उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों पर प्रशिक्षण व्यवस्था को मिली गति
लखनऊ। दिनांक 12.09.2026, मा. उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी द्वारा दिनांक 18 अगस्त, 2026 को प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास एवं महानिदेशक, दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान को निर्देशित किया गया था कि डिजिटल मासिक एवं त्रैमासिक रोस्टर प्रणाली के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएं साथ ही प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों के आवास, कक्षाओं, आधुनिक शिक्षा प्रणाली तथा संस्थान में स्वच्छता की उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।
मा. उपमुख्यमंत्री जी के निर्देशों के अनुपालन में विभाग द्वारा प्रशिक्षण गतिविधियों में गति लाते हुए विभिन्न विभागों, संस्थाओं एवं ग्रामीण विकास से जुड़े कार्मिकों तथा रचनात्मक कार्यों से जुड़े लोगों को आवश्यकता आधारित प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन एवं दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में मॉडल संकुल स्तरीय संघ के एमआईएस सहायकों एवं लेखाकारों का दस दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण राज्य ग्राम्य विकास संस्थान, बख्शी का तालाब में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
यह प्रशिक्षण श्री अरुण कुमार, मिशन निदेशक, उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के निर्देशन में आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण का उद्देश्य संकुल स्तरीय संघ के कैडर को तकनीकी, वित्तीय एवं प्रबंधन के क्षेत्र में दक्ष एवं आत्मनिर्भर बनाना था, ताकि ग्राम स्तर पर संचालित योजनाओं की निगरानी, क्रियान्वयन और वित्तीय प्रबंधन को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाया जा सके।
उपायुक्त श्री देवेंद्र कुमार ओझा ने बताया कि प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को वित्तीय प्रबंधन, त्वरित निर्णय क्षमता, सुदृढ़ ऋण प्रणाली तथा पारदर्शी हिसाब-किताब रखने की व्यवहारिक जानकारी दी गई। विशेष रूप से धनराशि का सही स्थान एवं सही उद्देश्य में उपयोग, अभिलेखों के व्यवस्थित रख-रखाव तथा लेखा-जोखा को पारदर्शी एवं प्रदर्शनीय बनाने पर जोर दिया गया। महिलाओं में शिक्षा, साक्षरता एवं जागरूकता बढ़ाने को भी प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया।
प्रशिक्षण के तकनीकी सत्रों में मोबाइल एप एवं पोर्टल पर आंकड़ों की प्रविष्टि, मासिक प्रगति आख्या तैयार करना, स्वयं सहायता समूह, ग्राम संगठन एवं संकुल स्तरीय संघ के अभिलेखों का ऑनलाइन रख-रखाव, कार्यसूची तैयार करना, सदस्यता पंजिका का संधारण तथा प्रस्ताव पारित करने की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रतिभागियों की प्रशिक्षण गतिविधियों एवं सीखने की क्षमता का नियमित मूल्यांकन भी किया गया।
प्रशिक्षण में संकुल स्तरीय संघ के दृष्टिकोण एवं उद्देश्य, सामुदायिक ढांचे, वित्तीय प्रणाली का महत्व, लेखांकन चक्र, लेखांकन की प्रमुख पुस्तकों, प्राप्ति-भुगतान, आय-व्यय, तुलन पत्र, ऋण प्रबंधन, पोर्टफोलियो प्रबंधन तथा वित्तीय प्रमुख सूचकांकों की विस्तृत जानकारी दी गई। वाराणसी, जौनपुर, अलीगढ़ एवं बलरामपुर जनपदों से आए लेखाकारों एवं एमआईएस सहायकों ने सक्रिय सहभागिता की।
प्रशिक्षण के समापन सत्र में राज्य ग्राम्य विकास संस्थान के सहायक निदेशक डॉ. सत्येंद्र गुप्ता द्वारा श्रीमती साधना रंजन, सुश्री मेघा, सुश्री एकता देवी एवं श्री अमितेश इंजीनियर ने प्रशिक्षक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रतिभागियों में दीपा शुक्ला, रिषा पटेल, चंचल, सोनी, तनु शर्मा, सीमा, जया, ममता, शकीना, हीना, प्रार्थना सिंह, अल्पना, सुमन, नीलू राजभर, प्रिय मिश्रा, हदीशुन निशा, राजकुमारी, अनीता यादव, शिवांगी सहित अन्य प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।