यूपी में मौसम का यू-टर्न: लखनऊ समेत कई जिलों में 2 दिन सताएगी उमस भरी गर्मी, 35 डिग्री तक पहुंचेगा पारा; फिर झमाझम बारिश से मिलेगी राहत

यूपी में मौसम का यू-टर्न: लखनऊ समेत कई जिलों में 2 दिन सताएगी उमस भरी गर्मी, 35 डिग्री तक पहुंचेगा पारा; फिर झमाझम बारिश से मिलेगी राहत

उत्तर प्रदेश के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मानसून की रफ्तार कुछ समय के लिए धीमी पड़ने के कारण राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भीषण उमस और चुभने वाली गर्मी ने लोगों का पसीना छुड़ा दिया है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले दो दिनों तक प्रदेश के मध्य, पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में बादलों की आवाजाही के बावजूद बारिश के आसार काफी कम हैं। इस दौरान तेज धूप और हवा में अत्यधिक नमी होने के कारण दिन का तापमान 35 से 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। हालांकि, यह राहत की बात है कि दो दिनों के इस शुष्क और चिपचिपे दौर के बाद मानसून ट्रफ एक बार फिर सक्रिय होगा, जिससे लखनऊ सहित पूरे प्रदेश में गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश की बौछारें पड़ेंगी और लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।

लखनऊ और आसपास के जिलों में पसीने छुड़ाएगी उमस: 35 डिग्री तक पहुंचेगा पारा

राजधानी लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, बाराबंकी और रायबरेली समेत आसपास के मध्यवर्ती इलाकों में सुबह से ही आसमान साफ रहने और कड़क धूप खिलने की वजह से तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। दिन चढ़ने के साथ ही पसीने छुड़ाने वाली उमस बढ़ जाती है, जिससे सड़कों और बाजारों में चहल-पहल कम नजर आ रही है। लखनऊ में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 से 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास बने रहने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि हवा की गति धीमी होने और पारे में उछाल आने से 'रियल फील' यानी महसूस होने वाली गर्मी का अहसास 40 डिग्री सेल्सियस से भी अधिक लग रहा है। यही स्थिति कानपुर और आसपास के मैदानी इलाकों में भी बनी हुई है, जहां लोग पसीने और चिपचिपाहट से परेशान हैं।

हवा में बढ़ी आर्द्रता बनेगी परेशानी की वजह: जानिए क्यों बढ़ रही है बेहाल करने वाली गर्मी

मानसून के सीजन में जब बारिश की गतिविधियां अचानक थम जाती हैं, तो वातावरण में पहले से मौजूद नमी और धूप का संगम भयंकर उमस पैदा करता है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, इस समय बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाएं धरातल के ऊपरी हिस्से में नमी बनाए हुए हैं, लेकिन ऊपरी वायुमंडल में कोई मजबूत वेदर सिस्टम न बनने के कारण मेघ गर्जन और भारी बारिश के अनुकूल परिस्थितियां नहीं बन पा रही हैं। हवा में रिलेटिव ह्यूमिडिटी (सापेक्षिक आर्द्रता) का स्तर 75 से 85 प्रतिशत तक पहुंच गया है। जब हवा में नमी इतनी अधिक होती है, तो शरीर से निकलने वाला पसीना आसानी से वाष्पीकृत (सूखता) नहीं होता, जिससे शरीर का तापमान बढ़ जाता है और लोग अत्यधिक थकावट व बेचैनी महसूस करते हैं।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान: दो दिनों बाद बदलेगा हवाओं का मिजाज, मानसून पकड़ेगा रफ्तार

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिकों के अनुसार, उमस और गर्मी का यह दौर ज्यादा लंबा नहीं चलने वाला है। उत्तर-पश्चिम भारत और नेपाल से सटे तराई इलाकों में एक नया पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी ट्रफ लाइन पुनः सक्रिय हो रही है। अगले 48 घंटों यानी दो दिनों के बाद प्रदेश के वायुमंडल में मानसूनी हवाओं का दबाव फिर से बढ़ेगा। इसके प्रभाव से लखनऊ, पूर्वांचल और पश्चिमांचल के जिलों में बादलों की काली घटाएं छाएंगी और मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला शुरू होगा। बारिश शुरू होते ही तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे हवा में ठंडक घुल जाएगी और लोगों को राहत मिलेगी।

यूपी के इन पूर्वी और पश्चिमी जिलों में बारिश का अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने अपनी ताजा रिपोर्ट में बताया है कि दो दिन बाद जब नया सिस्टम एक्टिव होगा, तो प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश होगी।

  • पूर्वी उत्तर प्रदेश (पूर्वांचल): गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, मऊ, बलिया, वाराणसी, गाजीपुर, प्रयागराज और जौनपुर में दो दिनों बाद गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बौछारें पड़ने का अनुमान है। तराई के जिलों जैसे सिद्धार्थनगर, महाराजगंज और बलरामपुर में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

  • पश्चिमी उत्तर प्रदेश: मेरठ, बुलंदशहर, गौतमबुद्ध नगर (नोएडा), गाजियाबाद, मुरादाबाद, बरेली, अलीगढ़ और आगरा में भी दो दिनों तक मौसम शुष्क व उमस भरा रहेगा, जिसके बाद झमाझम बारिश से राहत मिलेगी।

  • बुंदेलखंड और मध्य यूपी: झांसी, बांदा, चित्रकूट, महोबा, ललितपुर और फतेहपुर में भी हवाओं की दिशा बदलने से हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

उमस भरी गर्मी और मौसमी बदलाव के बीच सेहत का रखें खास ख्याल: स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह

मौसम के इस उतार-चढ़ाव, अचानक बढ़ती उमस और फिर संभावित बारिश के बीच बीमारियों का खतरा भी तेजी से बढ़ जाता है। लखनऊ के वरिष्ठ चिकित्सकों ने इस बदलते मौसम में स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है:

  • डिहाइड्रेशन से बचें: दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी, शिकंजी, नारियल पानी और लस्सी का सेवन करें ताकि शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बना रहे।

  • धूप में जाने से परहेज करें: दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच बिना वजह तेज धूप में निकलने से बचें। अगर बाहर जाना जरूरी हो, तो सूती कपड़े पहनें और सिर को ढककर रखें।

  • खान-पान में सतर्कता: उमस के मौसम में पाचन क्रिया धीमी हो जाती है, इसलिए बासी और अत्यधिक तैलीय या मसालेदार भोजन खाने से बचें। कटे हुए फल और खुले में बिकने वाले स्ट्रीट फूड का सेवन न करें।

  • बैक्टीरियल और वायरल इंफेक्शन: इस मौसम में फंगल इंफेक्शन, घमौरियां और पेट से जुड़ी बीमारियों के मरीज बढ़ जाते हैं। शरीर की साफ-सफाई का ध्यान रखें और पसीने वाले कपड़ों को तुरंत बदलें।

मौसम विभाग की मानें तो दो दिनों की यह असहनीय उमस भरी गर्मी जल्द ही विदा होगी और झमाझम बारिश के साथ पूरे प्रदेश में सुहावने मौसम की वापसी होगी। तब तक लोगों को सतर्क रहने और धूप-उमस से बचाव करने की आवश्यकता है।

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