25 हजार का इनामी हाजी सलमान चित्तौड़ से गिरफ्तार: लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर को दी थी टांग तोड़ने की धमकी

25 हजार का इनामी हाजी सलमान चित्तौड़ से गिरफ्तार: लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर को दी थी टांग तोड़ने की धमकी

उत्तर प्रदेश के राजनीतिक और आपराधिक गलियारों में उस समय भूचाल आ गया जब गाजियाबाद की लोनी विधानसभा सीट से भाजपा के तेजतर्रार विधायक नंदकिशोर गुर्जर को खुलेआम जान से मारने और टांग तोड़ने की धमकी देने वाले शातिर अपराधी पर पुलिस का शिकंजा आखिरकार कस ही गया। उत्तर प्रदेश पुलिस की एसओजी और स्थानीय सर्विलांस टीमों ने एक बेहद नाटकीय और खुफिया ऑपरेशन को अंजाम देते हुए 25 हजार रुपये के घोषित इनामी बदमाश हाजी सलमान को राजस्थान के ऐतिहासिक और दूरदराज जिले चित्तौड़गढ़ से दबोचने में बड़ी सफलता हासिल की है। विधायक को धमकी मिलने के बाद से ही पूरा पुलिस महकमा अलर्ट मोड पर था और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार उत्तर प्रदेश से लेकर अन्य राज्यों तक ताबड़तोड़ दबिशें दी जा रही थीं। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई से अपराधियों के हौसले पस्त होते नजर आ रहे हैं, और यह मामला एक बार फिर से इस बात का उदाहरण बन गया है कि कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले असामाजिक तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा।

विधायक को सरेआम धमकी देने का वह हाई-प्रोफाइल मामला जिसने हिला दिया था पूरा प्रशासनिक तंत्र

यह पूरा सनसनीखेज प्रकरण उस समय शुरू हुआ जब लोनी के लोकप्रिय विधायक नंदकिशोर गुर्जर और उनके समर्थकों को एक फोन कॉल या अन्य माध्यमों से बेहद अभद्र भाषा में जान से मारने और टांग तोड़ने की खुली धमकी दी गई थी। विधायक जैसे जनप्रतिनिधि को इस प्रकार की गंभीर धमकी मिलने के बाद गाजियाबाद से लेकर लखनऊ तक के राजनीतिक गलियारों और प्रशासनिक मुख्यालय में हड़कंप मच गया था। विधायक के समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं में भी इस बात को लेकर भारी रोष व्याप्त हो गया था कि जनता के चुने हुए प्रतिनिधि के साथ यदि इस तरह की दबंगई और गुंडागर्दी की जाएगी, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या हाल होगा। बढ़ते राजनीतिक दबाव और कानून व्यवस्था की साख का सवाल बनते ही पुलिस प्रशासन ने इस मामले को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता सूची में रखा और आरोपी की तलाश के लिए कई विशेष पुलिस टीमों (Special Police Teams) का गठन कर दिया, जिनका एकमात्र लक्ष्य किसी भी कीमत पर आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचाना था।

पुलिस की सर्विलांस तकनीक और एसओजी टीम का राजस्थान के चित्तौड़गढ़ तक चला खुफिया ऑपरेशन

फरार चल रहे 25 हजार के इनामी बदमाश हाजी सलमान को पकड़ने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस ने अपनी आधुनिक तकनीकी क्षमताओं और पारंपरिक मुखबिर तंत्र का बेहतरीन इस्तेमाल किया। जैसे ही पुलिस की तकनीकी शाखा को यह सुराग मिला कि आरोपी अपनी लोकेशन बदलकर उत्तर प्रदेश से बाहर राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में कहीं छिपा हुआ है, वैसे ही एसओजी की एक विशेष टीम तुरंत राजस्थान के लिए रवाना हो गई। चित्तौड़गढ़ के स्थानीय पुलिस प्रशासन के सहयोग से उत्तर प्रदेश के इन जांबाज पुलिसकर्मियों ने एक गुप्त योजना के तहत उस इलाके की घेराबंदी की जहां हाजी सलमान छिपा हुआ था। खुद को पूरी तरह सुरक्षित समझ रहे इस शातिर अपराधी को जब तक यह अहसास होता कि पुलिस उस तक पहुंच चुकी है, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और चारों तरफ से घिर जाने के बाद उसके पास सरेंडर करने के अलावा और कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था।

अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति और गाजियाबाद पुलिस की इस सफलता के मायने

इस बहुचर्चित गिरफ्तारी के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारियों ने राहत की सांस ली है और यह स्पष्ट संदेश दिया है कि प्रदेश में किसी भी जनप्रतिनिधि, व्यापारी या आम नागरिक को धमकाने वाले माफियाओं और अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) की नीति पर काम करते हुए पुलिस लगातार ऐसे तत्वों की कमर तोड़ने में जुटी हुई है जो समाज में भय और दहशत का माहौल पैदा करना चाहते हैं। विधायक नंदकिशोर गुर्जर को धमकी देने के इस मामले में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी यह साबित करती है कि पुलिस का हाथ कितना लंबा होता है, चाहे अपराधी देश के किसी भी कोने में जाकर छिपने की कोशिश क्यों न कर ले। अब पुलिस आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर गाजियाबाद लेकर आ रही है, जहाँ उससे पूछताछ के दौरान इस साजिश के पीछे छिपे अन्य चेहरों और उसके आपराधिक इतिहास के बारे में कई और बड़े खुलासे होने की पूरी संभावना है।