यूपी में कुदरत का तांडव: 48 घंटे में 100 से ज्यादा मौतें, दुनिया के बड़े नेताओं ने जताया दुख

यूपी में कुदरत का तांडव: 48 घंटे में 100 से ज्यादा मौतें, दुनिया के बड़े नेताओं ने जताया दुख

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बीते 48 घंटों से जारी कुदरत के कहर ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। 13 और 14 मई को आए भीषण आंधी-तूफान, बिजली गिरने और मूसलाधार बारिश ने ऐसी तबाही मचाई कि अब तक 100 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इस प्राकृतिक आपदा की भीषणता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सहित दुनिया के कई दिग्गज नेताओं ने इस त्रासदी पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

विदेशी नेताओं ने बढ़ाया संवेदना का हाथ

उत्तर प्रदेश में आई इस आपदा की गूंज सात समंदर पार तक सुनाई दी है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विशेष पत्र भेजकर अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं। क्रेमलिन द्वारा जारी बयान के अनुसार, पुतिन ने कहा कि उत्तर प्रदेश में चक्रवात और तूफान के कारण हुई जनहानि से वे बेहद दुखी हैं। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति अपना समर्थन जताया और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

वहीं, भारत में सिंगापुर के उच्चायुक्त साइमन वोंग ने सोशल मीडिया पर बरेली समेत अन्य प्रभावित जिलों में हुए नुकसान पर हैरानी जताई। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के विदेश मंत्रालय ने भी भारत के साथ एकजुटता दिखाते हुए अपनी भावपूर्ण संवेदनाएं भेजी हैं।

तबाही का मंजर: कहीं गिरे पेड़ तो कहीं ढह गए मकान

उत्तर प्रदेश के राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक, प्रदेश के 26 जिलों में कुदरत ने सबसे ज्यादा कहर बरपाया है। करीब 111 लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है, जबकि 72 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। तूफान की रफ्तार इतनी तेज थी कि सैकड़ों बिजली के खंभे ताश के पत्तों की तरह बिखर गए और बड़े-बड़े पेड़ उखड़कर घरों पर गिर गए। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 170 पशुओं की मौत हुई है और 227 से ज्यादा घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभाली कमान

भीषण त्रासदी को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद कमान संभाल ली है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों और संभागीय आयुक्तों को सख्त निर्देश दिए हैं कि अगले 24 घंटों के भीतर सभी प्रभावित परिवारों तक आर्थिक सहायता और राहत पहुंचाई जाए। सीएम ने अधिकारियों को फील्ड पर उतरकर नुकसान का जायजा लेने और पीड़ितों से सीधा संवाद करने को कहा है। राजस्व और कृषि विभाग को बीमा कंपनियों के साथ मिलकर फसल और संपत्ति के नुकसान का सर्वे करने के आदेश दिए गए हैं।

किस जिले में कितनी हुई मौतें?

इस प्राकृतिक आपदा में सबसे ज्यादा जनहानि प्रयागराज और भदोही में दर्ज की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार:

  • प्रयागराज: 26 लोगों की मौत

  • भदोही: 16 लोगों की मौत

  • फतेहपुर: 09 लोगों की मौत

  • बदायूं: 05 लोगों की मौत

  • प्रतापगढ़: 04 लोगों की मौत

  • चंदौली और कुशीनगर: 02-02 मौतें

  • कानपुर देहात, देवरिया और सोनभद्र: अन्य मौतें दर्ज

प्रयागराज प्रशासन ने पुष्टि की है कि बुधवार को आई आंधी और बिजली गिरने से जिले में सर्वाधिक मौतें हुई हैं। वहीं फतेहपुर में 16 लोग घायल बताए जा रहे हैं जिनका इलाज जारी है। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों के लिए अभी भी सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है।

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