पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में मौसम लेगा खतरनाक करवट, बारिश के साथ होगी ओलावृष्टि की भी चेतावनी

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News India Live, Digital Desk : उत्तर भारत में जहां अभी गुलाबी ठंड ने अपनी दस्तक दी ही थी, वहीं अब मौसम एक बार फिर डराने वाला रूप दिखाने को तैयार है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पंजाब, हरियाणा और राजधानी चंडीगढ़ के लिए एक बड़ी चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला रहेगा। इस दौरान न केवल भारी बारिश होगी, बल्कि कुछ इलाकों में ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी प्रबल संभावना है।

कब से कब तक रहेगा असर?

मौसम विभाग चंडीगढ़ केंद्र के मुताबिक, इस बदलाव का असर आज यानी 31 अक्टूबर की शाम से ही दिखना शुरू हो जाएगा और यह 3 नवंबर तक जारी रह सकता है।

  • 31 अक्टूबर और 1 नवंबर: इन दो दिनों में पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के ज्यादातर इलाकों में बादल छाए रहेंगे। गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
  • 2 नवंबर को सबसे ज्यादा खतरा: मौसम का सबसे रौद्र रूप 2 नवंबर को देखने को मिल सकता है। इस दिन कई इलाकों में तेज हवाओं (30-40 किमी/घंटा) के साथ भारी बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है।
  • 3 नवंबर से मौसम होगा साफ: 3 नवंबर के बाद पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म होने लगेगा और मौसम धीरे-धीरे साफ हो जाएगा, जिसके बाद ठंड में तेजी से बढ़ोतरी होगी।

किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें

मौसम का यह बदला हुआ मिजाज किसानों के लिए किसी 'आसमानी आफत' से कम नहीं है।

  • धान की फसल होगी बर्बाद: इस समय ज्यादातर किसानों की धान की फसल कटाई के लिए पूरी तरह से तैयार है या कटकर मंडियों में पहुंचने वाली है। ऐसे में तेज बारिश और ओलावृष्टि से फसल को भारी नुकसान हो सकता है। फसल के भीगने से दानों की गुणवत्ता खराब हो जाएगी और किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिर जाएगा।
  • सब्जियों को भी खतरा: इसके अलावा, मौसमी सब्जियों की फसलों को भी ओलावृष्टि से काफी नुकसान पहुंचने की आशंका है।

आम लोगों के लिए भी सलाह

मौसम विभाग ने आम लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है। ओलावृष्टि के समय घर से बाहर निकलने से बचें और पेड़ों या कमजोर ढांचों के नीचे शरण न लें। तेज हवाओं के कारण बिजली की तारों के टूटने का भी खतरा बना रह सकता है।

कुल मिलाकर, आने वाले 3-4 दिन उत्तर भारत के इन राज्यों के लिए काफी उथल-पुथल भरे रहने वाले हैं। इस मौसमी बदलाव के बाद ठंड भी अपना असली रंग दिखाना शुरू कर देगी, जिसके लिए लोगों को पहले से ही तैयार रहना चाहिए।