अमेरिका की बड़ी-बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के प्रमुखों से मुलाकात की. इस बैठक में उन्होंने दुनिया को एक बड़ा संदेश देते हुए कहा, "दुनिया हमारी टेक्नोलॉजी पर भरोसा कर सकती है." उन्होंने साफ किया कि अमेरिका AI जैसी तकनीकों को बढ़ावा देगा, लेकिन इसे नैतिक मूल्यों और अमेरिकी सिद्धांतों के दायरे में ही विकसित किया जाएगा.

इस हाई-प्रोफ़ाइल बैठक में गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, अमेज़ॅन और आईबीएम जैसी कंपनियों के टॉप बॉस शामिल हुए. इन सभी नेताओं ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को आगे बढ़ाने के लिए ट्रंप प्रशासन के प्रयासों की सराहना की. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका को इस क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व करना जारी रखना चाहिए.

टेक लीडर्स ने कहा कि अमेरिका में इनोवेशन यानी नई खोजों का एक बेहतरीन माहौल है और यहां की कंपनियों द्वारा बनाई गई टेक्नोलॉजी विश्वसनीय है. उनका इशारा सीधे तौर पर चीन की तरफ था, जिसकी टेक्नोलॉजी पर अक्सर डेटा चुराने और जासूसी करने के आरोप लगते रहते हैं. बैठक का लब्बोलुआब यह था कि अमेरिका जो भी AI तकनीक बनाएगा, वह सुरक्षित, भरोसेमंद और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करने वाली होगी.

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि AI का विकास अमेरिकी हितों और उसके नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर किया जाए. उन्होंने कंपनियों को इनोवेशन के लिए हर तरह का समर्थन देने का वादा किया. यह बैठक दुनिया को यह संदेश देने की एक कोशिश थी कि भविष्य की टेक्नोलॉजी की बागडोर जब अमेरिका के हाथ में होगी, तो वह सुरक्षित और विश्वसनीय होगी.