जब पहली पत्नी ने कहा - "धर्मेंद्र अच्छे पति नहीं, पर..." - एक इंटरव्यू जिसने बॉलीवुड में मचा दी थी खलबली
बॉलीवुड के 'He-Man' धर्मेंद्र... एक ऐसा नाम, जिसकी macho इमेज, दमदार एक्टिंग और हैंडसम लुक्स पर आज भी लाखों लोग फिदा हैं। पर्दे पर वे जितने दमदार हीरो थे, असल जिंदगी में उनकी छवि एक परफेक्ट फैमिली मैन की थी। प्रकाश कौर के साथ उनकी शादी, सनी और बॉबी जैसे बेटे... सब कुछ एक खुशहाल परिवार की तस्वीर पेश करता था।
लेकिन इस हंसते-खेलते परिवार की कहानी में एक ऐसा तूफान आया, जिसने सब कुछ बदल कर रख दिया - और उस तूफान का नाम था हेमा मालिनी।
जब धर्मेंद्र ने इस्लाम धर्म अपनाकर, बिना पहली पत्नी को तलाक दिए, हेमा मालिनी से दूसरी शादी की, तो पूरे देश में एक भूचाल आ गया। हर कोई उन्हें 'वुमनाइजर' और गलत कहने लगा। लेकिन सबके मन में एक ही सवाल था - उनकी पहली पत्नी, प्रकाश कौर पर क्या बीत रही होगी? जो औरत हमेशा परछाई की तरह उनके साथ रही, उसने इस धोखे को कैसे सहा होगा?
सालों तक प्रकाश कौर खामोशी की चादर ओढ़े रहीं। उन्होंने कभी पब्लिक में आकर कोई तमाशा नहीं किया। लेकिन एक दिन, यह खामोशी टूटी। प्रकाश कौर ने एक मैगजीन को एक ऐसा इंटरव्यू दिया, जो आज भी बॉलीवुड के इतिहास के सबसे चर्चित, साहसी और दिल को छू लेने वाले इंटरव्यू में से एक माना जाता है।
"वे अच्छे पति नहीं हैं, लेकिन..."
उस इंटरव्यू में जब एक पत्रकार ने प्रकाश कौर से धर्मेंद्र के बारे में पूछा, तो उन्होंने जो जवाब दिया, उसने सबको हैरान कर दिया। उन्होंने अपने दिल का सारा दर्द उड़ेल दिया, लेकिन अपने पति की इज्जत पर एक आंच भी नहीं आने दी।
उन्होंने कहा, "वे (धर्मेंद्र) एक अच्छे पति भले ही न हों, लेकिन वे एक बहुत ही बेहतरीन पिता हैं। उनके बच्चे उन्हें अपनी जान से भी ज्यादा प्यार करते हैं।"
यह एक ऐसी लाइन थी, जिसमें एक पत्नी का दर्द भी था, और अपने बच्चों के पिता के लिए एक अटूट सम्मान भी। उन्होंने आगे कहा, "कोई और मर्द होता तो कब का हमें छोड़कर हेमा के पास चला गया होता, लेकिन उन्होंने कभी हमारा साथ नहीं छोड़ा। वे आज भी हर शाम घर आते हैं और बच्चों के साथ वक्त बिताते हैं।"
जब हेमा मालिनी के लिए भी बोलीं...
हैरानी की बात तो यह थी कि उन्होंने हेमा मालिनी को भी पूरी तरह से गलत नहीं ठहराया। उन्होंने कहा, "मैं हेमा की जगह होती तो शायद ऐसा कभी नहीं करती, क्योंकि मैं एक औरत और एक माँ होने का दर्द समझती हूँ। लेकिन मैं उनकी भावनाओं को भी समझ सकती हूँ। आखिर उन्होंने भी तो दुनिया का सामना किया है। सिर्फ हेमा को दोषी कैसे ठहरा सकते हैं, जब मेरे अपने पति भी इसमें शामिल थे?"
प्रकाश कौर का यह इंटरव्यू किसी भी मसालेदार कहानी से कहीं बढ़कर, एक भारतीय औरत की उस ताकत, गरिमा और समझदारी का प्रतीक है, जो अपने परिवार को बचाने के लिए अपने दर्द को भी पीना जानती है। उन्होंने धर्मेंद्र को एक पति के तौर पर फेल जरूर बताया, लेकिन एक इंसान और एक पिता के तौर पर उनका सिर कभी झुकने नहीं दिया।
यह इंटरव्यू आज भी हमें सिखाता है कि रिश्ते कितने जटिल होते हैं, और कभी-कभी जो बाहर से जैसा दिखता है, अंदर से वैसा नहीं होता। यह एक पत्नी की वो कहानी है, जिसने दुनिया के सामने अपने पति का सम्मान बनाए रखने के लिए अपने आंसुओं को खामोशी से पी लिया।