झारखंड में नगर सरकार के लिए वोटिंग शुरू 2445 केंद्र संवेदनशील; 43 लाख से अधिक मतदाता करेंगे फैसला

Post

News India Live, Digital Desk : झारखंड के शहरी क्षेत्रों में आज लोकतंत्र का उत्सव मनाया जा रहा है। राज्य के 1087 वार्डों में पार्षद, मेयर और अध्यक्ष चुनने के लिए मतदाता अपने घरों से निकल रहे हैं। इस चुनाव में मुख्य मुकाबला सत्ताधारी गठबंधन और विपक्ष के बीच माना जा रहा है, हालांकि नगर निकाय चुनाव गैर-दलीय (Non-partisan) आधार पर हो रहे हैं।

मतदान केंद्रों का सुरक्षा विश्लेषण (Sensitive Booths)

निर्वाचन आयोग ने कुल 4,307 मतदान केंद्र बनाए हैं, जिन्हें सुरक्षा की दृष्टि से तीन श्रेणियों में बांटा गया है:

संवेदनशील (Sensitive): 2,445 केंद्र।

अतिसंवेदनशील (Hyper-Sensitive): 896 केंद्र।

सामान्य (General): 966 केंद्र। इन केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल और सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी रखी जा रही है ताकि मतदान शांतिपूर्ण संपन्न हो सके।

चुनाव से जुड़ी 5 बड़ी बातें (Key Facts)

मतदाता संख्या: कुल 43,43,295 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

उम्मीदवारों की फौज: मेयर और अध्यक्ष पद के लिए 562, जबकि वार्ड पार्षद के लिए 5,562 उम्मीदवार मैदान में हैं।

बैलेट पेपर से वोटिंग: इस बार चुनाव ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर (मतपत्र) से हो रहे हैं।

गुलाबी बैलेट पेपर: मेयर और अध्यक्ष पद के लिए।

सफेद बैलेट पेपर: पार्षद और पंचायत सदस्य के लिए।

पहचान पत्र: मतदान के लिए वोटर आईडी कार्ड (EPIC) के अलावा आधार कार्ड, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे 12 अन्य दस्तावेजों को भी मान्यता दी गई है।

नतीजे: मतदान के बाद मतपेटियों को स्ट्रॉन्ग रूम में रखा जाएगा और 27 फरवरी 2026 को मतगणना (Counting) होगी।

मतदान का शुरुआती रुझान

ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, चाईबासा और चक्रधरपुर जैसे इलाकों में सुबह ठंड के कारण मतदान की गति थोड़ी धीमी रही, लेकिन 10 बजे के बाद केंद्रों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। राज्य निर्वाचन आयुक्त अल्का तिवारी ने सभी मतदाताओं से निर्भीक होकर मतदान करने की अपील की है।