वीजा रिजेक्ट नहीं हुआ फिर क्यों टेंशन में है अमेरिकी टीम? जानिए भारत के किस नियम ने बढ़ाई धड़कनें

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News India Live, Digital Desk : 2026 का टी20 वर्ल्ड कप (T20 World Cup 2026) सिर पर है और भारत इस बार सह-मेजबान (Co-host) है। क्रिकेट का बुखार चढ़ रहा है, टीमें अपनी जर्सी कस रही हैं, लेकिन इसी बीच एक खबर ने थोड़ा 'टेंशन' वाला माहौल बना दिया है। बात हो रही है अमेरिका (USA) की क्रिकेट टीम की।

खबर यह है कि अमेरिकी टीम के कुछ खिलाड़ी, जिनका वास्ता पाकिस्तान से है (यानी पाकिस्तान में पैदा हुए या वहां की जड़ें हैं), उन्हें अभी तक भारत का वीजा नहीं मिला है। अब आप सोच रहे होंगे क्या भारत ने उन्हें मना कर दिया? क्या यह कोई कूटनीतिक (Diplomatic) चाल है?

तो चलिए, ठंडे दिमाग से इस पूरे मामले का सच समझते हैं। सच यह है कि यह 'इंकार' (Rejection) नहीं है, यह बस 'इंतजार' (Procedure) है।

आखिर पेंच फंसा कहाँ है?

इसे हम अंग्रेजी में 'Red Tape' कहते हैं और आसान हिंदी में 'सरकारी कागज़ी कार्रवाई'। हम सब जानते हैं कि भारत और पाकिस्तान के रिश्ते कैसे हैं। सुरक्षा के मामले में भारत कोई भी रिस्क नहीं लेता। भारत सरकार का एक नियम बहुत साफ हैअगर कोई व्यक्ति पाकिस्तान में पैदा हुआ है या उसका पाकिस्तानी बैकग्राउंड है, तो भले ही आज उसके पास अमेरिका या इंग्लैंड का पासपोर्ट हो, उसकी वीजा प्रक्रिया में 'एक्स्ट्रा समय' लगता ही है।

इसे साधारण पर्यटकों की तरह नहीं देखा जाता। उनकी फाइलों की जांच-पड़ताल कई लेयर्स (Security Checks) में होती है।

यह सिर्फ नियमों की बात है, दुश्मनी की नहीं

जो रिपोर्ट सामने आ रही है, उसके मुताबिक वीजा कैंसिल नहीं किए गए हैं। बस प्रक्रिया लंबी खिंच गई है। जहाँ एक सामान्य अमेरिकी नागरिक को ई-वीजा या तुरंत मंजूरी मिल जाती है, वहीं 'पाक मूल' के लोगों की फाइल गृह मंत्रालय (Home Ministry) और अन्य एजेंसियों के जरिए होकर गुजरती है।

यह खिलाड़ियों के लिए वाकई थोड़ा नर्वस करने वाला पल है। सोचिए, टीम तैयार है, टिकट बुक हैं, वर्ल्ड कप खेलना सपना है, और आप इस बात का इंतज़ार कर रहे हैं कि कब पासपोर्ट पर मुहर लगेगी। लेकिन भारतीय अधिकारियों का कहना है कि यह "नो वीजा" का केस नहीं है, यह बस प्रक्रिया का हिस्सा है।

क्या वर्ल्ड कप खेलने को मिलेगा?

इतिहास गवाह है कि खेल आयोजनों में अक्सर ऐसे मसले अंत में सुलझ जाते हैं। चाहे वह पाकिस्तानी टीम का भारत आना हो या पाक मूल के विदेशी खिलाड़ियों का। देरी हो सकती है, खिलाड़ियों की धड़कनें बढ़ सकती हैं, लेकिन आमतौर पर वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट्स के लिए सरकारें रास्ता निकाल ही लेती हैं।