भगत सिंह की जयंती पर CM योगी ने युवाओं को लिखी भावुक 'पाती', बोले- ज्ञान और जिज्ञासा को रखें जिंदा
महान क्रांतिकारी और भारत मां के अमर सपूत शहीद-ए-आजम भगत सिंह की पावन जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश और देश के युवाओं को एक विशेष संदेश दिया है। सीएम योगी ने युवाओं के नाम एक बेहद भावुक और प्रेरक ‘पाती’ (पत्र) लिखकर उन्हें राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि आज का युवा केवल वर्तमान का निर्माता ही नहीं, बल्कि भविष्य का सबसे मजबूत आधार स्तंभ भी है। उन्होंने अमर बलिदानी भगत सिंह के जीवन दर्शन को याद दिलाते हुए कहा कि जिस उम्र में युवा अक्सर दिशाहीन हो जाते हैं, उस छोटी सी उम्र में भगत सिंह ने अपने गहन अध्ययन, वैचारिक स्पष्टता और अदम्य साहस से ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिला दी थी।
मुख्यमंत्री ने अपनी पाती में इस बात पर विशेष बल दिया कि भगत सिंह केवल एक बंदूक उठाने वाले क्रांतिकारी नहीं थे, बल्कि वे एक प्रखर विचारक, गंभीर पाठक और दूरदर्शी लेखक थे। जेल की चारदीवारी के भीतर भी उन्होंने किताबों का साथ कभी नहीं छोड़ा। फांसी के फंदे पर झूलने से चंद मिनट पहले तक भी वे लेनिन की जीवनी पढ़ रहे थे। सीएम ने कहा कि आज के आधुनिक दौर में जब दुनिया तेजी से बदल रही है, हमारे युवाओं को भगत सिंह के इस अध्ययनशील पहलू को अपनाने की सबसे ज्यादा जरूरत है।
'ज्ञान और जिज्ञासा को बनाए रखें जिंदा'—मुख्यमंत्री का युवाओं को मूलमंत्र
सीएम योगी आदित्यनाथ ने युवाओं से संवाद करते हुए कहा कि किसी भी समाज और राष्ट्र की तरक्की तभी संभव है जब उसकी युवा पीढ़ी के भीतर सीखने की ललक और नई जिज्ञासाएं लगातार जीवित रहें। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि आज के डिजिटल और तकनीकी युग में युवाओं को सतही सूचनाओं से आगे बढ़कर गहरे ज्ञान की ओर बढ़ना होगा। केवल सोशल मीडिया के स्क्रॉलिंग कल्चर में खो जाने के बजाय चिंतन और मनन की आदत डालनी होगी। उन्होंने युवाओं से कहा, "अपने भीतर के सवाल पूछने के स्वभाव और जिज्ञासा को कभी मरने न दें, क्योंकि जब तक जिज्ञासा जिंदा है, तब तक नवाचार और प्रगति का रास्ता खुला हुआ है।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक अच्छी पुस्तक किसी भी नौजवान के जीवन में एक नए और क्रांतिकारी विचार का बीज बो सकती है। वही एक नया विचार पूरे समाज को एक सकारात्मक दिशा देने और रूढ़ियों को तोड़ने की ताकत रखता है। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि ज्ञान ही वह अचूक शक्ति है, जिसके दम पर भारत को आत्मनिर्भर और विकसित बनाया जा सकता है। यदि युवा अपने ज्ञान को समाज के कल्याण और राष्ट्र के उत्थान से जोड़ लें, तो कोई भी वैश्विक चुनौती भारत की प्रगति को नहीं रोक सकेगी।
ज्ञानवान, संस्कारवान और सामर्थ्यवान उत्तर प्रदेश के निर्माण का आह्वान
अपनी पाती के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के युवाओं को एक समृद्ध और सशक्त उत्तर प्रदेश के निर्माण में सहभागी बनने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के उज्ज्वल भविष्य, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और पारदर्शी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए पूरी निष्ठा से काम कर रही है। सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को ज्ञानवान, संस्कारवान और सामर्थ्यवान बनाना है, जिसमें युवाओं की ऊर्जा सबसे बड़ा इंजन बनेगी।
सीएम योगी ने कहा कि भगत सिंह का त्याग, उनका समर्पण और भारत माता के प्रति उनका अनन्य प्रेम सदियों तक हर पीढ़ी को अपनी जिम्मेदारी का बोध कराता रहेगा। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे शहीदों के बलिदान को केवल नारों और प्रतीकों तक सीमित न रखें, बल्कि उनके सपनों के भारत को साकार करने के लिए अपने-अपने क्षेत्रों में सर्वश्रेष्ठ योगदान दें। इस पाती ने सोशल मीडिया और शैक्षणिक गलियारों में युवाओं के बीच एक नई ऊर्जा और वैचारिक चेतना का संचार किया है।