लातेहार में हाथी का तांडव ग्रामीण को पटक-पटक कर मार डाला, वन विभाग ने दिया 40 हजार का तत्काल मुआवजा
News India Live, Digital Desk: लातेहार जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में हाथियों और इंसानों के बीच संघर्ष (Man-Elephant Conflict) एक गंभीर समस्या बन गया है। 6 मार्च 2026 की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, एक ग्रामीण पर जंगली हाथी ने उस समय हमला किया जब वह अपने घर के पास या जंगल की ओर था। हाथी ने उसे बेरहमी से पटककर मार डाला।
प्रमुख अपडेट्स (Key Highlights)
घटना और दहशत: चंदवा के भंडार टोला में हुई इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश और डर का माहौल है। लोगों का आरोप है कि वन विभाग हाथियों को रिहायशी इलाकों से दूर रखने में विफल रहा है।
वन विभाग की कार्रवाई: घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। विभाग ने मृतक के परिजनों को ₹40,000 की तत्काल (Ex-gratia) सहायता राशि प्रदान की है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शेष मुआवजा राशि भी जल्द दी जाएगी।
मुआवजे का प्रावधान: झारखंड सरकार के नियमों के अनुसार, जंगली जानवर के हमले में मौत होने पर परिजनों को कुल ₹4 लाख का मुआवजा दिया जाता है। ₹40,000 की राशि अंतिम संस्कार और तत्काल जरूरतों के लिए मौके पर ही दी जाती है।
बढ़ता संकट (Growing Crisis)
हाथियों का कॉरिडोर: लातेहार और पलामू टाइगर रिजर्व (PTR) के आसपास के इलाकों में हाथियों के झुंड अक्सर भोजन की तलाश में गांवों की ओर रुख कर रहे हैं।
फसलों का नुकसान: मुआवजे के साथ-साथ ग्रामीण फसलों और घरों के नुकसान की भरपाई की भी मांग कर रहे हैं। इस साल अब तक लातेहार में हाथी के हमलों में कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
ग्रामीणों की मांग
माल्हन पंचायत के मुखिया और स्थानीय ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि:
हाथियों को भगाने के लिए क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को हमेशा तैनात रखा जाए।
प्रभावित परिवारों को सरकारी नौकरी या दीर्घकालिक सहायता दी जाए।
हाथियों के मूवमेंट की रियल-टाइम सूचना देने के लिए अलार्म सिस्टम लगाया जाए।