UP CM Yogi Visit Sant Kabir Nagar: संतकबीरनगर को सीएम योगी देंगे ₹684 करोड़ की सौगात; डेढ़ महीने में दूसरी बार दौरे के पीछे ये हैं मुख्य कारण
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संतकबीरनगर जिले को विकास की बड़ी सौगात देते हुए ₹684 करोड़ से अधिक की 201 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया है। कांशीराम स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित भव्य कार्यक्रम के दौरान उन्होंने जिले के बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और पर्यटन से जुड़ी इन योजनाओं की शुरुआत की।
हालांकि, प्रशासनिक और सियासी गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि लगभग डेढ़ महीने के भीतर मुख्यमंत्री दूसरी बार संतकबीरनगर के दौरे पर क्यों पहुंचे हैं?
1. खलीलाबाद और मेंहदावल को बुनियादी ढांचा और औद्योगिक पहचान देना
संतकबीरनगर लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं और औद्योगिक विकास के मामले में उपेक्षित रहा है। मुख्यमंत्री का मुख्य फोकस जिले की खलीलाबाद और मेंहदावल विधानसभा सीटों को पूर्वांचल के नए विकास हब के रूप में विकसित करना है। खलीलाबाद के पारंपरिक वस्त्र और होजरी उद्योग (हैंडलूम/पावरलूम) को पुनर्जीवित करने के लिए टेक्सटाइल पार्क और कॉमन फैसिलिटी सेंटर का खाका तैयार किया गया है। सड़कों के चौड़ीकरण और पेयजल परियोजनाओं से स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति देने का प्रयास किया जा रहा है।
2. मगहर (संत कबीर की निर्वाण स्थली) और इको-टूरिज्म का अंतर्राष्ट्रीय विकास
संतकबीरनगर की पहचान संत कबीरदास की निर्वाण स्थली 'मगहर' और विश्व प्रसिद्ध 'बखिरा पक्षी विहार (Bakhira Lake)' से है। सरकार मगहर को अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक व सांस्कृतिक पर्यटन मानचित्र पर प्रमुखता से स्थापित करना चाहती है। इसके साथ ही रामसर साइट में शामिल बखिरा झील में 'मखाना प्रोसेसिंग हब' और इको-टूरिज्म विकसित करने की योजनाओं की प्रगति का मुख्यमंत्री खुद धरातल पर निरीक्षण कर रहे हैं, ताकि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा में कोई लापरवाही न हो।
3. बाढ़ नियंत्रण और जलभराव की समीक्षा
मॉनसून के सीजन में संतकबीरनगर के मेंहदावल और तटीय इलाके राप्ती, घाघरा और कुआनो नदियों के उफान के कारण बाढ़ से प्रभावित होते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद बाढ़ राहत कार्यों, बंधों की मजबूती और जल निकासी की व्यवस्था की समीक्षा करने पहुंचे थे। पिछले दौरे के बाद दिए गए निर्देशों का धरातल पर क्या असर हुआ, इसका प्रत्यक्ष फीडबैक लेना भी इस लगातार दौरे का एक बड़ा कारण रहा।
4. पूर्वांचल की सियासत और सामाजिक संतुलन
राजनीतिक दृष्टिकोण से संतकबीरनगर पूर्वांचल (गोरखपुर-बस्ती मंडल) की राजनीति का एक अहम केंद्र माना जाता है। संत कबीर का विचार क्षेत्र होने के कारण यहां कबीरपंथी और दलित-पिछड़े समुदाय की बड़ी आबादी है। मुख्यमंत्री इस क्षेत्र में लगातार संवाद स्थापित कर सरकारी योजनाओं (जैसे पीएम आवास, मुफ्त राशन, युवा धरोहर प्रोत्साहन) के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र सौंप रहे हैं, ताकि विपक्ष के जातीय और सामाजिक लामबंदी के प्रयासों को विकास के एजेंडे से साधा जा सके।