'3 महीने से एक ही जगह डेरा, पास जाते ही हो जाती है गायब!' जोगनी माता मंदिर की रहस्यमयी बकरी वायरल; दर्शन के लिए उमड़े लोग
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू-मनाली क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध जोगनी माता मंदिर परिसर इन दिनों एक अनोखी और रहस्यमयी घटना के कारण श्रद्धालुओं और सोशल मीडिया यूजर्स के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पिछले तीन महीनों से मंदिर के पास एक सफेद रंग की बकरी देखी जा रही है, जो न तो किसी गांव की है और न ही किसी चरवाहे की। स्थानीय लोगों और पर्यटकों के अनुसार, यह बकरी चट्टानों के बीच एक ही स्थान पर बैठी रहती है, लेकिन जैसे ही कोई इसके पास जाने की कोशिश करता है, वह पलक झपकते ही नजरों से ओझल हो जाती है।
पास जाते ही ओझल होने का रहस्य और वायरल वीडियो
इंटरनेट पर इस रहस्यमयी बकरी के कई वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिसमें यह पहाड़ी चट्टान पर शांत भाव से बैठी नजर आती है। स्थानीय लोगों और दर्शन के लिए आए कई पर्यटकों ने दावा किया है कि जब भी किसी ने मोबाइल से उसकी फोटो खींचने या उसके करीब पहुंचने का प्रयास किया, वह अचानक गायब हो गई। कुछ ही मिनटों बाद वह फिर से उसी स्थान पर या कुछ दूरी पर बिना किसी आहट के दिखाई देने लगती है। लोग इसे किसी दृश्य भ्रम (Optical Illusion) या अलौकिक शक्ति का प्रतिरूप मान रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में कौतूहल फैल गया है।
माता का चमत्कार या दैवीय संदेश? क्या कहते हैं स्थानीय निवासी
मंदिर के पुजारियों और स्थानीय ग्रामीणों का मानना है कि यह कोई साधारण जीव नहीं, बल्कि जोगनी माता की कृपा या उनका कोई संदेश हो सकता है। हिमाचली लोक मान्यताओं में जोगनी माता को प्रकृति और पहाड़ों की रक्षिका देवी माना जाता है। बुजुर्गों का कहना है कि अतीत में भी मंदिर प्रांगण में ऐसी कई अद्भूत घटनाएं देखी गई हैं जिनका विज्ञान के पास कोई जवाब नहीं है। यही कारण है कि दूर-दूर से लोग अब इस बकरी की एक झलक पाने और माता के दर्शन करने के लिए मंदिर परिसर में भारी संख्या में पहुंच रहे हैं।
मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था
सोशल मीडिया पर खबरें फैलने के बाद जोगनी माता मंदिर जाने वाले पैदल मार्गों पर भक्तों का हुजूम देखने को मिल रहा है। वीकेंड और छुट्टियों के दिनों में हजारों की संख्या में श्रद्धालु केवल इस 'रहस्यमयी बकरी' को देखने और जोगनी माता का आशीर्वाद लेने पहुंच रहे हैं। स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और मंदिर कमेटी ने श्रद्धालुओं से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है। साथ ही, सुरक्षा के दृष्टिकोण से मंदिर के आसपास के संवेदनशील पहाड़ी रास्तों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।