झारखंड में मौसम का कहर ओलावृष्टि और बारिश के साथ ,बिजली गिरने से 1 की मौत 17 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट
News India Live, Digital Desk : मार्च के महीने में अचानक बदले मौसम के मिजाज ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। जहां एक तरफ गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर वज्रपात और ओलावृष्टि ने जान-माल का नुकसान किया है।
1. वज्रपात से दुखद मौत (Lighning Strike)
लोहरदगा: सेन्हा थाना क्षेत्र के झालजमीरा गांव में ठनका (आकाशीय बिजली) गिरने से एक युवक की मौत हो गई।
अन्य नुकसान: रांची में तेज आंधी के कारण एक बार (Bar) के ओपन रूफ-टॉप का शेड गिर गया। कोल्हान और पाकुड़ के इलाकों में कई घरों के छप्पर उड़ने और पेड़ों के गिरने की खबरें आई हैं।
2. ओलावृष्टि और फसलों को नुकसान
सर्वाधिक प्रभावित: पाकुड़, खूंटी और गिरिडीह में सबसे ज्यादा ओलावृष्टि दर्ज की गई।
गिरिडीह: यहाँ सबसे अधिक 56 मिमी बारिश हुई है।
खेती पर असर: बेमौसम बारिश और ओलों के कारण रबी की फसलों और सब्जियों (विशेषकर आम के मंजर और नकदी फसलों) को भारी नुकसान पहुँचा है।
3. मौसम विभाग की चेतावनी (IMD Alert)
रांची स्थित मौसम केंद्र ने 17 मार्च 2026 के लिए विस्तृत गाइडलाइंस जारी की हैं:
ऑरेंज अलर्ट: सूबे के 17 जिलों (रांची, खूंटी, धनबाद, बोकारो, हजारीबाग आदि) के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
तेज हवाएं: 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।
अगले 5 दिन: मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 22 मार्च तक आसमान में बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
4. तापमान में गिरावट
बारिश और आंधी के कारण झारखंड के अधिकांश जिलों के अधिकतम तापमान में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई है। रांची का अधिकतम तापमान गिरकर 33.4 डिग्री के आसपास पहुँच गया है।
बचाव के लिए सुझाव:
मेघ गर्जन या बिजली चमकने के समय खुले मैदान या पेड़ों के नीचे न रुकें।
बिजली के खंभों और ऊंचे ढांचे से दूर रहें।
किसानों को सलाह दी गई है कि वे फिलहाल फसलों की कटाई और सिंचाई रोक दें।